नेपाल वर्षों तक दलितों से किए गये भेदभाव को लेकर माफी मांगने की तैयारी
सुरेंद्र कुमार गुप्ता
नेपाल वर्षों तक दलितों से किए गये भेदभाव को लेकर माफी मांगने की तैयारी कर रहा है। नेपाल की नई सरकार का कहना है कि वह आखिरकार इस अन्याय को स्वीकार करने के लिए तैयार है। प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह के प्रशासन ने रविवार को घोषणा की है कि नेपाल, पहली बार दलित समुदाय से औपचारिक रूप से माफी मांगेगा। इसके अलावा नेपाल की नई सरकार की 100-दिन की शासन-सुधार कार्ययोजना के तहत दो हफ्तों के भीतर एक सुधार कार्यक्रम शुरू करने का भी वादा किया है। इसका मकसद समावेशी पुनर्वास, ऐतिहासिक मेल-मिलाप और सामाजिक न्याय के लिए आधार तैयार करना है।
नेपाल की दलित सोसाइटी डेवलपमेंट फोरम के अध्यक्ष नेपाली ने कहा है कि ‘राज्य की तरफ से मांगी गई औपचारिक माफी हमारे जख्मों पर मरहम का काम करेगी।’ नेपाली 40 साल की उम्र की एक सामाजिक कार्यकर्ता हैं और सुदूर-पश्चिमी ज़िले बैतड़ी में ‘दलित समाज विकास मंच’ की अध्यक्ष हैं। उन्होंने आगे कहा कि ‘लेकिन इन जख्मों को पूरी तरह भरने के लिए नेपाल सरकार को हमारे सभी गारंटीशुदा अधिकारों को प्रभावी ढंग से सुनिश्चित करना होगा। इससे हमें न्याय मिलेगा और हमारी गरिमा भी बनी रहेगी।’
