पुलिस मुख्यालय- कुर्की और सोशल मीडिया के दुरुपयोग पर कार्रवाई।। 2.राज्य में 1 हजार 50 आंगनबाड़ी केंद्र बनेंगे ‘नंद घर।। 3.29 से खुलेगा शिक्षक स्थानांतरण पोर्टल5 अगस्त तक होगा आवेदन
न्यूज डेस्क
पटना/राज्यभर में अपराधियों को दबोचने का व्यापक अभियान तेजी पुलिस ने चला रखा है। इसमें जो अपराधी पुलिस की गिरफ्त में नहीं आ रहे हैं, उनके खिलाफ कुर्की की कार्रवाई के अलावा आगे की कार्रवाई तेजी से शुरू हो गई है। इस वर्ष 11 से 20 जुलाई तक चलाए गए विशेष कुर्की अभियान के तहत 2 हजार 125 कुर्की का निष्पादन किया गया है। ये बातें अपर पुलिस महानिदेशक (विधि-व्यवस्था एवं कमजोर वर्ग) श्रीमति के सुहिता अनुपम ने पुलिस मुख्यालय सरदार पटेल भवन के सभागार में शुक्रवार को आयोजित प्रेस वार्ता में कही। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर हथियार का प्रदर्शन कर फोटो डालने वालों पर सख्त कार्रवाई हो रही है। इसके लिए मुख्यालय स्तर पर सोशल मीडिया सेंटर एवं साइबर क्राइम एवं सुरक्षा इकाई (सीसीएसयू) की तरफ से चौबीस घंटे सोशल मीडिया की मॉनीटरिंग की जा रही है।
एडीजी ने बताया कि इस वर्ष 1 मई से 14 जुलाई तक सोशल मीडिया पर हथियार लहराने से जुड़े मामले में 102 एफआईआर दर्ज की गई और 130 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है। इस दौरान 40 हथियार भी जब्त किए गए हैं। सर्वाधिक कांड दर्ज कर कार्रवाई करने वाले जिलों में पटना, नवगछिया, गोपालगंज, सीतामढ़ी और मोतिहारी शामिल है। इसके अलावा सोशल मीडिया के माध्यम से धार्मिक या जातिय टीका-टिप्पणी कर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने एवं व्यक्ति विशेष के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने वाले के खिलाफ भी लगातार कार्रवाई की जा रही है। सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट या वायरल वीडियो से संबंधित 514 मामले चिन्हित करते हुए कार्रवाई के लिए भेजा गया है। इसमें 243 मामलों पर कार्रवाई की जा चुकी है, शेष पर कार्रवाई जारी है। उन्होंने कहा कि डायल-112 के तहत अब रिस्पांस टाइम 10 मिनट हो गया है। इससे अपराध नियंत्रण को काफी फायदा मिलेगा। उन्होंने कहा कि युवाओं का अब चरित्र वेरिफिकेशन कर प्रमाण-पत्र देने की व्यवस्था ऑनलाइन हो गई है। इसके लिए सीसीटीएनएस से थानों के अलावा संबंधित वेबसाइट को जोड़ा गया है।
मानव तस्करी के खिलाफ चलाया गया ऑपरेशन सवेरा-3.0
एडीजी श्रीमती अनुपम ने कहा कि मानव तस्करी के खिलाफ इस वर्ष 1 से 14 जुलाई के बीच चलाए जा गए ऑपरेशन नया सवेरा-3.0 के तहत 52 एफआईआर दर्ज की गई और 109 मानव तस्कर गिरफ्तार किए जा चुके हैं। इस दौरान 82 महिलाओं और 75 पुरुष को बचाया जा चुका है। ऑपरेशन नया सवेरा के तहत सर्वाधिक अभियुक्तों की गिरफ्तारी के मामले में टॉप-3 जिलों में पटना(40), सहरसा (13) और किशनगंज (9) शामिल हैं। वहीं, सर्वाधिक पीड़ितों को बचाने (रेस्क्यू) करने के मामले में टॉप-3 जिलों में किशनगंज (23), सीतामढ़ी (17) और पटना/अरवल/मुजफ्फरपुर रेल (संयुक्त रूप से) (14) शामिल हैं। उन्होंने कहा कि विधि-व्यवस्था को प्राभावित करने वाले मामलों में इस वर्ष मई-जून में बड़े स्तर पर कार्रवाई की गई है। इसमें साम्प्रदायिक हिंसा के 63, पुलिस पर हमला के 462, भीड़ पर हिंसा के 2 और हर्ष फायरिंग के 6 समेत कुल 533 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि 51 हजार 189 साक्षियों को साक्ष्य के लिए उपस्थित हुए, जिसमें 49 हजार 191 साक्षियों को कोर्ट में गवाही कराई गई। ताकि मुकदमों का तेजी से निपटारा कराने के साथ ही दोषियों को जल्द से जल्द सजा दिलाई जा सके।
आतंकी गतिविधि और नशा के खिलाफ की गई कार्रवाई
