घर से निकले एनआरआई दंपती कैलाश मानसरोवर यात्रा के दौरान नेपाल में आई आपदा के बाद से लापता
शंकर प्रसाद सिंह
पटना / गोला रोड स्थित अपने घर से निकले एनआरआई दंपती कैलाश मानसरोवर यात्रा के दौरान नेपाल में आई आपदा के बाद से लापता हो गए हैं। पटना निवासी अंकिता चंद्रा और उनके पति अंकित रंजन 26 अगस्त की सुबह से स्वजन के संपर्क में नहीं हैं।
रसुवा बॉर्डर के रास्ते तिब्बत की ओर बढ़ते समय हुए हादसे के बाद से इस दंपती समेत 26 विदेशी पर्यटकों के समूह का कोई अता-पता नहीं चल पा रहा है। इस घटना के बाद से पटना में रह रहे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाथ है।
ब्रिटिश नागरिक अंकिता चंद्रा और अंकित रंजन वर्षों से लंदन में रह रहे हैं। अंकित पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं, जबकि अंकिता ब्रिटिश सरकार के टैक्स विभाग में अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं।
अंकिता के पिता रमेश चंद्र खुद पटना में सेवानिवृत्त इंजीनियर हैं। छह साल पहले शादी के बंधन में बंधा यह दंपती 21 अगस्त को लंदन से सीधे पटना के गोला रोड स्थित अपने घर पहुंचा था। दो दिन परिवार के साथ बिताने के बाद 23 अगस्त को दोनों पटना से कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर रवाना हुए।
अंकिता के मामा एसके ओझा ने बताया कि अंकिता पति के साथ काठमांडू पहुंची, जहां उनके साथ अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा जैसे देशों से आए अन्य 26 एनआरआई श्रद्धालु भी जुड़ गए।
पटना से रवानगी के बाद काठमांडू पहुंचने तक अंकिता लगातार अपने परिजनों के संपर्क में थीं। 26 अगस्त की सुबह करीब आठ बजे उन्होंने पटना में मौजूद अपने पिता को अंतिम मैसेज भेजा, जिसमें लिखा था कि पापा…मैं कैलाश मानसरोवर के लिए निकल गई हूं।
इसके बाद यात्रियों का यह समूह नेपाल-तिब्बत सीमा पर स्थित रसुवा बॉर्डर की ओर बढ़ गया। इसी बीच नेपाल में प्राकृतिक आपदा की खबर मिलते ही पटना से परिजनों ने तुरंत संपर्क साधने की कोशिश की, लेकिन दोनों के मोबाइल स्विच आफ मिले।
भेजे गए मैसेज का भी कोई जवाब नहीं आया। देखते ही देखते पूरे 26 सदस्यों के दल से संपर्क टूट गया, जिससे पटना स्थित उनके घर में मातम का सन्नाटा पसर गया।
ब्रिटिश पासपोर्ट धारक अंकिता और अंकित के पास एनआरआई-ओसीआई कार्ड भी मौजूद है। इस यात्रा का आयोजन नेपाल टूर प्लानर प्राइवेट लिमिटेड और कैलाश जर्नी द्वारा संयुक्त रूप से किया गया था।
घटना की गंभीरता को देखते हुए लापता दंपती से जुड़े सभी महत्वपूर्ण विवरण और दस्तावेज नेपाल सरकार के साथ-साथ काठमांडू स्थित ब्रिटिश दूतावास को सौंप दिए गए हैं।
पटना में मौजूद परिजन अब केंद्र सरकार और विदेश मंत्रालय से गुहार लगा रहे हैं कि दूतावास के माध्यम से रसुवा बॉर्डर और आसपास के आपदा प्रभावित क्षेत्रों में खोजबीन तेज की जाए, ताकि अंकिता और अंकित का जल्द से जल्द कोई सुराग मिल सके।

