बिहारशिक्षासंस्कृतिस्वास्थ्य

शक्ति का सम्मान: बिहटा पब्लिक स्कूल में धूमधाम से मना अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस। । 2.बिना महिला सशक्तिकरण के समाज का विकास संभव नहीं : मदन सहनी।। 3.स्वच्छता और जल प्रबंधन में बिहार का डंका, 98 अंकों के साथ शीर्ष राज्यों में शामिल।। 4. पेराई सत्र शुरू होने से पूर्व बढाएं पांच हजार हेक्टेयर में गन्ना का अतिरिक्त रकबा: एसीएस।। 5 .चईत मासे बोलेले कोयलिया हो रामा, मोर अंगनवा से गूंजा बिहार म्यूजियम ।। 6.राजस्व कार्यों से लेकर लगान वसूली और दाखिल – खारिज को समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करें: सीके अनिल

बिहार हलचल न्यूज ,जन जन की आवाज
Listen to this article

राजकुमार यादव 

​बिहटा /नारी तू नारायणी के उद्घोष के साथ आज बिहटा पब्लिक स्कूल के प्रांगण में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस अत्यंत उत्साह और गरिमा के साथ मनाया गया। इस विशेष अवसर पर विद्यालय परिवार ने समाज और शिक्षा के क्षेत्र में महिलाओं के अतुलनीय योगदान को रेखांकित करते हुए एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया।समारोह का मुख्य आकर्षण विद्यालय की उन महिलाओं का सम्मान रहा, जो पर्दे के पीछे और कक्षा के भीतर राष्ट्र निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। विद्यालय की निदेशिका डॉ. सोनी सिंह ने अपने हाथों से शिक्षिकाओं और महिला कर्मियों को सम्मानित किया।
​सम्मानित होने वाली शिक्षिकाओं में करिश्मा कुमारी, यशोदा सिंह, समीरा रजा, जान्हवी कुमारी और सुषमा कुमारी शामिल रहीं। इन शिक्षिकाओं को उनके शैक्षणिक समर्पण और छात्रों के भविष्य को संवारने के लिए स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए।
​विद्यालय प्रबंधन ने समावेशी सोच का परिचय देते हुए न केवल शिक्षकाओं को, बल्कि विद्यालय की व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने वाली महिला कर्मियों को भी मंच पर विशेष स्थान दिया। कांति देवी, पार्वती देवी, देवन्ति देवी, पर्मिला देवी और सोनी देवी को सम्मानित कर यह संदेश दिया गया कि विद्यालय की प्रगति में हर कर्मचारी का पसीना और परिश्रम बराबर का महत्व रखता है।इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. उदय कुमार सिंह ने अपने विचार साझा करते हुए कहा:
​”एक शिक्षित महिला पूरे परिवार और समाज को शिक्षित करती है। हमारे विद्यालय की सफलता का बड़ा श्रेय इन कर्मठ महिलाओं को जाता है, जो संवेदनशीलता और अनुशासन के साथ बच्चों का मार्गदर्शन करती हैं।”निदेशिका डॉ. सोनी सिंह ने सभी को महिला दिवस की बधाई देते हुए कहा कि महिलाएं आज किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। उन्होंने आत्मनिर्भरता और शिक्षा को महिला सशक्तिकरण का सबसे मजबूत हथियार बताया।

 

