चार महीने के बाद बिहार में 16 अक्टूबर से शुरू होगा बालू खनन 212 बालूघाटों से होगा खनन एवं उठाव
न्यूज डेस्क
पटना/ बिहार में मानसून अवधि के दौरान लगभग चार महीने तक स्थगित रहने के बाद 16 अक्टूबर 2026 से बालू खनन एवं उठाव का कार्य पुनः प्रारंभ होगा। राज्य के कुल 212 बालूघाटों से खनन शुरू किया जाएगा, जिनमें पीला बालू के 181 तथा उजला बालू के 31 घाट शामिल हैं। इससे निर्माण कार्यों के लिए बालू की उपलब्धता बढ़ने और निर्माण गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद है। खनन कार्य पर्यावरणीय मानकों एवं निर्धारित सरकारी नियमों के अनुपालन के साथ संचालित किया जाएगा।
इस अवसर पर खान एवं भूतत्व मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने कहा कि राज्य सरकार खनिज संसाधनों के सुव्यवस्थित, पारदर्शी एवं पर्यावरण अनुकूल उपयोग के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि खनिज संपदा का संरक्षण, वैध खनन को प्रोत्साहन, अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण तथा सरकारी राजस्व में वृद्धि विभाग की प्रमुख प्राथमिकताएं हैं। सरकार का प्रयास है कि आम लोगों को निर्माण कार्यों के लिए बालू की सहज उपलब्धता सुनिश्चित हो तथा खनन गतिविधियों में पारदर्शिता और जवाबदेही बनी रहे।
राजस्व संग्रह में 41.48 प्रतिशत की वृद्धि
खान एवं भूतत्व विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में राजस्व संग्रह के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। सितंबर 2026 तक विभाग को 1,220.53 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है, जबकि वित्तीय वर्ष 2025-26 की समान अवधि में यह राशि 862.64 करोड़ रुपये थी। इस प्रकार राजस्व संग्रह में 357.89 करोड़ रुपये की वृद्धि दर्ज की गई है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 41.48 प्रतिशत अधिक है।
मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने कहा कि राजस्व संग्रह में वृद्धि बेहतर प्रबंधन, प्रभावी निगरानी और नियमों के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए किए जा रहे प्रयासों का परिणाम है। विभाग का लक्ष्य राजस्व की सुरक्षा के साथ वैध खनन गतिविधियों को बढ़ावा देना और प्राकृतिक संसाधनों के दुरुपयोग को रोकना है।
अवैध खनन के विरुद्ध कार्रवाई में तेजी
विभाग द्वारा अवैध खनन, परिवहन एवं संबंधित अनियमितताओं के विरुद्ध कार्रवाई तेज की गई है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में सितंबर तक अवैध खनन के मामलों में 393 गिरफ्तारियां, 3,614 वाहनों की जब्ती तथा 52.71 करोड़ रुपये के दंड की वसूली की गई है।
वहीं, वित्तीय वर्ष 2025-26 की समान अवधि में 333 गिरफ्तारियां हुई थीं, 2,824 वाहन जब्त किए गए थे तथा 39.87 करोड़ रुपये का दंड वसूला गया था। इस प्रकार पिछले वर्ष की तुलना में गिरफ्तारियों में 60, जब्त वाहनों में 790 तथा दंड वसूली में 12.84 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि अवैध खनन के प्रति सरकार की नीति सख्त है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी। खनिज संपदा की रक्षा, राजस्व की हानि पर रोक तथा वैध खनन व्यवस्था को मजबूत करना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
नौ नए नीलामित बालूघाटों से बढ़ेगी आपूर्ति
विभाग द्वारा पिछले चार महीनों के दौरान अननीलामित 10 बालूघाटों की निविदा प्रक्रिया पूरी की गई है। इनमें से नौ बालूघाटों पर मार्च 2027 से खनन शुरू होने की संभावना है। इनसे सरकार को लगभग 76 करोड़ रुपये के राजस्व की प्राप्ति होने का अनुमान है।
विभाग का उद्देश्य खनिज संसाधनों का वैज्ञानिक एवं न्यायसंगत उपयोग सुनिश्चित करते हुए खनन क्षेत्र में सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करना है। बालू खनन की पुनः शुरुआत तथा नए नीलामित घाटों से आगामी महीनों में आपूर्ति बढ़ने की उम्मीद है। इससे निर्माण क्षेत्र की गतिविधियों, आर्थिक विकास और रोजगार सृजन को भी प्रोत्साहन मिल सकता है।
राज्य सरकार पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखते हुए वैध खनन गतिविधियों के संचालन, अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण और राजस्व संग्रह में निरंतर सुधार के लिए प्रतिबद्ध है। विभाग का संकल्प है कि बिहार की खनिज संपदा का उपयोग जनहित, पर्यावरण संरक्षण, रोजगार सृजन और राज्य के आर्थिक विकास को ध्यान में रखकर किया जाए।

