गरीब और प्रतिभाशाली स्टूडेंट्स के लिए उम्मीद का केंद्र बना Prerna IAS शिक्षण बिलकुल फ्री
पटना/ समाज के सामने सबसे बड़ा प्रश्न होता है- क्या अवसर केवल सक्षम वर्ग तक ही सीमित रहेंगे, पटना स्थित Prerna IAS इस सवाल का एक व्यावहारिक और प्रेरणादायी उत्तर बनकर सामने आया है। यह संस्थान न तो शिक्षा को व्यवसाय मानता है और न ही पारंपरिक कोचिंग संस्कृति का हिस्सा है। वह इसे सिर्फ एक सामाजिक दायित्व के रूप में देखता है। ऐसे में यह संस्थान महंगाई के दौर में गरीबों के लिए वरदान साबित हो रहा है। बिहार के साथ ही बॉर्डर इलाकों के स्टूडेंट्स व उनके पैरेंट्स के लिए काफी राहत लेकर आया है। और इसका श्रेय पटना स्थित प्रेरणा आईएएस (Prerana IAS) के निदेशक लालटून यादव को जाता है।
उन्होंने बातचीत में बिहार हलचल (संपादक) को बताया कि इस संस्थान के पीछे व्यक्तिगत प्रसिद्धि या आर्थिक लाभ का कोई उद्देश्य नहीं है। इसका उद्देश्य सिर्फ और सिर्फ समाज के गरीब, पिछड़े और वंचित तबके के मेधावी छात्रों को आगे लाना है, उन्हें आगे बढ़ाना है। यह संस्थान पूरी तरह निःशुल्क है और यहां UPSC (IAS) और PCS जैसी कठिन परीक्षाओं की तैयारी के लिए छात्रों से किसी भी प्रकार का कोई चार्ज नहीं लिया जाता है। वे बताते हैं कि हां, संस्थान में इंट्रेस के लिए थोड़ी कठिन प्रक्रिया है। स्टूडेंट्स का चयन मेरिट के आधार पर होता है, ताकि केवल वास्तविक रूप से मेहनती और योग्य स्टूडेंट्स को ही यह opportunity मिल सके।
निदेशक लालटून यादव ने कहा कि 2024-25 के बैच में लगभग 80 स्टूडेंट्स अध्ययनरत हैं, जिनमें करीब 55 प्रतिशत छात्राएं शामिल हैं। यह डेटा संस्थान की लैंगिक समानता और समावेशी दृष्टिकोण को रेखांकित करता है। वे यह भी कहते हैं कि Prerna IAS का संचालन दानदाताओं, सहयोगियों और समाज के सक्षम लोगों के आर्थिक सहयोग से होता है। पूरा सिस्टम समाजसेवा के तहत काम कर रहा है। वे खुद इस पूरे सिस्टम पर पैनी नजर रखते हैं और काफी बारीकी से मॉनिटरिंग करते हैं। इस संस्थान में निदेशक नहीं, बल्कि सोशल एक्टिविस्ट के रूप में काम करते हैं। आगे…..

