मधुबनी में मिड-डे-मील पर संकट 4-5 महीने से वेंडरों को नहीं मिला भुगतान बच्चों की थाली पर मंडराया खतरा
न्यूज डेस्क
मधुबनी जिले की शिक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़ा हो गया है। जिले के सरकारी विद्यालयों में चल रही मिड-डे-मील योजना इन दिनों गंभीर संकट से गुजर रही है।
जानकारी के अनुसार मिड-डे-मील के वेंडरों को पिछले चार-पांच महीने से भुगतान नहीं किया गया है। जिसके कारण वेंडरों में आक्रोश है और भोजन की आपूर्ति ठप होने की आशंका जताई जा रही है।
नियम के अनुसार शुक्रवार को बच्चों को पौष्टिक आहार के रूप में केला, सेव/अंडा देने का प्रावधान है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि कई स्कूलों में यह भी नहीं मिल पा रहा है। नाम के लिए ही मेन्यू चल रहा है।
अभिभावकों का कहना है कि अगर वेंडरों को ही पैसा नहीं मिलेगा तो हमारे बच्चों को खाना कैसे मिलेगा। सरकार कहती कुछ है और करती कुछ।
अगर समय पर भुगतान नहीं हुआ तो हजारों गरीब बच्चों के भोजन की व्यवस्था कैसे चलेगी।शिक्षा विभाग के अधिकारी कागजों में सब कुछ ठीक दिखा रहे हैं लेकिन धरातल पर स्थिति शून्य है।
शिक्षा विभाग की इस लापरवाही का खामियाजा सीधे गरीब बच्चों को भुगतना पड़ रहा है। सरकार और मंत्री सिर्फ बयानबाजी में लगे हैं जबकि स्कूलों की जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है।
जिला प्रशासन को इस मामले में तुरंत संज्ञान लेकर वेंडरों का बकाया भुगतान और बच्चों के भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित करनी चाहिए।