2.बिना महिला सशक्तिकरण के समाज का विकास संभव नहीं : मदन सहनी

पटना/बिहार के समाज कल्याण मंत्री मदन सहनी ने कहा कि किसी भी समाज का विकास तब तक संभव नहीं है, जबतक उस समाज की महिलाओं को समाज की मुख्यधारा से न जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने बिहार में महिलाओं को सम्मान के साथ आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई कानून बनाए हैं। साथ ही, कई योजनाएं शुरू की हैं। इसका परिणाम है कि आज हर क्षेत्र में बिहार की महिलाएं सफलता की नई दास्तां लिख रही हैं। मदन सहनी रविवार को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस-2026 के अवसर पर राजधानी के ज्ञान भवन में समाज कल्याण विभाग के महिला एवं बाल विकास निगम के स्तर से आयोजित “सशक्त महिला- समृद्ध बिहार कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
इस अवसर पर समाज कल्याण मंत्री के साथ पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की मंत्री श्रीमती रमा निषाद के अलावा समाज कल्याण विभाग की सचिव श्रीमती बंदना प्रेयषी और महिला एवं बाल विकास निगम के निदेशक योगेश कुमार सागर समेत विभाग के कई अधिकारी और समाज के विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रही है महिलाएं बड़ी संख्या में उपस्थित थी। रमा निषाद ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अथक प्रयास से बिहार में अब हर तरफ महिला सशक्तिकरण का जोर दिखता है। चाहे वह पुलिस महकमा हो या शिक्षा विभाग।
समाज कल्याण मंत्री मदन सहनी ने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य कल्याणकारी योजनाओं को समाज में “सबसे वंचित महिला” तक पहुंचाना है। उन्होंने महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए विभाग के स्तर से चलाई जा रही योजनाओं पर प्रकाश डाला और कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना सरकार की प्राथमिकता है। इस मौके पर उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तरफ से महिलाओं के विकास एवं उत्थान के लिए किए गए कार्यों को भी याद किया और कहा कि उनके मुख्यमंत्री पद छोड़ने की खबर से बिहार की महिलाएं सबसे अधिक मर्माहत हैं।
मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ही राज्य की सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 35 प्रतिशत आरक्षण दिया। उन्होंने स्थानीय निकायों के चुनावों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण देकर उन्हें सामज की मुख्यधारा से जोड़ा है। इसके अलावा राज्य की 1.81 करोड़ महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए महिला उद्यमी योजना के तहत दस-दस हजार रुपये की राशि उपलब्ध कराई है।
*महिलाओं को किया सम्मानित*
समाज कल्याण मंत्री मदन सहनी और पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री श्रीमती रमा निषाद ने राज्यभर की 10 वैसी सफल महिलाओं को बिहार अपराजिता सम्मान से सम्मानित किया, जिन्होंने लंबे संघर्ष के बाद समाज में अपना एक मुकाम हासिल किया है। सम्मानित होने वाली महिलाओं में पटना के बाढ़ अनुमंडल की अनुमंडलाधिकारी व वर्ष 2023 बैच की महिला आईएएस अधिकारी सुश्री गरिमा लोहिया भी शामिल हैं। इस अवसर पर मंत्री मदन सहनी ने क्षेत्रीय स्तर की महिलाओं की प्रेरणादायक कहानियों के ऑनलाइन संग्रह “बिहार शक्ति पोर्टल” की लॉन्चिंग के साथ बाल विवाह उन्मूलन के लिए गाइड का विमोचन किया।
*वन स्टॉप सेंटर और पिंक बस की शुरुआत की*
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर समाज कल्याण मंत्री मदन सहनी ने हरी झंडी दिखाकर पिंक बस सेवा की भी शुरुआत की। साथ ही राज्य के विभिन्न जिलों में कुल 11 अतिरिक्त वन स्टॉप सेंटर का भी रिमोट के जरीये उद्घाटन किया। बता दें कि राज्य में फिलहाल कुल 39 वन स्टॉप सेंटर पूर्व से कार्यरत हैं। इन वन स्टॉप सेंटर पर महिलाओं से समबन्धित सभी तरह की शिकायतों को दर्ज कर उनकी समस्याओं का समाधान किया जाता है। साथ ही, यहां महिलाओं के स्कील डेवलपमेंट की भी व्यवस्था की गई है ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।

*बिहार अपराजिता सम्मान से सम्मानित महिलाएं*
रितिका, पूजा कुमारी (दोनों पटना से), काजल कुमारी (शिवहर), अलीशा (अररिया), कंचन कुमारी (वैशाली), अमृता कुमारी व पूजा कुमारी (दोनों बांका), ब्यूटी कुमारी (सुपौल), रौशनी परवीन (किशनगंज) और महिला आईएएस अधिकारी व बाढ़ अनुमंडल की अनुमंडलाधिकारी सुश्री गरिमा लोहिया।

 

3.स्वच्छता और जल प्रबंधन में बिहार का डंका, 98 अंकों के साथ शीर्ष राज्यों में शामिल

