शैक्षणिक सत्र 2027–28 के लिए वर्ग VI, VII, VIII एवं IX में कुल 1,604 रिक्त सीटों पर होगा नामांकन : DM।। 2. जिले की सड़कों एवं पुलों को दुरुस्त करने की व्यापक पहल 69 टीमों का हुआ गठन :DM ।। 3.दीपावली एवं छठ महापर्व को लेकर जिला शांति समिति की बैठक शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित आयोजन पर जोर डीएम ने आपसी प्रेम, भाईचारा एवं शांति सद्भाव के साथ पर्व मनाने की अपील :DM ।। 4. राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक डीएम एसएसपी ने किया इवीएम वेयरहाउस का निरीक्षण
न्यूज डेस्क
मधुबनी/बिहार सरकार के पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा राज्य के सभी जिलों में संचालित 39 अन्य पिछड़ा वर्ग कन्या आवासीय +2 उच्च विद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2027–28 के लिए नामांकन की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इन विद्यालयों में पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग की छात्राओं को निःशुल्क आवासन एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।
विभाग द्वारा जारी सूचना के अनुसार, वर्ग VI में 1,560, वर्ग VII में 16, वर्ग VIII में 12 तथा वर्ग IX में 16 संभावित रिक्त सीटों के विरुद्ध नामांकन लिया जाएगा। इस प्रकार कुल 1,604 सीटों पर छात्राओं को नामांकन का अवसर मिलेगा।
आवेदन एवं परीक्षा की महत्वपूर्ण तिथियां
ऑनलाइन आवेदन की अवधि: 05 नवंबर 2026 से 29 नवंबर 2026 तक।
प्रवेश पत्र जारी होने की तिथि: 11 जनवरी 2027।
प्रवेश परीक्षा की तिथि: 17 जनवरी 2027 (रविवार)।
परीक्षा परिणाम प्रकाशन: 05 फरवरी 2027।
मेधा सूची का प्रकाशन: 12 फरवरी 2027।
नामांकन की अवधि: 15 फरवरी से 27 फरवरी 2027 तक।
कक्षा प्रारंभ: 01 अप्रैल 2027।
नामांकन की पात्रता एवं परीक्षा प्रक्रिया
नामांकन वस्तुनिष्ठ परीक्षा के आधार पर किया जाएगा। परीक्षा कुल 100 अंकों की होगी, जिसमें हिंदी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान एवं सामाजिक विज्ञान विषयों से प्रत्येक के 20-20 अंकों के प्रश्न पूछे जाएंगे।
आयु सीमा की गणना 01 अप्रैल 2027 के आधार पर की जाएगी। वर्ग VI के लिए 10 से 13 वर्ष, वर्ग VII के लिए 11 से 14 वर्ष, वर्ग VIII के लिए 12 से 15 वर्ष तथा वर्ग IX के लिए 13 से 16 वर्ष निर्धारित की गई है।
आवेदन करने वाली छात्राओं के माता-पिता अथवा अभिभावक की वार्षिक आय अधिकतम तीन लाख रुपये होनी चाहिए। परीक्षा एवं नामांकन की प्रक्रिया पूरी तरह निःशुल्क है।
ऑनलाइन आवेदन एवं आवश्यक दस्तावेज
इच्छुक अभ्यर्थी विभागीय पोर्टल https://bcebcbonline.bihar.gov.in के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के दौरान अंचल द्वारा निर्गत जाति, आय एवं आवासीय प्रमाण-पत्र, फोटोग्राफ तथा हस्ताक्षर निर्धारित स्थान पर अपलोड करना अनिवार्य होगा।
नामांकन के लिए जन्मतिथि वही मान्य होगी, जो अभ्यर्थी के शैक्षणिक प्रमाण-पत्र अथवा विद्यालय परित्याग प्रमाण-पत्र (S.L.C.) में अंकित है।
नामांकन से संबंधित विस्तृत जानकारी, जिलेवार रिक्त सीटों का विवरण एवं अन्य दिशा-निर्देश विभागीय वेबसाइट https://bcebcbonline.bihar.gov.in/schoolmis/Default.aspx पर उपलब्ध हैं। इच्छुक छात्राएं एवं उनके अभिभावक निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवेदन कर इस निःशुल्क आवासीय शिक्षा योजना का लाभ उठा सकते हैं।
2. जिले की सड़कों एवं पुलों को दुरुस्त करने की व्यापक पहल 69 टीमों का हुआ गठन :DM
