बिहार में चहुँओर अराजकता और अव्यवस्था का आलम, पीड़ितों और गरीबों की कहीं कोई सुनने वाला नहीं : तेजस्वी यादव
बिहार में पीड़ितों और गरीबों की कहीं कोई सुनने वाला नहीं। पुलिस की रिकॉर्डतोड़ नाकामयाबी, कम दोष-सिद्धि दर और ज्वलंत घटनाओं पर मुख्यमंत्री की अनभिज्ञता के चलते जनता अब सड़कों पर उतर चुकी है।
प्रदेश में चहुँओर अराजकता और अव्यवस्था का आलम है। विधि व्यवस्था चरमरा गयी है। अपराधियों और सत्ताधारी नेताओं के गठबंधन में जनता पीस रही है। विगत दिनों में बहन-बेटियों के साथ बलात्कार और हत्या की घटनाओं में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। हालिया घटनाओं की छोटी सी सूची:-
दरभंगा में 6 वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म ।
???? पटना में NEET छात्रा की दुष्कर्म उपरांत हत्या।
???? मधेपुरा में महिला की दुष्कर्म उपरांत हत्या।
???? खगड़िया में 4 वर्षीय बच्ची की दुष्कर्म उपरांत हत्या।
???? मुजफ्फरपुर में महिला की अपहरण बाद हत्या।
???? गोपालगंज में छेड़खानी का विरोध करने पर युवती की हत्या।
???? कैमूर में 14 वर्षीय किशोरी की हत्या।
???? मुंगेर महिला की हत्या।
???? सुपौल में महिला की हत्या।
???? मोतिहारी में युवती की हत्या
???? कटिहार में महिला की संदिग्ध हत्या।
???? सोनपुर में महिला की हत्या
???? मुजफ्फरपुर में पांच वर्ष की मासूम से रेप।
???? गोपालगंज के भोरे में 5 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म।
????मधेपुरा के सिंहेश्वर में नाबालिग छात्रा से गैंगरेप।
???? मोतिहारी में युवती पर बदमाशों ने किया एसिड अटैक।
???? गोपालगंज में नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म।
???? छपरा में नाबालिग लड़की से गैंगरेप।
सत्ता संरक्षण में बलात्कारियों, हत्यारों और अपराधियों के हौसले बुलंद है। ख़ुद सरकार के मंत्री सत्ता संपोषित अपराध को खुलेआम स्वीकार कर रहे है। प्रदेश में अराजकता और अव्यवस्था की स्थिति काफ़ी चिंताजनक तथा मुख्यमंत्री की चुप्पी खतरनाक और आपराधिक है।