पटना/नागरिकों को स्वच्छ जल उपलब्ध कराने और स्वच्छता के मामले में बिहार 98 अंकों के साथ देश के शीर्ष राज्यों में तीसरे स्थान पर है। यह रैकिंग सतत विकास लक्ष्य-6 (एसडीजी-6) के तहत नीति आयोग की ओर से वर्ष 2023-24 के लिए दी गई है। इसी के साथ बिहार ने अपने समग्र एसडीजी स्कोर को 2018–19 में 48 से बढ़ाकर 2023–24 में 57 कर लिया है। इस उपलब्धि के बाद राज्य उम्मीदवारी से प्रदर्शक की श्रेणी में पहुंच चुका है। ये बातें रविवार को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस (8 मार्च) पर बतौर मुख्य अतिथि योजना एवं विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव डॉ. एन. विजयलक्ष्मी ने कही। उन्होंने कहा कि संसाधनों की सीमित उपलब्धता के बावजूद एसडीजी सूचकांकों पर राज्य ने तीव्र गति से प्रगति की है। यह सफलता बिहार में योजनाओं के सतत क्रियान्वयन और जेंडर संबंधी संतुलन की दिशा में सरकार के महत्वपूर्ण प्रयास से मिली है।
पटना स्थित एलएन मिश्रा आर्थिक विकास एवं सामाजिक परिवर्तन संस्थान के सभागार में आयोजित इस एक दिवसीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि ने जेंडर-संबंधी सूचकांकों, विशेष रूप से एसडीजी-5 (लैंगिक समानता) एवं संबंधित अन्य लक्ष्यों गरीबी-उन्मूलन, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक न्याय के सूचकांकों की स्थिति का आकलन करने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने, गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य एवं शिक्षा सेवाओं तक पहुंच बढ़ाने के साथ निर्णय-निर्माण प्रक्रिया में उनके नेतृत्व और भागीदारी को सुदृढ़ करने के लिए साक्ष्य-आधारित रणनीति बनाने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
यूनिसेफ एक्सपर्ट मनोज नारायण ने पावरपॉइंट प्रजेंटेशन (पीपीटी) के सहारे एसडीजी सूचकांकों से उपस्थित अतिथि और महिलाओं को रूबरू कराया। उन्होंने बताया कि बिहार ने 2018–19 से 2023–24 के बीच एसडीजी-5 (लैंगिक समानता) में अपने स्कोर में 20 अंकों की वृद्धि की है। यह प्रगति राज्य सरकार की कई नीतिगत पहलों के परिणामस्वरूप संभव हुई है। मुख्य रूप से ग्रामीण एवं शहरी स्थानीय निकायों में महिलाओं के लिए 50 और सरकारी नौकरियों में 35 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करने के साथ मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना, ‘सात निश्चय’ पहल और जीविका जैसे कार्यक्रम प्रमुख रूप से शामिल हैं।
*संवेदनशील समाज बनाने का संकल्प*
कार्यशाला में महिलाओं और लड़कियों को सशक्त बनाने के लिए चल रही नीतियों- कार्यक्रमों को मजबूत करने से संबंधित कई सुझाव सामने आए। प्रतिभागियों ने बिहार में अधिक समावेशी, असमानता विहीन और जेंडर के प्रति संवेदनशील समाज बनाने के लिए मिलकर काम करने के अपने संकल्प को दोहराया।
साथ ही लिंग आधारित हिंसा, आर्थिक अवसरों की असमान पहुंच, महिलाओं के अवैतनिक केयर कार्यों की असमानता जैसी चुनौतियों पर भी प्रकाश डाला गया। चर्चा में अंतर विभागीय समन्वय, जेंडर-बजट, जेंडर-सेंसिटिव योजना-निर्माण और डाटा-आधारित नीतिगत हस्तक्षेप के महत्व पर बल दिया गया, ताकि राज्य में लैंगिक समानता से संबंधित किए गए पहल को और मजबूत किया जा सके।

 

4. पेराई सत्र शुरू होने से पूर्व बढाएं पांच हजार हेक्टेयर में गन्ना का अतिरिक्त रकबा: एसीएस

 

