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अब सभी विभागों में होने वाले टेंडर प्रक्रिया पर रहेगी ईओयू की नजर ।। 2. राज्य के 115 उर्वरक प्रतिष्ठानों पर प्राथमिकी दर्ज, 449 का हुआ लाइसेंस रद्द।। 3.शिक्षा विभाग ने किया शिक्षकों के स्थानांतरण को लेकर कमेटी गठित

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राजकुमार यादव 

पटना/सरकारी महकमों में होने वाले सभी तरह के टेंडर (निविदा) प्रक्रिया की निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) करेगी। इसके लिए ईओयू में एसपी के मार्गदर्शन में एक पांच सदस्यीय टीम का गठन किया गया है। यह टीम सभी टेंडर प्रक्रियाओं की समुचित जांच करेगी। यह जानकारी ईओयू के एसपी पंकज कुमार ने शुक्रवार को पुलिस मुख्यालय सरदार पटेल भवन के सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में दी। उन्होंने कहा कि कई विभागों में होने वाले विभिन्न तरह के टेंडरों में गड़बड़ी की शिकायत लगातार ईओयू को मिल रही थी। इसके मद्देनजर जांच एजेंसी ने इस टीम का गठन किया है। पहली बार ईओयू में सरकारी टेंडर की मॉनीटरिंग को लेकर इस तरह की व्यवस्था की है।
एसपी ने कहा कि अवैध खनन से जुड़े मामले में 17 जिलों में जांच चल रही है। जांच में यह पाया गया कि खनन सॉफ्टवेयर में टेंडर समेत अन्य प्रक्रियाओं में ओटीपी प्रमाणीकरण के प्रावधान को अनदेखा करते हुए कई कंपनियों को गलत तरीके से मान्यता दे दी गई है। इस तरह से गड़बड़ी कर 325 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ है। अवैध बालू खनन से जुड़े सभी जिलों में 62 मुकदमे दर्ज किए गए हैं, जिनकी जांच भी ईओयू कर रहा है।
श्री पंकज कुमार ने कहा कि इस वर्ष जनवरी से मार्च तक दो लोगों की अवैध संपत्ति जब्ती से जुड़े 21 करोड़ रुपये के मामले ईडी को ट्रांसफर किए गए हैं। ताकि इन पर पीएमएलए (प्रीवेंशन ऑफ मॉनी लॉड्रिंग एक्ट) के तहत उचित कार्रवाई हो सके। दोनों मामले प्रक्रियाधीन हैं। उन्होंने कहा कि सहकारिता के क्षेत्र में आवामी लीग एवं वैशाली सहकारिता बैंक में 101 करोड़ रुपये की गड़बड़ी से जुड़े मामले की जांच चल रही है। इसके मुख्य अभियुक्तों में शामिल बीएसएनएल कर्मी संतोष कुमार को गिरफ्तार किया गया है। इससे पहले तीन आरोपियों सैयद शाहनबाज, शौकत अली और रजनीकांत को गिरफ्तार किया जा चुका है। इस वर्ष जनवरी में बैंक और डाक विभाग से जुड़े एक मामले में 12 वर्ष से फरार चल रहे अभियुक्त तत्कालीन सब-पोस्टमास्टर चंद्रशेखर सिंह को गिरफ्तार किया गया है।
एसपी ने बताया कि फर्जी ई-वे बिल की बदौलत झारखंड से कोयला लाकर यहां अवैध तरीके से बेचने के मामले के अभियुक्त संतोष कुमार को हाल में सीवान से गिरफ्तार किया गया है। फर्जी ई-वे बिल की बदौलत इसने 35 लाख रुपये के राजस्व की चोरी की है। उन्होंने हाल में आय से अधिक संपत्ति मामले में ऊर्जा विभाग के कार्यपालक अभियंता मनोज कुमार रजक के खिलाफ उनके वास्तविक आय से 66.62 फीसदी अधिक का डीए (आय से अधिक संपत्ति) का केस दर्ज किया गया है। इनसे जुड़े सात ठिकानों पर सघन छापेमारी की गई है। इसमें दर्जनों जमीन के दस्तावेज, जेवरात समेत अन्य चीजें बरामद की गई हैं। नेपाल में भी जमीन की खरीद से जुड़े कागजात मिले हैं। इसकी जांच चल रही है।
*एससीआरटी पेपर लीक मामले का अभियुक्त गिरफ्तार*
एसपी पंकज कुमार ने बताया कि ईओयू की परीक्षा शाखा ने कुछ दिनों पहले एससीईआरटी (स्टेट काउंसिल ऑफ एजुकेशन, रिसर्च एंड ट्रेनिंग) के स्तर से आयोजित होने वाली परीक्षा का प्रश्न-पत्र लीक करने वाले मुख्य अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया था। अभियुक्त सरफराज उर्फ जन्नत भईया एक यू-ट्यूब चैनल बना रखा था और उस पर सरकारी स्कूलों की कक्षा 3 से 8 तक का प्रश्न-पत्र हल करके डालता था। इसके ऐवज में वे लोगों से पैसे यूपीआई के जरिए लेता था। इसके लिए पहल लोगों को अपने चैनल का सदस्य बनाता था। फिर उनसे पैसे लेकर यह गोरखधंधा करता था।

