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पड़ोसी देश नेपाल के नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह (बालेन शाह) पर भारत-विरोधी मानसिकता अपनाने का आरोप : इंद्रजीत राय , राजद प्रवक्ता

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कृष्णा कुमार 

मधुबनी/राजद जिला प्रवक्ता इंद्रजीत राय ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है। की पड़ोसी देश नेपाल के नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह (बालेन शाह) पर भारत-विरोधी मानसिकता अपनाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि बालेन शाह की कार्यशैली और हालिया निर्णय भारत-नेपाल के पारंपरिक मैत्रीपूर्ण संबंधों के अनुरूप नहीं हैं। विशेष रूप से नेपाल की ओर से लागू किए जा रहे कठोर सीमा प्रबंधन पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इससे दोनों देशों के बीच सदियों से चले आ रहे बेटी-रोटी के संबंध प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत और नेपाल के बीच सांस्कृतिक, धार्मिक और सामाजिक संबंध अत्यंत गहरे हैं, जिन्हें प्रशासनिक कठोरता के माध्यम से कमजोर नहीं किया जाना चाहिए। राय ने अपने बयान में कहा कि नेपाल के प्रधानमंत्री द्वारा लिए गए कुछ निर्णयों से यह प्रतीत होता है कि भारत के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण नहीं अपनाया जा रहा है, जो दोनों देशों के हित में नहीं है।

उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों के बीच विश्वास और सहयोग की भावना को बनाए रखना आवश्यक है। विशेष रूप से बिहार के सीमावर्ती जिलों का उल्लेख करते हुए कहा कि नेपाल की नई नीतियों का प्रत्यक्ष असर सीतामढ़ी, मधुबनी, पूर्वी चम्पारण, पश्चिमी चम्पारण, दरभंगा और सुपौल सहित पूरे मिथिलांचल क्षेत्र के लोगों पर पड़ रहा है। इन क्षेत्रों के नागरिकों का नेपाल से पारिवारिक, व्यापारिक और धार्मिक संबंध लंबे समय से जुड़े रहे हैं। सीमा पार आवागमन में सख्ती से स्थानीय व्यापार, छोटे कारोबारियों और आम लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि मिथिलांचल के हजारों परिवारों के रिश्ते नेपाल से जुड़े हैं और शादी-विवाह, धार्मिक अनुष्ठान तथा दैनिक जीवन में दोनों देशों के बीच लगातार संपर्क बना रहता है। ऐसे में सीमा प्रबंधन की कठोरता से सामाजिक संबंधों पर भी असर पड़ना स्वाभाविक है। दोनों देशों की सरकारों से आग्रह किया कि वे आपसी संवाद के माध्यम से समस्याओं का समाधान निकालें और लोगों की भावनाओं का सम्मान करें। उन्होंने यह भी कहा कि भारत और नेपाल के संबंध केवल कूटनीतिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और आध्यात्मिक आधार पर स्थापित हैं।

भगवान राम और माता सीता से जुड़े धार्मिक स्थलों के कारण भी दोनों देशों के बीच विशेष धार्मिक जुड़ाव रहा है। ऐसे में दोनों देशों को आपसी सहयोग और समन्वय को प्राथमिकता देनी चाहिए। राजद प्रवक्ता ने उम्मीद जताई कि नेपाल की नई सरकार भविष्य में संतुलित और सकारात्मक नीति अपनाएगी, जिससे भारत-नेपाल संबंध और मजबूत होंगे तथा सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों को राहत मिल सकेगी।