मधुबनी जिले के सर्वांगीण विकास को गति प्रदान करने, आधारभूत संरचनाओं को सुदृढ़ बनाने तथा आम नागरिकों को सुचारु, सुगम एवं सुरक्षित आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला पदाधिकारी श्री आनंद शर्मा द्वारा कायाकल्प अभियान के तहत व्यापक पहल की गई है। इस अभियान के अंतर्गत जहां सरकारी विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों एवं स्वास्थ्य केंद्रों का जीर्णोद्धार कर उन्हें स्वच्छ, सुंदर, सुरक्षित एवं जनोपयोगी बनाया जा रहा है, वहीं अब जिले की सड़कों एवं पुल-पुलियों को भी सुदृढ़, सुरक्षित एवं आवागमन के अनुकूल बनाने की दिशा में ठोस कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
इसी कड़ी में आम नागरिकों, विशेषकर महिलाओं, व्रतियों एवं श्रद्धालुओं की सुविधा, सम्मान और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जिला पदाधिकारी श्री आनंद शर्मा ने जिले की सड़कों एवं पुलों की व्यापक जांच एवं आकलन कर आवश्यक मरम्मत सुनिश्चित कराने का निर्णय लिया है। इसका उद्देश्य यह है कि पर्व के दौरान एवं बाद मे भी लोगों को अपने घरों से घाटों तक पहुंचने तथा अन्य आवश्यक कार्यों के लिए आवागमन करने में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना नहीं करना पड़े।
इस कार्य को योजनाबद्ध, प्रभावी एवं समयबद्ध तरीके से संपन्न कराने के लिए जिलाधिकारी द्वारा जिले में कुल 69 जांच टीमों का गठन किया गया है। प्रत्येक टीम में संबंधित विभाग के सहायक अभियंता/कनीय अभियंता के साथ-साथ प्रखंडों के वरीय पदाधिकारियों को शामिल किया गया है। सभी टीमों को उनके क्षेत्राधीन निर्धारित सड़कों की सूची उपलब्ध कराते हुए स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि वे स्थल निरीक्षण कर सड़कों की वर्तमान स्थिति, क्षतिग्रस्त हिस्सों, गड्ढों, पुल-पुलियों की स्थिति तथा आवश्यक मरम्मत कार्यों का विस्तृत आकलन करें और अद्यतन प्रतिवेदन उपलब्ध कराएं।
जांच प्रतिवेदन के आधार पर पथ निर्माण विभाग, ग्रामीण कार्य विभाग, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण एवं बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के अधीन आने वाली सड़कों तथा पुल-पुलियों की आवश्यक मरम्मत कराई जाएगी। जिला पदाधिकारी ने संबंधित विभागों के कार्यपालक अभियंताओं को स्पष्ट निर्देश दिया है कि जांच प्रतिवेदन प्राप्त होते ही मरम्मत कार्य अविलंब प्रारंभ करें ताकि आम लोग शीघ्र लाभान्वित हो सके।
इस संबंध में जिला पदाधिकारी ने संबंधित विभागों के कार्यपालक अभियंताओं को कहा है कि सड़कों एवं पुलों की मरम्मत में किसी प्रकार की शिथिलता अथवा अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरे किए जाएं। साथ ही कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही एवं गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी निगरानी रखने का भी निर्देश दिया गया है।
जिला पदाधिकारी की इस पहल का सीधा लाभ जिले के आम नागरिकों को मिलेगा। विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों से छठ घाटों तक जाने वाली महिलाओं, व्रतियों, बुजुर्गों एवं बच्चों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। सड़कों के गड्ढों एवं क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत से दुर्घटनाओं की आशंका कम होगी तथा दैनिक आवागमन, स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच, विद्यार्थियों के विद्यालय आने-जाने और अन्य आवश्यक गतिविधियों को भी सहूलियत मिलेगी।
