देश - विदेशबड़ी खबरेबिहार

अब राज्य के किसान मछली पालन के साथ उगाएंगे मोती ।। 2. जुलाई तक ग्रामीण क्षेत्रों में स्ट्रीट लाइट लगाने का काम पूरा करें: मंत्री

बिहार हलचल न्यूज ,जन जन की आवाज
Listen to this article

राजकुमार यादव 

पटना /राज्य के किसान डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के प्रयास से मोती पालन कर अपनी आमदनी बढ़ा सकेंगे। इस वर्ष, यानी वर्ष 2026-27 में, मत्स्य प्रजाति विविधीकरण योजना के तहत मछली के साथ मोती और झींगा पालन को बढ़ावा दिया जाएगा। माना जा रहा है कि इस पहल से किसान एक साथ कई प्रकार की जलीय कृषि कर न सिर्फ अपनी आय बढ़ा सकते हैं, बल्कि यह जलवायु अनुकूल खेती के लिए भी कारगर साबित हो सकता है।
वर्ष 2026-27 में 100 यूनिट, यानी करीब 50 एकड़ में मोती पालन का लक्ष्य है। एक अनुमान के मुताबिक, इससे 1.2 लाख मोती का उत्पादन हो सकेगा। लाभुकों के चयन के लिए विभाग मत्स्य प्रजाति विविधीकरण योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित करेगा।
इस योजना के तहत मोती पालकों को 60 प्रतिशत का भारी अनुदान दिया जाएगा। समय की मांग और अधिक मुनाफे के लिए मछली पालन के साथ-साथ मोती पालन में किसानों की रुचि बढ़ी है। इस मांग को देखते हुए राज्य सरकार इस वर्ष उपलब्ध जल निकायों और तालाबों में मोती पालन की योजना शुरू करने जा रही है।
बिहार में मोती पालन की है असीम संभावनाएं
भारत तथा अन्य देशों में मोती की मांग लगातार बढ़ रही है। भारत अपनी घरेलू मांग को पूरा करने के लिए प्रतिवर्ष अंतरराष्ट्रीय बाजार से काफी अधिक मात्रा में संवर्धित, यानी कल्चर्ड मोती का आयात करता है।
वैज्ञानिकों ने पाया है कि बिहार में इसकी अपार संभावनाएं हैं। हाल के वर्षों में मीठे पानी का मोती संवर्धन कुल मोती उत्पादन का एक बड़ा हिस्सा रहा है। मीठे पानी के मोती संवर्धन में समुद्री मोती संवर्धन की तुलना में कई फायदे हैं, जैसे प्रचुर मात्रा में खेती योग्य क्षेत्र उपलब्ध होना और शिकारी जीवों की कमी आदि। इस कारण यह अधिक किफायती है।
भारत, चीन, जापान, कोरिया, मलेशिया और म्यांमार जैसे कई एशियाई देशों में बड़े पैमाने पर मीठे पानी के मोती संवर्धन को विकसित कर अपनाया गया है और मोतियों की वैश्विक मांग को पूरा करने के लिए नए अनुसंधान किए जा रहे हैं। केंद्रीय मीठा जल जीव पालन संस्थान (सीआईएफए), भुवनेश्वर ने देश भर में फैले मीठे जल निकायों में मीठे जल की मोती पालन या संवर्धन की प्रौद्योगिकी विकसित की है। साथ ही, मीठे पानी में मोती की खेती और उत्पादन पर शोध एवं तकनीक भी विकसित की गई है।

 

