नव नालंदा महाविहार के विपश्यना एवं योग विभाग की नए सत्र की कक्षाएं होगी प्रारंभ
धर्म प्रकाश रुद्र .सह सांप सम्पादक
नालंदा/ नालंदा महाविहार (सम विश्वविद्यालय), नालंदा, भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के अधीन एक प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थान है। इसकी स्थापना वर्ष 1951 में प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय की गौरवशाली ज्ञान परंपरा के पुनरुत्थान के उद्देश्य से की गई थी तथा वर्ष 2006 में इसे मानित विश्वविद्यालय (Deemed to be University) का दर्जा प्राप्त हुआ। विश्वविद्यालय भारतीय ज्ञान परंपरा, बौद्ध अध्ययन, दर्शन, पाली, संस्कृत, योग एवं अन्य विषयों में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा एवं शोध के लिए प्रसिद्ध है।
इसी विश्वविद्यालय का विपश्यना एवं योग विभाग विद्यार्थियों को योग एवं विपश्यना का शास्त्रीय, वैज्ञानिक तथा व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करता है। विभाग में महर्षि पतञ्जलि के अष्टाङ्ग योग, योगदर्शन, योग चिकित्सा, योग शरीर रचना एवं शरीर क्रिया विज्ञान (Anatomy & Physiology), प्राणायाम, ध्यान, योग मनोविज्ञान, शोध पद्धति तथा विपश्यना साधना का समग्र अध्ययन कराया जाता है। अनुभवी शिक्षकों के मार्गदर्शन में नियमित प्रायोगिक कक्षाएँ, कार्यशालाएँ, संगोष्ठियाँ एवं विशेष व्याख्यान आयोजित किए जाते हैं।
उपलब्ध पाठ्यक्रम
Post Graduate Diploma in Vipassana and Yoga (पी.जी. डिप्लोमा इन विपश्यना एंड योग)
B.A. (Vipassana and Yoga) – 4 वर्षीय स्नातक कार्यक्रम (NEP-2020 के अनुसार)
पाठ्यक्रम की विशेषताएँ एवं लाभ
योग एवं विपश्यना का वैज्ञानिक एवं शास्त्रीय अध्ययन।
अनुभवी एवं योग्य शिक्षकों द्वारा गुणवत्तापूर्ण शिक्षण।
नियमित योग, ध्यान एवं विपश्यना का प्रायोगिक प्रशिक्षण।
शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक विकास का समग्र अवसर।
योग प्रशिक्षक, योग चिकित्सक, शोधकर्ता, शिक्षक एवं वेलनेस उद्योग में रोजगार एवं स्वरोजगार की संभावनाएँ।
भारतीय ज्ञान परंपरा एवं वैश्विक योग संस्कृति से जुड़ने का उत्कृष्ट अवसर।
राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शोध एवं अकादमिक गतिविधियों में सहभागिता।
यदि आप भी योग को केवल एक अभ्यास नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, जीवन-दर्शन, शोध एवं उज्ज्वल करियर के रूप में अपनाना चाहते हैं, तो नव नालंदा महाविहार का विपश्यना एवं योग विभाग आपके लिए एक उत्कृष्ट विकल्प है।