पटना/अपर मुख्य सचिव श्री के. सेंथिल कुमार ने रविवार को विष्णु सुगर मिल गोपालगंज का निरीक्षण करने के साथ ही अधिकारियों के साथ बैठक कर चीनी मिल से संबंधित मामलों की समीक्षा की।
अपर मुख्य सचिव ने मिल के महाप्रबंधक को निर्देश देते हुए कहा कि पेराई सत्र शुरू होने से पहले पांच हजार हेक्टेयर में गन्ना का अतिरिक्त रकबा बढ़ाया जाए। इसमें सरकार हर संभव मदद करेगी। इसके बाद अपर मुख्य सचिव ने गोपालगंज जिले के पंचदेवरी प्रखंड के खालगाँव स्थित हर्षवर्धन इंडस्ट्रीज के गुड़ इकाई का फीता काटकर उद्घाटन किया।
इसी क्रम में एसीएस ने भगवानपुर पंचायत में गन्ना किसान संजय कुमार सिंह के द्वारा लगाए गए सीओपी-14201 प्रभेद प्लांट का भी निरीक्षण किए और वहां उपस्थित गन्ना किसानों को अधिक से अधिक गन्ना का रकबा बढ़ाने हेतु प्रोत्साहित किया। निरीक्षण के दौरान संयुक्त ईखायुक्त श्री जयप्रकाश नारायण सिंह, सहायक निदेशक गोपालगंज श्री सुबोध कुमार सिंह, ईख पदाधिकारी गोपालगंज श्री शिव शंकर आजाद सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।

 

5.हुनर को पहचान: रोजगार शुरू करने वाली महिलाओं का हुआ सम्मान, अन्य के लिए बनीं प्रेरणा

पटना ग्रामीण विकास विभाग की ओर से अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस को महिला रोजगार दिवस के रूप में मनाया गया। इस अवसर पर रविवार को जिला, संकुल के साथ ग्राम संगठन स्तर पर अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए गए जिसमें जीविका समूह की सदस्य और दूसरी महिलाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत 10 हजार रुपए की आर्थिक सहायता अनुदान प्राप्त कर रोजगार सृजन करने वाली महिलाओं ने खुद के संघर्ष के साथ सफलता की कहानी को अनुभव के रूप में साझा किया। उनकी सफलता के लिए उन्हें प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया।
इसी कड़ी में विभागीय मंत्री श्रवण कुमार नालंदा के नूर सराय स्थित नालंदा कॉलेज ऑफ हार्टिकल्चर परिसर में आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। उन्होंने कहा कि महिलाओं को खुद की पसंद के रोजगार के लिए सरकार ने मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना को लागू किया।
इसके तहत राज्य में एक करोड़ 81 लाख महिलाओं को 10-10 हजार रुपए का आर्थिक सहयोग दिया गया है। करीब 18 लाख नए आवेदनों की जांच की जा रही है जिनमें से पात्रता रखने वाली महिलाओं को फिर से आर्थिक सहयोग दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिन महिलाओं ने खुद का रोजगार शुरू कर लिया है, उन्हें समीक्षा के बाद सरकार दो लाख रुपए की अतिरिक्त सहायता राशि देगी। विभागीय मंत्री ने सतत जीविकोपार्जन योजना के बारे में विस्तार से बताया। कहा कि खुद का रोजगार शुरू करने वाली महिलाएं बिहार के साथ दूसरे राज्यों के लिए एक मिसाल बन गई हैं।

मंत्री ने यह भी बताया की राज्य के सभी प्रखंडों में एक-एक जीविका दीदी हाट की भी स्थापना की जाएगी और इस हाट में उद्यमी दीदियों के निर्मित सामानों की बिक्री की जाएगी। इसी के साथ जिला स्तर पर सरस मेला लगाया जाएगा जहां दीदियों को उनके उत्पाद बिक्री के लिए एक नया बाजार उपलब्ध होगा। इस अवसर पर उन्होंने रोजगार शुरू करने वाली कई महिलाओं का प्रशस्ति पत्र से सम्मान किया।
सांसद कौशलेन्द्र कुमार ने सभी महिलाओं को अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस की बधाई दी और राज्य की उन्नति में उनके योगदान को सराहा। उन्होंने कहा कि आज महिलाएं पुरुषों के अधीन नहीं हैं। वह अपने पैरों पर खड़ी होकर पूरे समाज में एक सकारात्मक परिवर्तन ला रही हैं।
इसी कड़ी में महिलाओं के विरुद्ध घरेलू हिंसा, बाल लिंगानुपात और बाल-विवाह जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। जागरुकता गतिविधियां संचालित की गईं। सुरक्षित रास्ता-विकास का रास्ता, घर का काम-सबका काम विषय पर प्रचार-प्रसार के लिए संकल्प लिया गया।

 

