ट्रांसफर के 3 दिन बाद सीओ ने किया 47 पर केस, मेयर-डिप्टी मेयर के रिश्तेदार शामिल, शहर मचा हरकंप
पंकज कुमार
मधुबनी /मधुबनी शहर के तिलक चौक के पास स्थित करीब 4 दशक पुराने सरकारी पोखर पर कथित अतिक्रमण के मामले में मेयर अरुण राय के पुत्र प्रशांत कुमार, डिप्टी मेयर अमाउल्लाह खान और उनके रिश्तेदारों समेत कुल 47 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
इस मामले को लेकर शनिवार से ही शहर का तापमान बढ़ा हुआ था। रविवार को पूरे दिन इस पर चर्चा होती रही।
सबसे बड़ा सवाल ट्रांसफर के बाद केस क्यों
सबसे हैरानी की बात ये है कि जिस प्रभारी अंचल अधिकारी सुरेश कुमार ने प्राथमिकी दर्ज कराई है, उनका ट्रांसफर 30 जून को ही हो चुका था। उनका तबादला पूर्णिया में राजस्व अधिकारी सह कानूनगो, जिला भूर्जन कार्यालय में हुआ था। उन्होंने आरओ अर्चना कुमारी को चार्ज दे दिया था। उसके बाद फिर उन्होंने चार्ज लिया और 3 जुलाई की रात में केस दर्ज कराया।खरीदारों का कहना है कि खाता नंबर 312 और खसरा नंबर 89 की जमीन सभी तरह के प्रतिबंध से मुक्त है। इसके आधार पर ही सभी ने जमाबंदी कराई और आज भी जमाबंदी कायम है। सवाल ये उठ रहा है कि जब अंचलाधिकारी, राजस्व अधिकारी और कर्मियों ने ही जमाबंदी की तो उन पर केस क्यों नहीं हुआ।
जब प्रभारी सीओ सुरेश कुमार से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उच्चाधिकारियों के आदेश पर प्राथमिकी कराई गई है ।पुलिस जांच में जैसे-जैसे और लोग दोषी पाए जाएंगे उनके खिलाफ भी प्राथमिकी होगी।
उन्होंने कहा कि रामबालक और अंचल अमीन रवि कुमार की रिपोर्ट पर उच्चाधिकारियों के आदेश पर केस कराया गया है।

