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जे.सी.एल.+2 विद्यालय ख़ाजेडीह में सरकारी जमीन का दुरुपयोग, करोड़ों रुपए राजस्व पर लगी बड़ा सेंध

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न्यूज डेस्क 

मधुबनी/लदनिया – लदनिया प्रखंड के खाजेडीह जे.सी.एल.+2 विद्यालय की सरकारी जमीन और संपत्ति के प्रबंधन में बड़े पैमाने पर अनियमितता सामने आई है। आरोप है कि विद्यालय की करीब 21 एकड़ जमीन पर बनी दुकानों और लगने वाली हटिया से वर्षों से विद्यालय को राजस्व नहीं मिल रहा, जबकि नियमों को ताक पर रखकर बंदोबस्ती की गई है।

 

विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष पदेन स्थानीय विधायक होते हैं, ऐसे में अब लोगों को जांच का इंतजार है

स्थानीय लोगों के अनुसार, परिसर की लगभग 40 दुकानें 2013 में मात्र ₹1 प्रति वर्ग फीट पर दी गई थीं। शुरुआती दो महीने किराया वसूलने के बाद आज तक विद्यालय प्रशासन ने दुकानदारों से एक रुपये की भी वसूली नहीं की।

इसी तरह, रविवार और गुरुवार को लगने वाली हटिया को हर साल केवल ₹63,000 में एक ही व्यक्ति को दी जा रही है, जबकि वह इसे बाजार दर से कई गुना अधिक पर दूसरों को दे रहा है। लगभग 2 एकड़ उपजाऊ जमीन भी सिर्फ ₹2,300 प्रति वर्ष पर बंदोबस्त कर दी गई है।

विद्यालय की जमीन का एक हिस्सा मंदिर और स्टेडियम को दे दिया गया है। छात्रावास बना होने के बावजूद वह चालू नहीं है, जिससे शिक्षा व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है।

जब प्रधानाचार्य श्री प्रसाद सिंह, जो 2014 से पद पर हैं, से पूछा गया तो उन्होंने कहा, “शुरू से जैसे चल रहा है, वैसे ही चला रहे हैं।” मार्च में दुकानदारों के साथ बैठक कर लिखित आवेदन लेने की बात कही गई, जिसे लोग खानापूर्ति बता रहे हैं।

शिक्षा विभाग के नियमों के अनुसार, सरकारी विद्यालयों की संपत्ति की बंदोबस्ती हर साल खुले निविदा/नीलामी से होनी चाहिए और राजस्व का उपयोग विद्यालय विकास पर होना चाहिए।

वहीं जिला शिक्षा पदाधिकारी मधुबनी ने कहा है कि जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।