 

2.राज्य के 115 उर्वरक प्रतिष्ठानों पर प्राथमिकी दर्ज, 449 का हुआ लाइसेंस रद्द

पटना/कृषि विभाग उर्वरक कालाबाजारी पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रहा है। इस वित्तीय वर्ष में अब तक विभाग ने अनियमितताओं के विरुद्ध 115 उर्वरक प्रतिष्ठानों पर प्राथमिकी दर्ज की है, साथ ही, 449 उर्वरक प्रतिष्ठानों के लाइसेंस रद्द किए हैं। उर्वरक की कालाबाजारी के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के लिए विभाग ने मुख्यालय स्तर पर उड़नदस्ता दल गठित किया है। प्राप्त शिकायतों के आधार पर लगातार छापेमारी हो रही है। ये जानकारी राज्य के कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने शुक्रवार को दी है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी एवं अधिक मूल्य पर बिक्री को रोकने के लिए पूरी तरह सख्त एवं सतर्क है। राज्य के किसी भी जिले में उर्वरक की कोई कमी नहीं है और किसानों को पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराया जा रहा है। राज्य में यूरिया के 2.45 लाख मीट्रिक टन, डीएपी 1.46 लाख मीट्रिक टन, एनपीके 2.05 लाख मीट्रिक टन, एमओपी: 0.41 लाख मीट्रिक टन और एसएसपी 1.03 लाख मीट्रिक टन उपलब्ध है।
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रखंडवार आवश्यकता और आच्छादन के अनुसार उर्वरक का उप-आवंटन सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसी क्षेत्र में कमी की स्थिति उत्पन्न न हो। उर्वरक प्रतिष्ठानों के पॉस मशीन में दर्ज स्टॉक और भौतिक स्टॉक का नियमित सत्यापन किया जाए। किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सभी जिलों में जांच दल गठित कर नियमित छापेमारी एवं निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया है। विशेष रूप से अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे जिलों में छापेमारी तेज करने तथा सशस्त्र सीमा बल के साथ समन्वय स्थापित कर उर्वरक तस्करी पर प्रभावी रोक लगाने को कहा गया है।

 

3.शिक्षा विभाग ने किया शिक्षकों के स्थानांतरण को लेकर कमेटी गठित

पटना /शिक्षा विभाग ने राज्य के प्राथमिक विद्यालय, मध्य विद्यालय, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में पदस्थापित शिक्षकों के स्थानांतरण को लेकर विभागीय स्तर पर शिक्षा सचिव की अध्यक्षता में कमेटी गठित किया।
इस कमेटी में शिक्षा विभाग के सचिव अध्यक्ष, माध्यमिक शिक्षा के निदेशक को सदस्य सचिव तथा प्राथमिक शिक्षा निदेशक, आरडीडी सहरसा अमित कुमार, राज्य परियोजना निदेशक रविशंकर सिंह और माध्यमिक शिक्षा उप निदेशक अब्दुस सलाम अंसारी को सदस्य बनाया गया है। यह कमेटी शिक्षकों के स्थानांतरण से संबंधित नीति, नियमावली, मानक मंडल तैयार करने के साथ ही विद्यालयों में समानुपातिकरण करने हेतु प्रतिवेदन/नियमावली 15 दिनों में तैयार कर विभाग को उपलब्ध कराएगी।