5 .चईत मासे बोलेले कोयलिया हो रामा, मोर अंगनवा से गूंजा बिहार म्यूजियम

पटना/अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर कला एवं संस्कृति विभाग के अंतर्गत भारतीय नृत्य कला मंदिर तथा बिहार ललित कला अकादमी के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को बिहार म्यूजियम में संगोष्ठी एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। “चाक्षुष एवं प्रदर्श कला में महिलाओं की भूमिका” विषय पर आयोजित कार्यक्रम में कला, संस्कृति और समाज में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई।

कार्यक्रम की शुरुआत विभाग के सचिव प्रणव कुमार एवं प्रशासी पदाधिकारी कहकशां समेत अन्य गणमान्य अतिथियों के दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इस अवसर पर विभाग के सचिव प्रणव कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी राज्य या देश के विकास में महिलाओं का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रेरणादायी रहा है। उन्होंने कहा कि भारतीय इतिहास में सिंधु घाटी सभ्यता से लेकर वैदिक काल तक महिलाओं ने विदुषी, कवयित्री और विचारक के रूप में समाज को समृद्ध किया है। महिलाओं ने हमेशा संस्कृति और परंपराओं को संजोकर रखने में अहम भूमिका निभाई है।

उन्होंने अपने वक्तव्य में प्रसिद्ध उक्ति “यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः” का उल्लेख करते हुए कहा कि जहां नारी का सम्मान होता है, वहीं समृद्धि और उन्नति का मार्ग प्रशस्त होता है।

संगोष्ठी की शुरुआत प्रख्यात लोकगायिका पियु मुखर्जी के व्याख्यान से हुई। उन्होंने “विमेन्स इम्पोर्टेंस एंड इम्पैक्ट ऐज द कैरेक्टर इन इंडियन सेमी-क्लासिकल वोकल म्यूजिक” विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए। अपने व्याख्यान के दौरान उन्होंने भारतीय संगीत परंपरा में महिलाओं की भूमिका और उनकी भावनात्मक अभिव्यक्ति को गीतों के माध्यम से समझाया।

उन्होंने राधा-कृष्ण के प्रेम, विरह, रूठने-मनाने और चैता गायन की परंपरा को अपने सुरों में पिरोते हुए प्रस्तुत किया। “ये मोरा सइयां बुलाए आधी रात, नदिया बैरी भइल” और “चईत मासे बोलेले कोयलिया हो रामा, मोर अंगनवा” जैसे लोकगीतों की प्रस्तुति ने पूरे सभागार को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनकी प्रस्तुति पर दर्शकों ने तालियों की गूंज से उत्साहपूर्वक स्वागत किया।

कार्यक्रम में प्रो. डॉ. जसमिन्दर कौर, डॉ. विंबावती देवी, डॉ. उलूपी कुमारी और संगीता ने भी अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने अपने-अपने कला क्षेत्र के अनुभवों के आधार पर समाज, संस्कृति और कला के विकास में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया।

 

6.राजस्व कार्यों से लेकर लगान वसूली और दाखिल – खारिज को समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करें: सीके अनिल

