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राज्यसभा सांसद के रुप में शपथ लेने पर स्वास्थ्य मंत्री ने दी नीतीश कुमार को बधाई व शुभकामनाएं ।। 2. .बिहार विधान सभा को बम से उड़ाने की धमकी भरा एक अज्ञात ई–मेल प्राप्त ,प्रभारी सचिव ने त्वरित संज्ञान ।। ज्ञान को जीवन में अपनाएं, कार्य होंगे अधिक प्रभावी: प्रधान सचिव।।. 4.बिहार के 46 पोलिटेकनिक संस्थानों में प्रथम वर्ष में नामांकन की प्रक्रिया शुरू ।। 5. बिहार कृषि ऐप पर अब मिलेगी उर्वरक की रियल टाइम जानकारी: मंत्री

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राजकुमार यादव 

पटना/ बिहार के स्वास्थ्य एवं विधि मंत्री श्री मंगल पांडेय ने माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ग्रहण करने पर हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं दीं हैं। उन्होंने कहा कि बिहार के विकास में श्री नीतीश कुमार जी का योगदान अतुलनीय है। जनसेवा के प्रति उनका समर्पण, सुशासन की छवि, कार्यों के प्रति प्रतिबद्धता और बिहार के समग्र विकास के लिए उनका सतत प्रयास हम सभी के लिए प्रेरणादायक है। उनके नेतृत्व में राज्य ने सतत विकास किया, आधारभूत संरचना और सामाजिक सशक्तिकरण के क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ हासिल की हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य व रोजगार सृजन समेत कई मामले में बिहार आगे बढ़ा। हम सभी की यह आशा है कि उनके अनुभव और दूरदर्शी सोच से देश को और अधिक मजबूती एवं नई दिशा प्राप्त होगी।

2.बिहार विधान सभा को बम से उड़ाने की धमकी भरा एक अज्ञात ई–मेल प्राप्त ,प्रभारी सचिव ने त्वरित संज्ञान 

पटना/पुलिस प्रशासन ने उक्त जानकारी के आलोक में त्वरित कार्रवाई करते हुए विधान सभा परिसर में ए.टी.एस., स्निफर डॉग्स एवं पुलिस द्वारा गहन जांच कराई। इस जांच में किसी भी प्रकार का विस्फोटक अथवा संदिग्ध वस्तु नहीं पाया गया। ऐसा प्रतीत होता है कि यह किसी असामाजिक/शरारती तत्व की करतूत थी। हालांकि पुलिस इस मामले की विधिवत जांच कर रही है।

माननीय अध्यक्ष डॉ० प्रेम कुमार ने कहा कि पूर्व में भी इस प्रकार की धमकी प्राप्त हुई थी, जिसपर पुलिस प्रशासन द्वारा त्वरित कार्रवाई की गई। आज भी विधान सभा परिसर में ए.टी.एस., स्निफर डॉग्स एवं पुलिस द्वारा गहन जांच की गई है। पुलिस प्रशासन द्वारा मामले की जांच की जा रही है।

3.ज्ञान को जीवन में अपनाएं, कार्य होंगे अधिक प्रभावी: प्रधान सचिव

पटना/जल संसाधन विभाग के तत्‍वावधान में शुक्रवार को अधिवेशन भवन में विभागीय अधिकारियों के लिए “स्ट्रेस मैनेजमेंट” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसका आयोजन मंत्री, जल संसाधन विभाग श्री विजय कुमार चौधरी के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यशाला का उद्घाटन विभाग के प्रधान सचिव श्री संतोष कुमार मल्‍ल ने दीप प्रज्‍जवलित कर किया।
इस अवसर पर प्रधान सचिव ने कहा कि इस प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान को अपने दैनिक जीवन में आत्मसात करते हुए सभी पदाधिकारी अपने कार्यों को अधिक प्रभावी एवं तनावमुक्त ढंग से संपादित कर सकते हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से आह्वान किया कि वे कार्यशाला में बताई गई बातों का पालन करने के लिए संकल्पित हों।
प्रशिक्षण सत्र में प्रशिक्षक श्री रिपु सदन ने ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ के माध्यम से जीवन जीने की कला पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि वर्तमान व्यस्त जीवनशैली में तनाव से दूर रहकर मन को शांत एवं संतुलित रखना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विभिन्न योग एवं ध्यान प्रक्रियाओं का अभ्यास कराया तथा तनाव प्रबंधन से संबंधित वीडियो के माध्यम से प्रतिभागियों को प्रेरित किया। उन्होंने यह भी बताया कि सकारात्मक सोच एवं नियमित अभ्यास के माध्यम से व्यक्ति सरल, स्वस्थ एवं खुशहाल जीवन व्यतीत कर सकता है।
इस कार्यशाला में अभियंता प्रमुख (बाढ़ नियंत्रण एवं जल निस्सरण) श्री वरुण कुमार, अभियंता प्रमुख (मुख्यालय) श्री ब्रजेश मोहन, अभियंता प्रमुख (सिंचाई सृजन) श्री अनवर जमील, विशेष सचिव श्री केडी. प्रौज्ज्वल, मंत्री के आप्त सचिव श्री ज्ञानेंद्र कुमार सहित विभाग के मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता, कार्यपालक अभियंता एवं अन्य वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।

