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पिपराही लदनियां में कोलकाता के कलाकार बना रहे विजयादशमी को दर्शाने वाली वार्ता करती चलंत मूर्तियां

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अमरनाथ यादव की रिपोर्ट

मधुबनी/बिहार लदनियां प्रखंड के भारत-नेपाल की सीमा से सटे पिपराही गांव में विगत 12 वर्षों से  कोलकाता के कलाकारों द्वारा वार्ता करती चलंत मूर्तियां बनाई जाती हैं। ये मूर्तियां विजया दशमी के पौराणिक कथाओं को सहजता से दर्शाती आ रही हैं। इस कारण यहां की दुर्गापूजा अन्य जगहों से अधिक दिनों तक चलती है।

 कमेटी के पदेन अध्यक्ष मुखिया रामदेव महतो, आजीवन सचिव पद पर नामित अशोक सेन, निदेशक मंडल के अध्यक्ष पूर्व सरपंच रामचन्द्र सिंह, बरियारपट्टी नेपाल के मेयर संतोष कुमार महतो के अनुसार इस वैष्णवी दुर्गा देवी के लिए अभी तक यहां कोई स्थाई मंदिर नहीं है।

प्रति वर्ष प्राकृतिक छटा को प्रतिबिंबित करनेवाली  गुफा बनती है, जिसमें अत्याधुनिक तरीके की आकर्षक व धर्मजनित वार्ता करती चलंत मूर्तियां बनाई जा रही हैं, कलाकारों ने बताया कि इसबार वार्ता का समय बढ़ाते हुए समुद्रमंथन से संबंधित धार्मिकता को रूपायित करने का सफल प्रयास किया जा रहा है।

समाज के सभी जातियों की तरफ से एक दिन करके दसों दिन झिझिया पर थिरकते हुए मिथिलांचल से जुड़े सांस्कृतिक व मनोरम दृश्य उपस्थापित किये जाते हैं। मेले की देखरेख व सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाने में सर्वाधिक भूमिका स्काउट-गाइड की होती है।