जिलाधिकारी की इस पहल में केवल पर्व के अवसर पर अस्थायी सुविधा उपलब्ध कराने का उद्देश्य नहीं है, बल्कि जिले की आधारभूत संरचनाओं को बेहतर बनाकर आम लोगों के जीवन को अधिक सुविधाजनक, सुरक्षित एवं सुगम बनाना प्रमुख लक्ष्य है। 69 टीमों के माध्यम से जमीनी स्तर पर जांच, विभागवार जिम्मेदारी का निर्धारण तथा समयबद्ध मरम्मत की व्यवस्था इस दिशा में प्रशासन की सक्रियता, संवेदनशीलता एवं जनहित के प्रति प्रतिबद्धता है।
3.दीपावली एवं छठ महापर्व को लेकर जिला शांति समिति की बैठक संपन्न: शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित आयोजन पर जोर डीएम ने आपसी प्रेम, भाईचारा एवं शांति सद्भाव के साथ पर्व मनाने की अपील की
मधुबनी/दीपावली एवं छठ महापर्व के सफल, सुचारू, सुरक्षित एवं शांतिपूर्ण आयोजन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला पदाधिकारी श्री आनंद शर्मा की अध्यक्षता में जिला शांति समिति की बैठक समाहरणालय मे की गई। बैठक में वरीय पुलिस अधीक्षक, शांति समिति के सदस्यगण एवं एसडीएम, एसडीपीओ तथा अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।
इस दौरान दोनों पर्वों के अवसर पर जिले में शांति व्यवस्था, विधि व्यवस्था, सुरक्षा एवं आम नागरिकों की सुविधा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए जिला पदाधिकारी श्री आनंद शर्मा ने कहा कि दीपावली प्रेम, भाईचारे एवं प्रकाश का महान पर्व है, जबकि छठ महापर्व श्रद्धा, भक्ति, पवित्रता एवं लोक आस्था का महान पर्व है। दोनों ही पर्व सामाजिक समरसता, आपसी सद्भाव एवं सकारात्मकता का संदेश देते हैं। उन्होंने जिलेवासियों से अपील की कि वे दोनों पर्वों को पूरे उत्साह, उमंग एवं पारंपरिक उल्लास के साथ मनाएं, लेकिन इस दौरान शांति, सद्भाव एवं सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें।
जिलाधिकारी ने कहा कि पर्व के दौरान सभी समुदायों के लोग आपसी सहयोग, सम्मान एवं भाईचारे की भावना बनाए रखें। किसी भी प्रकार की अफवाह, भ्रामक सूचना अथवा असामाजिक गतिविधियों को बढ़ावा नहीं दें। उन्होंने जिला शांति समिति के सदस्यों से भी अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों को जागरूक करने तथा शांति एवं सद्भाव का वातावरण बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।
बैठक में जिला पदाधिकारी ने शांति समिति के सदस्यों से पर्वों के सफल आयोजन को लेकर आवश्यक सुझाव एवं फीडबैक भी प्राप्त किया। सदस्यों द्वारा स्थानीय स्तर पर आवश्यक व्यवस्थाओं एवं सुरक्षा से संबंधित सुझाव दिए गए। जिलाधिकारी ने संबंधित पदाधिकारियों को प्राप्त सुझावों पर गंभीरतापूर्वक विचार कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
इस अवसर पर वरीय पुलिस अधीक्षक ने कहा कि दीपावली एवं छठ महापर्व के दौरान शांति व्यवस्था एवं विधि व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी एवं पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की जाएगी। संवेदनशील स्थलों एवं प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन पूरी सतर्कता एवं तत्परता के साथ कार्य करेगा, ताकि दोनों पर्व शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित वातावरण में संपन्न हों।
अधिकारीद्वय ने शांति समिति के सदस्यों एवं आम नागरिकों से प्रशासन को सहयोग करने तथा किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि अथवा अफवाह की सूचना तत्काल प्रशासन एवं पुलिस को देने की अपील की।
दीपावली के दौरान क्या करें और क्या न करें
क्या करें :
1. दीप एवं दीये जलाते समय सुरक्षित स्थान का चयन करें तथा ज्वलनशील वस्तुओं से दूरी बनाए रखें।
2. पटाखे केवल खुले एवं सुरक्षित स्थान पर ही सावधानीपूर्वक जलाएं।
