अमेरिका कृषि व्यापार समझौता रद्द करने की मांग के साथ 13 सूत्री मांगों पर अपनी आवाज बुलंद
पटना /अखिल भारतीय किसान महासभा के नेतृत्व में हजारों किसान राज्य भर में मजदूर वर्ग द्वारा आहूत देशव्यापी आम हड़ताल के समर्थन में सड़क पर उतर कर भारत – अमेरिका कृषि व्यापार समझौता रद्द करने की मांग के साथ 13 सूत्री मांगों पर अपनी आवाज बुलंद की।
इस आशय की रिपोर्ट पटना में जारी करते हुए अखिल भारतीय किसान महासभा के बिहार राज्य सचिव सह राष्ट्रीय सचिव उमेश सिंह ने कहा कि केंद्र और राज्यों की सरकारें किसानों,मजदूरों व गरीबों के हितों के पक्ष में बने अब तक के सभी कानूनों को कॉर्पोरेट के पक्ष में लगातार बदलने यहां तक कि खत्म कर देने की कोशिश कर रही है ।इसी के तहत भारत – अमेरिका कृषि व्यापार समझौता कर न सिर्फ भारतीय कृषि और किसानों को अमेरिकी कंपनियों के हाथों गिरवी कर दिया है बल्कि देश की संप्रभुता को भी गिरवी कर दी है।
इस दौरान पटना के ड़कबंगला चौराहा पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय किसान महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कॉमरेड शिव सागर शर्मा ने कहा कि मोदी सरकार लगातार किसानों और मजदूरों पर हमला कर रही है पहले तीन काले कृषि कानूनों के जरिय कृषि व कृषि उत्पाद को लूट लेने की कोशिश की गई ।मजदूरों के पक्ष में बने अब तक के 44 कानूनों को समेट कर चार श्रम संहिता के जरिय मजदूरों को कॉर्पोरेट गुलाम बना देने की कोशिश और अब V B GRAM G के जरिय मनरेगा को खत्म कर देने, चोर दरवाजे से कृषि भूमि अधिग्रहण कानून,खाद्य सुरक्षा कानून किसान सम्मान निधि में संशोधन किया जा रहा है या उलझा कर उससे लोगों को वंचित किया जा रहा है। हमारी खेती में सरकारी पूंजी निवेश को खत्म कर उसे घाटे का काम बना दिया गया ताकि किसान खेती छोड़ दें और खेत खेती कॉर्पोरेट के पक्ष में लूट कर ली जाए।
उन्होंने कहा कि जब तक खेत खेती किसानों के हाथ में है और जंगल पहाड़ आदिवासियों के संरक्षण में है तब तक ही खाद्य सुरक्षा और पर्यावरण की सुरक्षा की गारंटी रही। लेकिन जैसे ही सरकारों की नीतियों के चलते खेत, खेती, फसल और जल, जंगल , पहाड़ का कॉर्पोरेट अधिग्रहण शुरू हुआ कि खाद्य सुरक्षा और पर्यावरण संकटग्रस्त हो गए हैं आज इसे बचाने की जरूरत है इसके लिए हम किसानों को सड़क पर न सिर्फ उतरना होगा बल्कि संघर्ष को तेज करते हुए इन सरकारों को चुनौती देनी होगी।
उन्होंने कहा कि किसान भारी आक्रोश में हैं और संघर्ष का बिगुल फूंक चुके हैं यह आज के राज्य भर में हुए धरना प्रदर्शनों में दिखा। खेती के व्यस्त मौसम के बावजूद राज्य भर में हज़ारों किसान सड़क पर उतरे।
उन्होंने कहा कि आज के इस देश व्यापी कार्यक्रम में हम भारत – अमेरिका कृषि व्यापार समझौता रद्द करने की मांग के अलावा कृषि भूमि अधिग्रहण व उसके लूट बंद करो! कदवन डैम( इंद्रपुरी जलाशय) का यथाशीघ्र निर्माण कराओ! संपूर्ण खेती को सिंचित करो! VB GRAM G को रद्द करो मनरेगा को पुनर्बहाल करो! चार श्रम संहिता (श्रम शक्ति कानून 2025) को वापस लो! बीज विधेयक 2028 को वापस लो! विद्युत विधेयक 2028 वापस लो ! कृषि विपणन पर नए राष्ट्रीय प्रस्ताव वापस लो! भौतिक सत्यापन के जरिय सभी किसानों को कृषि भूमि का और गरीबों को वास भूमि का कागजात मुहैया कराते हुए उनके पंजीकरण कर कृषि में मिलने वाली सभी सुविधाएं प्रदान करो! सी टू प्लस पच्चास प्रतिशत एमएसपी की कानूनी गारंटी के साथ सभी फसलों की सरकारी खरीद की गारंटी करो! 60 वर्ष उम्र पूरा कर चुके सभी किसानों को 10000 रुपया मासिक पेंशन दो! आदि मांग प्रमुखता से उठा रहे हैं।