2. जुलाई तक ग्रामीण क्षेत्रों में स्ट्रीट लाइट लगाने का काम पूरा करें: मंत्री

पटना /पंचायती राज विभाग के माननीय मंत्री दीपक प्रकाश ने राज्य की पंचायतों में मुख्यमंत्री ग्रामीण सोलर स्ट्रीट लाइट योजना के तहत 15 जुलाई तक शेष सभी स्ट्रीट लाइटें लगाने का सख्त निर्देश दिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इसमें कोई कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बुधवार को विभागीय सभागार में आयोजित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में माननीय मंत्री ने विभागीय अधिकारियों और 26 एजेंसियों के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि 15 जुलाई तक हर पंचायत में स्ट्रीट लाइट लगाकर योजना को पूर्ण रूप से लागू करना है। यह माननीय मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी की प्राथमिकता वाली योजना है और इसे सफल बनाने की जिम्मेदारी हम सबकी है।
लापरवाह एजेंसियों पर विभागीय नियमानुसार कार्रवाई
माननीय मंत्री ने निर्देश दिया गया कि जिन जिलों में ससमय सोलर लाइट नहीं लगाई गईं है, उनपर नियमानुसार दंड लगाया जाए। सख्त लहजे में कहा कि लापरवाही बरतने वाली एजेंसियों का एग्रीमेंट तत्काल रद्द किया जाएगा और संबंधित कंपनियों को ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा। नए सिरे से एजेंसियों का चयन करके काम शुरू किया जाएगा। देर करने वाली एजेंसियों पर पेनाल्टी लगाई जाएगी और संबंधित जिलों के अधिकारियों से जवाब तलब किया जाएगा।
योजना की जिलेवार होगी जांच
माननीय मंत्री ने मुख्यालय स्तर से योजना की बारीकी से समीक्षा करने का निर्देश देते हुए कहा कि जिलेवार स्थिति की जांच सुनिश्चित की जाए। अगर स्थल निरीक्षण में फ्रॉड पाया गया तो एजेंसी को बख्शा नहीं जाएगा। काम में पूर्ण पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए‌।
एजेंसी मानवबल की संख्या बढाएं
बैठक में स्ट्रीट लाइटों की मरम्मती, रखरखाव और तकनीकी निगरानी पर भी विस्तार से चर्चा हुई। माननीय मंत्री ने कहा कि 15 जुलाई तक लक्ष्य की प्राप्ति के लिए एजेंसी मानवबल की संख्या बढ़ाये तथा काम तय समय तक पूरा करेंगे।
शिकायत निराकरण पर जोर
केंद्रीकृत निगरानी प्रणाली (सीएमएस) ऐप के माध्यम से प्राप्त शिकायतों का निवारण ससमय करने का निर्देश सभी एजेंसियों को दिया गया| साथ ही शिकायत निवारण प्रणाली को सुदृढ़ बनाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश सीएमएस एवं सभी एजेंसी को दिया गया। मंत्री ने सीएमएस पोर्टल पर सोलर स्ट्रीट लाइट के सिम रिचार्ज के दस्तावेज अपलोड करने की भी समीक्षा की और इसमें सुधार का निर्देश दिया।
समीक्षा के दौरान माननीय मंत्री दीपक प्रकाश ने कहा कि जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान सर्वोच्च प्राथमिकता है। एजेंसियों के नंबर पर आने वाली शिकायतों की स्थिति की समीक्षा विभाग स्तर पर होनी चाहिए। हर शिकायत का 24-48 घंटे के अंदर निराकरण सुनिश्चित हो।
सोलर स्ट्रीट लाइटों का इंटीग्रेशन
विभाग के सचिव श्री मनोज कुमार ने कहा कि सभी एजेंसी 15 जुलाई तक सोलर स्ट्रीट लाईटों को लगाते हुए उसका शत-प्रतिशत इंटीग्रेशन करवाना सुनिश्चित करेंगे। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। पहले और दूसरे चरण की एजेंसियों को 15 दिनों के अंदर शेष काम पूरा करने का निर्देश दिया। सचिव ने कहा कि अधिक समय तक लाइट फॉल्ट रहने पर एजेंसी को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा। यह प्रावधान सख्ती से लागू होगा।
इस बैठक में विभाग के निदेशक श्री नवीन कुमार सिंह, संयुक्त सचिव श्री शम्स जावेद अंसारी, ब्रेडा के प्रतिनिधि सहित अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी और सभी एजेंसियों के प्रतिनिधि मौजूद थे।