3. बच्चों को पटाखे जलाते समय अकेला नहीं छोड़ें तथा बड़ों की निगरानी में ही आतिशबाजी करने दें।
4. पटाखे जलाते समय सूती एवं सुरक्षित कपड़े पहनें।
5. आग से बचाव के लिए घर में पानी, बालू एवं प्राथमिक उपचार की व्यवस्था रखें।
6. बुजुर्गों, बच्चों, बीमार व्यक्तियों एवं पशु-पक्षियों की सुविधा और सुरक्षा का ध्यान रखें।
7. किसी भी दुर्घटना अथवा आग लगने की स्थिति में तत्काल संबंधित विभाग को सूचना दें।
क्या न करें :
1. बंद कमरे, भीड़भाड़ वाले स्थानों, सड़कों एवं पेट्रोल पंप के आसपास पटाखे न जलाएं।
2. हाथ में पकड़कर पटाखे न जलाएं तथा जलते हुए पटाखों के ऊपर झुककर न देखें।
4. पटाखों को बिजली के तारों, गैस सिलेंडर एवं ज्वलनशील पदार्थों के निकट न रखें।
5. पटाखे जलाने के लिए माचिस अथवा लाइटर बच्चों को न दें।
6. किसी भी प्रकार की अफवाह अथवा भ्रामक सूचना सोशल मीडिया पर साझा न करें।
7. ध्वनि एवं वायु प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों से बचें।
छठ महापर्व के दौरान क्या करें और क्या न करें
क्या करें :
1. छठ घाटों पर प्रशासन द्वारा निर्धारित सुरक्षित एवं स्वच्छ स्थानों पर ही पूजा-अर्चना करें।
2. घाटों पर जाने एवं लौटने के दौरान निर्धारित मार्ग एवं यातायात व्यवस्था का पालन करें।
3. नदी, तालाब एवं अन्य जलाशयों में स्नान अथवा अर्घ्य देने के दौरान विशेष सावधानी बरतें।
4. बच्चों एवं बुजुर्गों को जलाशयों के आसपास अकेला न छोड़ें।
5. गहरे पानी वाले स्थानों से दूर रहें तथा प्रशासन द्वारा लगाए गए सुरक्षा संकेतों का पालन करें।
6. घाटों पर स्वच्छता बनाए रखें तथा पूजा सामग्री निर्धारित स्थान पर ही रखें।
7. किसी भी आपात स्थिति में प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी एवं बचाव दल को तत्काल सूचना दें।
8. छठ घाटों पर भीड़ नियंत्रण एवं सुरक्षा व्यवस्था में प्रशासन का सहयोग करें।
क्या न करें :
1. खतरनाक एवं अधिक गहराई वाले जलाशयों में प्रवेश न करें।
2. बैरिकेडिंग एवं प्रतिबंधित क्षेत्रों को पार न करें।
3. घाटों पर अनावश्यक भीड़, धक्का-मुक्की एवं अफरा-तफरी की स्थिति उत्पन्न न करें।
4. जलाशयों में प्लास्टिक, कचरा एवं पूजा सामग्री इधर-उधर न फेंकें।
5. बच्चों को बिना निगरानी के पानी के आसपास न जाने दें।
6. घाटों पर आतिशबाजी एवं अन्य जोखिमपूर्ण गतिविधियां न करें।
7. किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और बिना पुष्टि के कोई सूचना प्रसारित न करें।
जिलधिकारी ने जिलेवासियों से अपील की है कि दीपावली एवं छठ महापर्व को आपसी प्रेम, भाईचारे, श्रद्धा एवं सामाजिक सद्भाव के साथ मनाएं। प्रशासन द्वारा की जा रही सुरक्षा एवं सुविधा संबंधी व्यवस्थाओं में सहयोग करें, ताकि दोनों पर्व जिले में शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हो सकें।
4. राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक, डीएम एसएसपी ने किया इवीएम वेयरहाउस का निरीक्षण
मधुबनी/भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली के निर्देशों के आलोक में ईवीएम एवं वीवीपैट वेयरहाउस की सुरक्षा, रखरखाव एवं निर्धारित मानकों के अनुपालन को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सजग एवं प्रतिबद्ध है। इसी क्रम में शुक्रवार को जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-जिला पदाधिकारी श्री आनंद शर्मा एवं वरीय पुलिस अधीक्षक श्री योगेंद्र कुमार द्वारा गिरधारी पब्लिक लाइब्रेरी स्थित ईवीएम वेयरहाउस का संयुक्त मासिक बाह्य निरीक्षण किया गया। इसके अतिरिक्त जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की गई तथा आवश्यक जानकारी साझा की गई।