पटना/राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव श्री सी.के. अनिल की अध्यक्षता में रविवार को स्थानीय अधिवेशन भवन में सभी अंचलाधिकारियों की उपस्थिति में महत्वपूर्ण विभागीय कार्यों की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में भू-लगान वसूली, दाखिल-खारिज, परिमार्जन प्लस तथा ई-मापी से संबंधित लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा है कि राजस्व से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। भू-लगान वसूली, दाखिल-खारिज, परिमार्जन और ई-मापी जैसे कार्य सीधे आम जनता से जुड़े हैं, इसलिए इनका समयबद्ध और पारदर्शी निष्पादन हर हाल में सुनिश्चित करना होगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकार की मंशा है कि आम लोगों को अंचल कार्यालयों में बिना भटकाव के समय पर सेवा मिले। जो अधिकारी या कर्मचारी जनता के काम में अनावश्यक देरी करेंगे या लापरवाही बरतेंगे, उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं बेहतर काम करने वालों को हर स्तर पर प्रोत्साहित भी किया जाएगा।
समीक्षा बैठक में प्रधान सचिव श्री अनिल ने स्पष्ट कहा कि भू-लगान वसूली सरकार की महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं में शामिल है और इसका निर्धारित लक्ष्य हर हाल में पूरा किया जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि लगान वसूली में किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। इस दौरान उन्होंने लगान वसूली में अच्छा करने वाले अंचलाधिकारियों की तारीफ भी की। उन्होंने इसके साथ ही दाखिल-खारिज के लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर तेजी से निष्पादित करने, परिमार्जन के मामलों का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने और ई-मापी की प्रक्रिया को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने पर विशेष जोर दिया गया।
उन्होंने कहा कि बेहतर कार्य निष्पादन के लिए सकारात्मक और सुविधाजनक कार्य वातावरण आवश्यक है। इसी उद्देश्य से अंचल कार्यालयों के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं के मद में राशि उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने सभी अंचलाधिकारियों को निर्देश दिया कि उपलब्ध कराई गई राशि का उपयोग कार्यालयी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने में अवश्य करें, ताकि कर्मचारियों को बेहतर वातावरण में काम करने का अवसर मिल सके और आम लोगों के कार्य समय पर हो सकें।
बैठक में सचिव श्री जय सिंह ने कहा कि राजस्व प्रशासन को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए डिजिटल डायरी की व्यवस्था लागू की जा रही है। यह डायरी राजस्व कर्मचारियों और अमीनों दोनों के लिए होगी, जिसमें उनके स्तर से प्रतिदिन किए जाने वाले कार्यों का पूरा विवरण दर्ज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अंचलाधिकारी की जिम्मेदारी होगी कि वे प्रतिदिन इन डायरियों का अवलोकन करें, ताकि कार्यों की नियमित निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।
सचिव श्री गोपाल मीणा ने बैठक में कहा कि जनशिकायत पोर्टल पर प्राप्त होने वाली शिकायतों का त्वरित और प्रभावी समाधान किया जाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन शिकायतों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए समय सीमा के भीतर निष्पादित किया जाए। इसके साथ ही माननीय उपमुख्यमंत्री के जनसंवाद कार्यक्रम से संबंधित शिकायतों का भी गंभीरता से संज्ञान लेते हुए शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि सोमवार, शुक्रवार और शनिवार को प्राप्त होने वाली शिकायतों पर विशेष रूप से प्राथमिकता देकर कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि यदि शिकायतों का समय पर समाधान किया जाएगा तो अनावश्यक विवाद और असंतोष की स्थिति कम होगी तथा अधिकारियों और कर्मचारियों को बेहतर वातावरण में कार्य करने का अवसर मिलेगा।
बैठक की शुरुआत विभागीय प्रस्तुतीकरण के साथ हुई। इस दौरान भू-लगान वसूली के लक्ष्य के आधार पर राज्य के शीर्ष 50 अंचलों और सबसे कम प्रदर्शन करने वाले 50 अंचलों की वर्तमान स्थिति को आंकड़ों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। इसके अतिरिक्त दाखिल-खारिज, परिमार्जन प्लस और ई-मापी के मामलों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले शीर्ष 50 अंचलों तथा कमजोर प्रदर्शन करने वाले 50 अंचलों की स्थिति भी विस्तृत डाटा के साथ अधिकारियों के समक्ष रखी गई।
प्रस्तुतीकरण के माध्यम से अधिकारियों को अपने-अपने अंचलों की स्थिति से अवगत कराया गया और बेहतर प्रदर्शन करने वाले अंचलों से सीख लेकर कार्यों में सुधार लाने की आवश्यकता पर बल दिया गया। बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि राजस्व से संबंधित सभी कार्यों को समयबद्ध, पारदर्शी और जवाबदेह तरीके से संपन्न करना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है, ताकि आम लोगों को त्वरित और बेहतर सेवा मिल सके।
इस दौरान भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय के निदेशक श्री सुहर्ष भगत, अपर सचिव श्री आजीव वत्सराज, उप निदेशक श्रीमती मोना झा, विशेष कार्य पदाधिकारी श्री मणिभूषण किशोर, श्रीमती सुधा रानी, श्रीमती सोनी कुमारी, उप सचिव श्री संजय कुमार सिंह, श्री सुनील कुमार सिंह, सहायक निदेशक सह जिला जनसंपर्क पदाधिकारी सुश्री जूही कुमारी, आईटी मैनेजर श्री आनंद शंकर समेत मुख्यालय के कई अन्य अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित थे। बैठक में राज्य के सभी 537 अंचलों के अंचलाधिकारी उपस्थित थे।