मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा था हर प्लस टू विद्यालय को मिलेगी पुलिस सुरक्षा फिर वादा क्यों नहीं हुआ पूरा
सुरेंद्र कुमार सिंह
पटना / बिहार में शिक्षा व्यवस्था और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कुछ महीने पहले घोषणा की थी कि राज्य के हर प्लस टू उच्च विद्यालय में पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था दी जाएगी, ताकि खासकर छात्राओं को स्कूल आने-जाने और स्कूल परिसर में सुरक्षा मिल सके। लेकिन जमीनी हकीकत आज भी जस की तस बनी हुई है।
क्या था वादा
सम्राट चौधरी ने एक कार्यक्रम में कहा था कि राज्य सरकार बेटियों की शिक्षा और सुरक्षा को लेकर गंभीर है। हर प्लस टू स्कूल में एक पुलिस जवान या महिला पुलिस की तैनाती की जाएगी, ताकि छेड़खानी, असामाजिक तत्वों के जमावड़े और स्कूल के बाहर होने वाली घटनाओं पर रोक लग सके।
aजमुई कांड के बाद उठे सवाल
जमुई में हाल ही में स्कूल की छात्राओं के साथ हुई घटना के बाद इस वादे की पोल खुल गई। अभिभावकों का कहना है कि अगर स्कूलों में पहले से पुलिस सुरक्षा होती तो ऐसी घटनाएं रोकी जा सकती थीं। कई स्कूलों के प्रधानाध्यापकों ने बताया कि उन्हें इस संबंध में अब तक कोई लिखित आदेश या पुलिस बल नहीं मिला है।
स्कूलों की स्थिति
बिहार में 9 हजार से अधिक प्लस टू विद्यालय हैं। इनमें से अधिकतर ग्रामीण इलाकों में हैं जहां सुरक्षा एक बड़ी चुनौती है। छात्राओं का कहना है कि स्कूल के बाहर अक्सर मनचले खड़े रहते हैं और शिकायत करने पर भी कोई सुनवाई नहीं होती। पुलिस गश्ती भी नियमित नहीं है।
विपक्ष का हमला
विपक्ष ने सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाया है। आरजेडी और अन्य दलों का कहना है कि सरकार सिर्फ घोषणाएं करती है, जमीन पर कुछ नहीं होता।
अभिभावकों की मांग
अब अभिभावक और छात्र संगठन मांग कर रहे हैं कि सरकार अपने वादे को तुरंत पूरा करे। हर प्लस टू विद्यालय में कम से कम एक महिला पुलिस और एक पुरुष पुलिस जवान की स्थायी तैनाती हो, सीसीटीवी कैमरे लगें और 112 की टीम रोजाना स्कूलों के पास गश्त करे।
फिलहाल देखना होगा कि जमुई कांड के बाद सरकार इस पुराने वादे को लेकर क्या कदम उठाती है या यह भी फाइलों में ही रह जाएगा।