संयुक्त निरीक्षण के दौरान जिला निर्वाचन पदाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक ने वेयरहाउस की सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरों की क्रियाशीलता, परिसर की साफ-सफाई तथा सुरक्षा संबंधी अन्य इंतजामों का जायजा लिया। निरीक्षण के क्रम में उप निर्वाचन पदाधिकारी एवं ईवीएम वेयरहाउस में प्रतिनियुक्त कर्मी भी उपस्थित रहे।
जिला पदाधिकारी ने संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों को निर्देश दिया कि ईवीएम एवं वीवीपैट वेयरहाउस की सुरक्षा में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। वेयरहाउस की सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता तथा परिसर की साफ-सफाई पर नियमित निगरानी रखी जाए। सीसीटीवी कैमरों की क्रियाशीलता एवं सुरक्षा संबंधी सभी व्यवस्थाओं का नियमित निरीक्षण करते हुए आवश्यकतानुसार त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
जिलाधिकारी ने वेयरहाउस में प्रतिनियुक्त कर्मियों को अपने दायित्वों का पूरी सतर्कता एवं जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि ईवीएम एवं वीवीपैट की सुरक्षा निर्वाचन प्रक्रिया का अत्यंत महत्वपूर्ण हिस्सा है। अतः इससे संबंधित सभी व्यवस्थाएं निर्धारित प्रोटोकॉल एवं दिशा-निर्देशों के अनुरूप सुनिश्चित की जानी चाहिए।
राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ आयोजित बैठक में वेयरहाउस की सुरक्षा एवं रखरखाव से संबंधित व्यवस्थाओं की भी जानकारी दी गई। बैठक का उद्देश्य निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना तथा राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को ईवीएम वेयरहाउस से संबंधित व्यवस्थाओं से अवगत कराना था। जिला पदाधिकारी ने प्रतिनिधियों से आवश्यक सुझाव एवं फीडबैक भी प्राप्त किया।
जिला प्रशासन द्वारा ईवीएम एवं वीवीपैट वेयरहाउस की सुरक्षा व्यवस्था की नियमित निगरानी की जा रही है। मासिक निरीक्षण एवं राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ संवाद की यह व्यवस्था निर्वाचन संबंधी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता, सतर्कता एवं निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुपालन को सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
जिला पदाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वेयरहाउस की सुरक्षा एवं रखरखाव से जुड़े सभी कार्यों का नियमित अनुश्रवण करें तथा निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुरूप सभी व्यवस्थाओं को सदैव दुरुस्त रखें।
[06/11, 4:57 pm] +91 79922 56033: विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण-2027 को लेकर राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक, मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने पर जोर12 नवंबर को मतदाता सूची के प्रारूप का होगा प्रकाशन, 4 जनवरी 2027 को अंतिम मतदाता सूची होगी प्रकाशित 21-22 नवंबर एवं 5-6 दिसंबर को सभी मतदान केंद्रों पर विशेष अभियान दिवस का होगा आयोजन पात्र नागरिकों का नाम जोड़ने एवं अपात्र नामों को हटाने के लिए बीएलए की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित अर्हता तिथि 01 जनवरी 2027 के आधार पर मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण-2027 की तैयारी एवं सफल क्रियान्वयन को लेकर जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-जिला पदाधिकारी श्री आनंद शर्मा के निर्देशानुसार गुरुवार को राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में उप निर्वाचन पदाधिकारी श्री प्रशांत शेखर ने विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण से संबंधित कार्यक्रम, निर्धारित समय-सीमा एवं मतदाता सूची की अद्यतन स्थिति की विस्तृत जानकारी दी।