एडीजी ने कहा कि मई-जून महीने में भारत-नेपाल सीमा पर आतंकी गतिविधि को लेकर भी बड़े स्तर पर कार्रवाई की गई है। इसे लेकर सीमा पर अलर्ट भी जारी किया गया है। इस मामले को सीधे केंद्रीय गृह मंत्रालय भी देख रहा है। उन्होंने कहा कि मादक पदार्थों की तस्करी पर नकेल कसने के लिए निरंतर कार्रवाई जारी है। केंद्र सरकार ने 2027 तक देश को मादक पदार्थ से मुक्त करने की घोषणा कर रखी है। इसके मद्देनजर लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। इस वर्ष मई-जून में 17 किलो 883 ग्राम हेरोइन, 26 हजार 135 किलो गांजा समेत अन्य मादक पदार्थ जब्त किए जा चुके हैं। इसे लेकर मेडिकल स्टोर समेत अन्य सप्लाई चेन की भी पूरी जांच की जा रही है।
युवाओं को दी जाएगी कानून की शिक्षा
एडीजी श्रीमती अनुपम ने कहा कि युवाओं को कानून की जानकारी देने के लिए ऑपरेशन विधि पालक युवक 21 जुलाई से शुरू किया जा रहा है, जो 10 अगस्त तक चलेगा। इसके अंतर्गत ट्रैफिकिंग, दहेज प्रताड़ना, पॉस्को, महिला अपराध, अनैतिक देह व्यापार अधिनियम, 1986 समेत ऐसे अन्य जरूरी कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा शैक्षणिक संस्थानों समेत अन्य प्रमुख स्थानों पर महिलाओं की सुरक्षा के लिए पुलिस दीदी टीम (अभया ब्रिगेड) का गठन किया गया है।
2.राज्य में 1 हजार 50 आंगनबाड़ी केंद्र बनेंगे ‘नंद घर’
पटना/राज्य में 1 हजार 50 नए आंगनबाड़ी केंद्रों को नंद घर के तौर पर परिवर्तित किया जायेगा। इन केंद्रों में बच्चों को खासतौर से ख्याल रखा जाएगा। समाज कल्याण विभाग के आईसीडीएस निदेशालय ने शुक्रवार को पटना स्थित लेमन ट्री होटल में आयोजित एक दिवसीय केयर इकोनॉमी कार्यक्रम के दौरान जेरोधा ब्रोकिंग लिमिटेड और वेदांता लिमिटेड के साथ 1050 नए आंगनबाड़ी केंद्रों को नंद घर के तौर पर विकसित करने के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किया गया। राज्य सरकार ने महिलाओं और बच्चों के समग्र विकास को नई गति देने के लिए यह महत्वपूर्ण पहल की है।
इस मौके पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए समाज कल्याण विभाग की माननीय मंत्री डॉ. श्वेता गुप्ता ने कहा कि वेदांता ग्रुप लिमिटेड राज्य के 1000 आंगनबाड़ी केंद्रों को ‘नंद घर’ के रूप में बनाएगा, जबकि जेरोधा ब्रोकिंग लिमिटेड दरभंगा जिले के 50 आंगनबाड़ी केंद्रों का सुदृढ़ीकरण करेगा। उन्होंने कहा कि यह पहल आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों और महिलाओं के लिए बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ प्रारंभिक बाल देखभाल एवं पोषण सेवाओं को और सशक्त बनाएगी।
मंत्री डॉ. श्वेता गुप्ता महिला एवं बाल विकास निगम की ओर से आयोजित ‘केयर इकोनॉमी कार्यशाला’ को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि केयर इकोनॉमी को मजबूत बनाने के लिए जमीनी स्तर से सामाजिक सोच में बदलाव आवश्यक है। बच्चों की देखभाल केवल महिलाओं की नहीं, बल्कि पुरुषों और महिलाओं दोनों की समान जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में लगभग करोड़ो लोगों को केयर सर्विस की आवश्यकता होगी। ऐसे में प्रशिक्षित केयर वर्कर्स की मांग तेजी से बढ़ेगी। इस क्षेत्र को नीतिगत स्वरूप देकर औपचारिक अर्थव्यवस्था (फॉर्मल इकोनॉमी) से जोड़ना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि भविष्य की जरूरतों को देखते हुए विभिन्न विभागों के साथ-साथ निजी क्षेत्र की भी जिम्मेदारी है कि केयर वर्क को सम्मान और संस्थागत पहचान दिलाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से विश्व और भारत सरकार की सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों को अपनाने का भी आह्वान किया।
मंत्री डॉ. गुप्ता ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महिलाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से पंचायती राज एवं नगर निकायों में 50 प्रतिशत आरक्षण लागू कर ऐतिहासिक पहल की थी। जब महिलाएं आगे बढ़ती हैं तो उनके साथ पूरा परिवार और समाज भी विकास की ओर अग्रसर होता है। विभाग की ओर से महिलाओं एवं बच्चों के कल्याण के लिए संचालित विभिन्न योजनाएं केयर इकोसिस्टम को मजबूत करने की दिशा में प्रभावी भूमिका निभा रही हैं।
