भूमि सुधार और सामंतवाद बिरोधी संघर्षो से युक्त सामाजिक न्याय का नया माडल सामने लायेगा भाकपा-माले : ध्रुब कर्ण
राम कुमार सिंह
दरभंगा / लहेरियासराय में आयोजित भाकपा-माले के 12 वां बिहार राज्य सम्मेलन ऐतिहास रुप से सफल समापन के बाद आज मधुबनी लौटे भाकपा-माले के जिला सचिव ध्रुब नारायण कर्ण ने कहा कि उक्त राज्य सम्मेलन में लगभग एक हजार पार्टी कार्यकर्ताओं नेताओं ने भाग लिया. पार्टी के महासचिव कामरेड दीपंकर भट्टाचार्य, सम्मेलन के पर्यवेक्षक कामरेड वी शंकर (तमिलनाडु) पोलिटब्यूरो सदस्य कामरेड धीरेंद्र झा, अमर,राजाराम सिंह(काराकाट से सांसद),शशि यादव,(बिधान पार्षद) मीना तीवारी,आरा से सांसद सुदामा प्रसाद प्रमुख नेता शामिल थे.इस सम्मेलन में मधुबनी जिला से 17 साथियों ने भाग लिया।
सम्मेलन ने बिहार को बुलडोजर राज का प्रयोगशाला बनाने के खिलाफ एकजुटता आंदोलन तेज करने की दिशा तय किया। सम्मेलन ने बिहार में नया सामाजिक न्याय माडल सामने लयेगा ,जो भूमिसुधार और सामंतवाद बिरोधी संघर्षो से युक्त होगा. जिला सचिव ने आगे कहा की भाजपा की बुलडोजर राज फासीवाद का एक नमूना है, जो भय व आतंक पैदा करके जनता के हर अधिकारों को छीन कर दमन और शोषण चला कर अडानी,अंबानी जैसे कारपोरेट घरानों का तीजोरी भर रही है।इसलिए आज *गरीबों के घरों पर बुलडोजर चलाने, महिलाओं पर ,दलित गरीबों पर बढ़ते हिंसा, छात्रों युवाओं पर ह़ो रहे बर्बर लाठीचार्ज व दमन और जन अधिकारों पर हो रहे हमले बाली बुलडोजर राज के खिलाफ,डट कर खड़ा होना है.हिम्मत और साहस के साथ फासीवादी बुलडोजर राज का मुकाबला करना है।
सम्मेलन ने अपने बीच से 107 सदस्यों बाली राज्य कमिटी व राज्य सचिव के रूप में कामरेड कुणाल का चुनाव किया. इस राज्य कमिटी में मधुबनी के जिला सचिव ध्रुब नारायण कर्ण एवं बेनीपट्टी प्रखंड सचिव श्याम पंडित भी चुने गये हैं।