बैठक में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को बताया गया कि जिले में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण के तहत मतदाता सूची को अधिक शुद्ध, अद्यतन एवं त्रुटिरहित बनाने की कार्रवाई की जा रही है। इस क्रम में मतदाता सूची का प्रारूप प्रकाशन 12 नवंबर 2026 को किया जाएगा। इसके बाद 12 नवंबर से 11 दिसंबर 2026 तक दावा एवं आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी। प्राप्त दावा-आपत्तियों का निराकरण 18 दिसंबर 2026 तक किया जाएगा तथा मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 4 जनवरी 2027 को निर्धारित है।
उप निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि जिले में पूर्व में प्रकाशित मतदाता सूची में कुल 31,09,890 मतदाता दर्ज थे, जबकि अद्यतन मतदाता सूची में मतदाताओं की संख्या बढ़कर 31,69,422 हो गई है। अंतिम प्रकाशन के उपरांत अब तक कुल 80,219 मतदाताओं का प्रपत्र-6 के माध्यम से पंजीकरण तथा 23,457 मतदाताओं के नाम प्रपत्र-7 के माध्यम से विलोपन किए जाने की जानकारी भी बैठक में साझा की गई।
बैठक में राजनीतिक दलों से अनुरोध किया गया कि वे अपने स्तर से नियुक्त बूथ लेवल एजेंट (BLA) की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें। जिन राजनीतिक दलों ने अभी तक अपने बीएलए की नियुक्ति नहीं की है, उनसे शीघ्र नियुक्ति करने की अपील की गई, ताकि बीएलए एवं बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) के बीच समन्वय स्थापित कर पात्र मतदाताओं का नाम जोड़ने तथा अपात्र प्रविष्टियों के विलोपन की प्रक्रिया में सहयोग मिल सके।
विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण के दौरान 21 एवं 22 नवंबर तथा 5 एवं 6 दिसंबर 2026 को सभी मतदान केंद्रों पर विशेष अभियान दिवस (कैंप) आयोजित किए जाएंगे। इन दिनों मतदान केंद्रों पर पात्र नागरिकों के पंजीकरण एवं मतदाता सूची से संबंधित दावा-आपत्तियों के लिए विशेष व्यवस्था रहेगी। जिला प्रशासन ने राजनीतिक दलों एवं आम नागरिकों से इन विशेष अभियान दिवसों की जानकारी अधिकाधिक लोगों तक पहुंचाने की अपील की।
बैठक में यह भी बताया गया कि ऐसे सभी पात्र नागरिक, जिनका अभी तक मतदाता सूची में पंजीकरण नहीं हुआ है, 01 जनवरी 2027 को 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले भावी मतदाता तथा आगामी 1 अप्रैल, 1 जुलाई एवं 1 अक्टूबर 2027 को 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले युवा भी निर्धारित प्रावधानों के तहत अग्रिम आवेदन कर सकते हैं।
राजनीतिक दलों एवं आम नागरिकों से निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी के कार्यालय के सूचना पट्ट एवं विभागीय वेबसाइट पर उपलब्ध दावा-आपत्तियों से संबंधित प्रपत्रों का अवलोकन करने तथा आवश्यकतानुसार आवेदन करने का अनुरोध किया गया। बैठक में अवर निर्वाचन पदाधिकारी, सदर मधुबनी एवं जिला निर्वाचन कार्यालय के अन्य कर्मी उपस्थित थे।
जिला प्रशासन का उद्देश्य विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण के माध्यम से प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल करना तथा मतदाता सूची को शुद्ध, पारदर्शी एवं त्रुटिरहित बनाना है।

