आखिर कब तक इंतजार करेगी झंझारपुर लोकसभा की जनता दो बार सांसद विकास शून्य
संपादकीय: राम दुलार यादव
झंझारपुर लोकसभा की जनता आज खुद से एक ही सवाल पूछ रही है आखिर हम कब तक इंतजार करेंगे
मधुबनी/लगभग दो बार सांसद बनाकर जनता ने रामप्रीत मंडल को दिल्ली भेजा। सोचा था कि अब झंझारपुर का भाग्य बदलेगा, सड़कें बनेंगी, गांवों में रोशनी आएगी, युवाओं को रोजगार मिलेगा। लेकिन हकीकत क्या है।
विकास सिर्फ फाइलों में धरातल पर सन्नाटा
सांसद निधि का पैसा कहाँ गया। सांसद आदर्श ग्राम योजना के तहत जो गांव गोद लिया गया था, आज भी वह गांव अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। वहां जाने पर लगता ही नहीं कि वह किसी सांसद का गोद लिया हुआ गांव है। सब कुछ सूना-सूना सा है। जो विकास हुआ भी है, वह सिर्फ कागजों और फाइलों में हुआ है।
सांसद जी सिर्फ फोटो और टूर में माहिर
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सांसद जी विकास करने में नहीं, बल्कि सिर्फ फोटो खिंचवाने और टूर करने में माहिर हैं। चुनाव के समय हाथ जोड़कर वोट मांगने वाले सांसद जी चुनाव जीतने के बाद जनता को प्रभु दर्शन तक नहीं देते।
गांव के एक बुजुर्ग ने बताया जब भी हम लोग संपर्क करने की कोशिश करते हैं तो फोन उनके स्टाफ उठाते हैं और एक ही जवाब मिलता है सांसद जी टूर पर हैं।
नीतीश के नाम पर मिला वोट जनता हुई बेहाल
झंझारपुर की जनता ने सांसद को नहीं, बल्कि नीतीश कुमार के नाम और JDU के तीर छाप को देखकर वोट दिया था। लेकिन उस भरोसे का क्या हुआ।आज जनता खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही है।
ना तो कभी सांसद जी जनता से मिलने आते हैं, ना ही कभी जनता की समस्या सुनते हैं। सड़कें आज भी टूटी हैं, नल-जल फेल है, स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टर नहीं।
जनता पूछ रही है क्या इसी के लिए वोट दिया था
क्या झंझारपुर की जनता ने इसी दिन के लिए मतदान किया था कि उनका चुना हुआ प्रतिनिधि उनसे मिलने तक ना आए? क्या यही लोकतंत्र है ।
अब समय आ गया है कि झंझारपुर की जनता अपने हक के लिए आवाज उठाए। क्योंकि अगर अब भी चुप रहे तो अगले पांच साल भी इसी तरह इंतजार में बीत जाएंगे।

