जयनगर अंचल कार्यालय पर जन आक्रोश रैली के बैनर तले एक दिवसीय धरना, आठ सूत्री मांगों को लेकर उठी आवाज
सुरेश कुमार गुप्ता की रिपोर्ट
मधुबनी जिले के जयनगर में जन समस्याओं को लेकर सोमवार को जन आक्रोश रैली के बैनर तले एक दिवसीय धरना का आयोजन किया गया। यह धरना जयनगर अंचल कार्यालय परिसर में आयोजित हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों, किसानों, महिलाओं और युवाओं ने भाग लिया। धरना का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र की विभिन्न ज्वलंत समस्याओं को प्रशासन के समक्ष मजबूती से रखना और उनके शीघ्र समाधान की मांग करना था।
धरना कार्यक्रम की अध्यक्षता शंकर यादव ने की, जबकि संचालन राम भरोस यादव द्वारा किया गया। कार्यक्रम के दौरान कई वक्ताओं ने अपनी-अपनी बात रखते हुए क्षेत्र की समस्याओं पर विस्तार से प्रकाश डाला और प्रशासन से ठोस कार्रवाई की मांग की।
धरना में शामिल लोगों ने आठ सूत्री मांगों को प्रमुखता से उठाया। इन मांगों में सबसे अहम मांग खजौली विधानसभा क्षेत्र के भूमिहीन लोगों को चिन्हित कर उन्हें भूमि उपलब्ध कराने की थी। वक्ताओं ने कहा कि आज भी बड़ी संख्या में गरीब परिवार ऐसे हैं जिनके पास रहने और खेती के लिए जमीन नहीं है, जिससे उनका जीवन अत्यंत कठिन हो गया है। सरकार को चाहिए कि वह ऐसे लोगों की पहचान कर उन्हें जमीन मुहैया कराए, ताकि वे सम्मानजनक जीवन जी सकें।
इसके अलावा किसानों से जुड़ी समस्याएं भी प्रमुख रूप से उठाई गईं। धरनार्थियों ने मांग की कि किसानों को समय पर सिंचाई के लिए पानी और खाद उपलब्ध कराई जाए। वक्ताओं ने कहा कि खेती पूरी तरह मौसम और संसाधनों पर निर्भर होती है, ऐसे में यदि किसानों को समय पर पानी और खाद नहीं मिले तो उनकी फसल बर्बाद हो जाती है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।धरना में जयनगर अनुमंडल क्षेत्र में सक्रिय भू माफियाओं के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की मांग की गई। लोगों ने प्रशासन से अपील की कि ऐसे तत्वों को चिन्हित कर उनकी संपत्ति जब्त की जाए और उन्हें जेल भेजा जाए, ताकि आम लोगों की जमीन पर अवैध कब्जा रोका जा सके। इसी कड़ी में जयनगर अंचल कार्यालय में सक्रिय दलालों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग उठाई गई। धरनार्थियों का कहना था कि इन दलालों के कारण आम लोगों को अपने ही काम के लिए भटकना पड़ता है और भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलता है।जयनगर निबंधन कार्यालय में हो रही अनियमितताओं को लेकर भी लोगों ने नाराजगी जाहिर की। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि कुछ मामलों में इंजेक्शन शॉट लगाकर जमीन का गलत तरीके से निबंधन कराया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि ऐसे मामलों की जांच कर दोषी पदाधिकारियों पर कानूनी कार्रवाई की जाए और उन्हें पद से बर्खास्त किया जाए।धरना में जयनगर रेलवे के वाशिंग पिट से निकलने वाले केमिकल युक्त पानी का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। किसानों ने बताया कि इस पानी के कारण उनकी फसलें बर्बाद हो रही हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि इस समस्या का समाधान किया जाए और जिन किसानों की फसलें नुकसान हुई हैं, उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए।बेरोजगारी का मुद्दा भी धरना में गूंजता रहा। युवाओं ने सरकार से मांग की कि उन्हें उनकी योग्यता के अनुसार रोजगार दिया जाए या फिर बेरोजगारी भत्ता उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि रोजगार के अभाव में युवा वर्ग निराश हो रहा है, जिसका समाज पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।जयनगर नगर पंचायत में हुए कथित घोटाले की जांच की मांग भी जोर-शोर से उठाई गई। धरनार्थियों ने कहा कि इस मामले में छोटे से लेकर बड़े सभी कर्मचारियों की संपत्ति की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से कराई जाए और अवैध संपत्ति को जब्त किया जाए। साथ ही दोषियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।इसके अलावा जयनगर के परसा इलाके में पिछले 20 वर्षों से चल रहे भूमि विवाद के जल्द निपटारे की भी मांग की गई। वक्ताओं ने कहा कि इतने लंबे समय से विवाद का समाधान नहीं होना प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है और इससे स्थानीय लोगों को काफी परेशानी हो रही है।
धरना के दौरान चंदेश्वर प्रसाद गुप्ता, राम विलक्षण यादव, जगदीश राम, कुलती देवी, घुसी देवी, कंचन कुमारी, आशा देवी, मकिना खातून, पुरानी देवी सहित कई अन्य लोगों ने भी अपनी बात रखी और आंदोलन को समर्थन दिया। सभी वक्ताओं ने एकजुट होकर अपनी मांगों को दोहराया और चेतावनी दी कि यदि जल्द ही इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।धरना कार्यक्रम के अंत में प्रतिनिधिमंडल द्वारा एक ज्ञापन मजिस्ट्रेट को सौंपा गया, जिसमें सभी आठ सूत्री मांगों का विस्तृत उल्लेख किया गया था। ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की मांग की गई।कुल मिलाकर यह धरना कार्यक्रम क्षेत्र की समस्याओं को लेकर जनता की बढ़ती नाराजगी और जागरूकता को दर्शाता है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इन मांगों पर कितनी गंभीरता से विचार करता है और समस्याओं के समाधान के लिए क्या कदम उठाता है।