4.बिहार के 46 पोलिटेकनिक संस्थानों में प्रथम वर्ष में नामांकन की प्रक्रिया शुरू

बिहार के सभी 46 सरकारी पोलिटेकनिक संस्थानों (डिप्लोमा) में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। पोलिटेकनिक के लिए डीसीईसीई-2026 के माध्यम से रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। जिसकी अंतिम तिथि 21 अप्रैल निर्धारित है।
विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार डिप्लोमा कोर्स के प्रथम वर्ष के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। डिप्लोमा (डीसीईसीई)-2026 के लिए भी प्रवेश परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। छात्र-छात्राओं के नामांकन मेरिट सूची के आधार पर किए जाएंगे। बिहार सरकार ने इन संस्थानों में छात्र-छात्राओं के लिए अत्यंत किफायती दर पर शुल्क संरचना की है। पोलिटेकनिक संस्थानों में नामांकन के लिए महज पांच रूपये के वार्षिक प्रवेश शुल्क के साथ ट्यूशन फीस के रूप में सिर्फ पांच रूपये प्रति माह की फीस निर्धारित है। इतना ही नहीं, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं दिव्यांग छात्रों के लिए निःशुल्क पढ़ाई के विशेष प्रावधान भी किये गए हैं। नामांकन, शैक्षणिक, आवासीय एवं अन्य संबंधित जानकारी के अभ्यर्थी www.bceceboard.bihar.gov.in पर प्राप्त कर सकते हैं।
विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार अन्य शुल्क के रूप में पोलिटेकनिक संस्थानों के प्रथम वर्ष के छात्र-छात्रों के लिए 1,500 रूपये का वार्षिक विकास शुल्क देय होगा। साथ ही, छात्र बीमा शुल्क के रूप में 300 रूपये सभी छात्र-छात्राओं के लिए नामांकन के समय देय होगा। इन संस्थानों में छात्र-छात्रों के लिए सभी आधुनिक एवं उभरते पाठ्यक्रम की व्यवस्था की गई है। जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), मशीन लर्निंग, फायर टेक्नॉलोजी एंड सेफ्टी, इलेक्ट्रॉनिक्स (रोबोटिक्स) इत्यादि के पाठ्यक्रम शामिल हैं। उत्कृष्ट आधारभूत संरचना, प्रैक्टिकल आधारित शिक्षण और उद्योग उन्मुख कौशल विकास इन संस्थानों की विशेषता है।
राज्य के 44 राजकीय पोलिटेकनिक संस्थानों में नए एवं उभरते हुए विधाओं में सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस (सीओई) की भी स्थापना की गई है। सरकार का उद्देश्य राज्य में तकनीकी शिक्षा को छात्र-छात्राओं के मूल निवास के आसपास ही सुलभ बनाना है ताकि युवाओं को रोजगारपरक कौशल से सशक्त बनाया जा सके।

5.बिहार कृषि ऐप पर अब मिलेगी उर्वरक की रियल टाइम जानकारी: मंत्री

पटना/किसानों को बिहार कृषि मोबाइल ऐप पर रियल टाइम उर्वरक उपलब्धता की जानकारी मिलेगी। शुक्रवार को मीठापुर स्थित कृषि भवन में कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने इसका शुभारंभ किया है। माना जा रहा है कि इससे उर्वरक उपलब्धता में जहां एक ओर किसानों को बेहतर सुविधा मिलेगी वहीं दूसरी ओर पार्दर्शिता भी बढ़ेगी।
उद्घाटन के अवसर पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। किसानों को उर्वरक उपलब्धता में किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए बिहार कृषि मोबाइल ऐप में यह नई सुविधा जोड़ी गई है। किसान इस ऐप का उपयोग कर अपने आसपास के उर्वरक दुकानों में उपलब्ध यूरिया, डीएपी सहित सभी प्रकार के उर्वरकों की वास्तविक जानकारी सीधे अपने मोबाइल पर प्राप्त कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि लंबे समय से शिकायत मिल रही थी कि दुकानों में उर्वरक उपलब्ध रहने के बावजूद किसानों को “स्टॉक नहीं है” कहकर लौटा दिया जाता था। यह स्थिति किसानों के कष्टकारी थी, जिसे समाप्त करने के लिए यह पहल की गई है। अब कोई भी दुकानदार किसानों को गुमराह नहीं कर पाएगा और दुकानों में उपलब्ध उर्वरकों का पूरा विवरण सार्वजनिक रहेगा।
इस व्यवस्था से कालाबाजारी, जमाखोरी और अधिक मूल्य वसूली पर प्रभावी रोक लगेगी तथा उर्वरक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। यह पहल तकनीक के माध्यम से किसानों को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। राज्य सरकार किसानों के सम्मान, सुविधा और समृद्धि के लिए लगातार नई पहल कर रही है और आगे भी किसानों के हित में ऐसे कदम उठाती रहेगी। हमारा संकल्प किसान को बिना किसी परेशानी के ससमय उचित मूल्य पर उर्वरक उपलब्ध कराना है।

मंत्री ने बताया कि मेरी जानकारी के अनुसार इस प्रकार की सुविधा भारत के किसी अन्य राज्य में अभी तक उपलब्ध नहीं है और इस दिशा में बिहार पहला राज्य बन गया है। वर्तमान में राज्य के करीब 9 लाख 35 हजार किसान बिहार कृषि ऐप का उपयोग कर कृषि विभाग की योजनाओं, मौसम संबंधित जानकारी, फसल सुरक्षा, फसलों के बाजार भाव सहित अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां घर बैठे प्राप्त कर रहे हैं।