आठ साल जेल में रहकर लिखी रामायण अच्छे आचरण पर राज्यपाल ने माफ की उम्रकैद की सजा
सेंट्रल डेस्क
उत्तर प्रदेश / कन्नौज में उम्रकैद की सजा काट रहे सेवानिवृत्त पोस्टमास्टर नक्षत्र सहाय दुबे की सजा राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने माफ कर दी है। जेल में अच्छे आचरण और दया याचिका के आधार पर यह निर्णय लिया गया।
छिबरामऊ के कसावा गांव निवासी नक्षत्र सहाय दुबे ने राजनीति शास्त्र से एमए करने के बाद पोस्टमास्टर के पद पर नौकरी की थी। 4 मई 2004 को लोकसभा चुनाव के दौरान तालग्राम थाना क्षेत्र में हरीराम यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मामले में हरीराम के पिता मेवाराम ने नक्षत्र सहाय दुबे के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। 7 जून 2017 को अदालत ने उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई।
जेल में करीब आठ वर्ष रहने के दौरान उन्होंने रामायण से जुड़े सात खंड काव्यों की रचना की। इनमें कैकेयी चरित्र, भरत चरित्र, सीता वनवास, विभीषण शरणागत और लंका विजय सहित अन्य रचनाएं शामिल हैं।
उनकी पत्नी पुष्पा देवी ने 2023 में राज्यपाल और मुख्यमंत्री से रिहाई की अपील की थी। 22 सितंबर 2026 को राज्यपाल ने उनके अच्छे आचरण को देखते हुए उम्रकैद की सजा माफ कर दी।

