25 से 30 फिर से नीतीश का नारा देने वालों का क्या हुआ
राम भजन सिंह
पटना/भाजपा ने अपना महाराष्ट्र वाला “एकनाथ शिंदे मॉडल” अब बिहार में भी लागू कर दिया है। जिस मुख्यमंत्री के चेहरे पर चुनाव लड़ा गया, आज वही कुर्सी से बेदखल कर दिए गए।
नेता प्रतिपक्ष Tejashwi Yadav जी ने चुनाव के समय ही साफ कहा था कि ये लोग चुनाव के बाद नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री नहीं रहने देंगे — आज वही सच साबित हो रहा है।
तब कहा गया था कि बिहार में लोकतंत्र नहीं, तंत्र की जीत हुई है। आज तंत्र ने ही बिहार के लिए नया मुख्यमंत्री तय कर दिया, जिसमें बिहार की जनता की कोई रज़ामंदी नहीं है।
जब बिहार में SIR करवाया जा रहा था और चुनाव के बीच ₹10000 महिलाओं को बांटा जा रहा था, तब “भूंजा पार्टी गैंग” नीतीश कुमार को भरोसा दिला रहा था कि ये सब विपक्ष को हराने के लिए है।
नीतीश जी शायद समझ नहीं पाए कि जब इन तिकड़मों से विपक्ष कमजोर होगा, तो कल यही खेल उनके खिलाफ भी खेला जाएगा।

