मोबाइल से वीडियो बनाते हैं यह नीतीश के गृह ज़िले में हो रहा है ।दूसरी ओर मंदिर में हुई भगदड़ की घटना
सुरेश कुमार गुप्ता
पटना/ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बिहार से विदा ले रहे हैं यह कहना सही नहीं होगा कि वे बिहार छोड़कर जा रहे हैं, लेकिन यह अवश्य कहा जा सकता है कि बिहार के शासन-प्रशासन को चलाने की जो उनकी जवाबदेही थी, उससे वे स्वयं को अलग कर रहे हैं। उनके बाद कौन आएगा, यह भविष्य तय करेगा ।
उनके अपने ही क्षेत्र, नालंदा ज़िले में जो घटनाएँ सामने आईं, वे अत्यंत चिंताजनक हैं। दिन-दहाड़े एक महिला को, जो दो बच्चों की माँ थी, कुछ लोग सड़क पर घसीटते हुए ले जा रहे हैं. सरेआम उसके शरीर के साथ दुर्व्यवहार कर रहे हैं. ऐसा नहीं कि यह सब किसी किनारे में हो रहा है. फ़िल्मी दृश्य की तरह मुख्य सड़क पर यह घटना हो रही है और राह चलते लोग तमाशा की तरह इस दृश्य को देख रहे हैं. कुछ लोग इस दृश्य का वीडियो बना रहे. यह केवल कानून-व्यवस्था का प्रश्न नहीं है, बल्कि समाज की उस मानसिक स्थिति का भी संकेत है जहाँ गलत का प्रतिरोध की क्षमता ही क्षीण हो चुकी है। अन्याय सामने होता है, और लोग हस्तक्षेप करने के बजाय
जहाँ नौ लोगों की मृत्यु हो गई, जिनमें आठ महिलाएँ थीं. यह सब उस समय हो रहा है जब देश की राष्ट्रपति उसी ज़िले में मौजूद थीं ।

