नीतीश कुमार के इस आंतरिक गुण के कारण क्या आरसीपी सिंह की जदयू में वापसी संभव हो जाएगी
राज कुमार सिंह
पटना/नीतीश कुमार सेवा यात्रा पर निकले थे। इस यात्रा के दौरान उन्होंने कहा था, मुझ में एक ऐसा गुण है कि जो साथ छोड़ते हैं, वे वापस मेरे पास लौट आते हैं। घनघोर लड़ाई-झगड़ा भूल कर भी नीतीश कुमार अपने पुराने सहयोगियों को दोबारा स्वीकार कर लेते हैं। इस कड़ी में कई नाम हैं। ललन सिंह , उपेन्द्र कुशवाहा, अरुण कुमार जैसे नेता नीतीश कुमार से लड़े। न जाने क्या-क्या कहा। लेकिन अंत में नीतीश कुमार के पास लौट आये। तो क्या अब आरसीपी सिंह का नम्बर है ? नीतीश कुमार के इस ‘आंतरिक गुण’ के कारण क्या आरसीपी सिंह की जदयू में वापसी संभव हो जाएगी ।
रविवार को कुर्मी समाज के एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मुख्य अतिथि थे। वे मंच पर बैठे थे। कुर्मी समाज से ताल्लुक रखने के कारण आरसीपी सिंह भी इस कार्यक्रम में आये थे। वे दर्शक दीर्घा में नीचे बैठे थे। इस कार्यक्रम में दोनों के बीच कोई मुलाकात या बात नहीं हुई। लेकिन कार्यक्रम के बाद आरसीपी सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा चार साल से भले उनसे (नीतीश कुमार) आमना-सामना नहीं हुआ लेकिन रिश्तों में कोई दूरी नहीं आयी है। यह संबंध परमानेंट है और रहेगा RCP सिंह के नीतीश कुमार से तब से संबंध है जब वो वाजपेयी सरकार में रेल मंत्री थे। वो 2022 में नीतीश कुमार से अलग हुए थे।