मौके पर राजस्व परिषद की अध्यक्ष सह सदस्य श्रीमती हरजोत कौर बम्हरा ने कहा कि केयर इकोनॉमी में महिलाओं के साथ-साथ बालिकाओं के सशक्तिकरण पर भी विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बच्चों की देखभाल की जिम्मेदारी पुरुषों की भी समान रूप से है, इसलिए पुरुषों के लिए भी चाइल्ड केयर लीव की व्यवस्था पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने ग्रामीण स्तर पर कार्यरत आंगनबाड़ी सेविका एवं सहायिकाओं के भर्ती के लिए शैक्षणिक योग्यता बढ़ाने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
समाज कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री एचआर श्रीनिवास ने कार्यशाला के उद्देश्यों एवं केयर इकोनॉमी से जुड़े प्रमुख बिंदुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। महिला एवं बाल विकास निगम की प्रबंध निदेशक डॉ. प्रीति ने स्वागत भाषण देकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उप सचिव मार्गन सिन्हा ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। मौके पर बिहार समेत देश के विभिन्न राज्यों से आए विशेषज्ञों एवं वक्ताओं ने भी केयर इकोनॉमी से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार साझा किए।
3.29 से खुलेगा शिक्षक स्थानांतरण पोर्टल, 5 अगस्त तक होगा आवेदन
पटना / बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने राज्य के शिक्षकों को बड़ी सौगात दी है। शिक्षा विभाग ने शिक्षकों के तबादले की बहुप्रतीक्षित अधिसूचना शुक्रवार को जारी कर दी। बिहार राज्य शिक्षक स्थानांतरण नियमावली, 2026 के तहत शिक्षकों के स्थानांतरण की प्रक्रिया के लिए विस्तृत समय-सारिणी भी जारी कर दी गई है। शिक्षा मंत्री ने कई मौकों पर जुलाई में ही स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू करने और पोर्टल खोले जाने की बात कही थी। राज्य कैबिनेट द्वारा बीते 24 जून को तबादला नीति को मंजूरी दी गई थी।
जारी अधिसूचना के मुताबिक शिक्षकों के समायोजन/समानुपातीकरण, पारस्परिक स्थानांतरण तथा सामान्य स्थानांतरण की प्रक्रिया तीन चरणों में पूरी की जाएगी। शिक्षकों के स्थानांतरण के लिए ऑनलाइन पोर्टल 29 जुलाई से खुल जाएगा। इस पर शिक्षक 5 अगस्त तक आवेदन कर सकेंगे। इस अवधि में समायोजन/समानुपातीकरण तथा पारस्परिक स्थानांतरण के लिए आवेदन स्वीकार किए जाएंगे।
जारी कार्यक्रम के अनुसार पहले चरण में 7 अगस्त से 9 सितंबर तक समायोजन व समानुपातीकरण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इस अवधि में सूची का प्रकाशन, अपील और उसका निष्पादन किया जाएगा।
दूसरे चरण में 10 से 14 सितंबर तक जिला, प्रमंडल और राज्य स्थापना समिति द्वारा पारस्परिक स्थानांतरण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
तीसरे और आखिरी चरण में सामान्य स्थानांतरण की प्रक्रिया संपन्न होगी। सामान्य तबादले के लिए विद्यालयवार रिक्तियों की संशोधित सूची 16 सितंबर को प्रकाशित की जाएगी। इसके बाद शिक्षक 17 से 23 सितंबर तक अपनी वरीयता के अनुसार विद्यालयों का चयन कर सामान्य स्थानांतरण के लिए आवेदन कर सकेंगे।
विभाग द्वारा जारी समय-सारिणी के अनुसार सभी जिला, प्रमंडल एवं राज्य स्थापना समितियां निर्धारित अवधि में कार्यवाही पूरी करेंगी तथा प्राप्त अपीलों का भी समयबद्ध निष्पादन किया जाएगा।
शिक्षा विभाग ने सभी पात्र शिक्षकों से निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवेदन करने तथा विभागीय निर्देशों का पालन करने की अपील की है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि स्थानांतरण की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन एवं पारदर्शी तरीके से संपन्न कराई जाएगी।
मुख्य तिथियां एक नजर में
– पोर्टल पर आवेदन (समायोजन/पारस्परिक स्थानांतरण) : 29 जुलाई से 5 अगस्त
– समायोजन/समानुपातीकरण प्रक्रिया : 7 अगस्त से 9 सितंबर
– पारस्परिक स्थानांतरण : 10 से 14 सितंबर
– संशोधित रिक्तियों का प्रकाशन : 16 सितंबर
– सामान्य स्थानांतरण के लिए आवेदन : 17 से 23 सितंबर
– सामान्य स्थानांतरण सूची का प्रकाशन, अपील एवं निष्पादन 24 सितंबर से 31 अक्टूबर

