पिछले दो वर्षों (2024 से 2026 मार्च तक) 12 लाख 19 हज़ार 126 मकान प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनना था
पटना/बिहार में पिछले दो वर्षों (2024 से 2026 मार्च तक) 12 लाख 19 हज़ार 126 मकान प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनना था लेकिन बना है मात्र 2 लाख 96 हज़ार 65 मकान। बाक़ी का 9 लाख 23 हज़ार 06 मक़ाम में से 7 लाख 47 हज़ार लोगों को सिर्फ़ 60 हज़ार रुपया मिला है और चार लाख को मात्र 15 हज़ार रुपया मिला है मकान बनाने के लिए और 72 हज़ार 492 लोगों को तो एक भी रुपया नहीं मिला है। क्यूँ नहीं मिला? किसका दोष है? जी नहीं मुखिया जी का दोष नहीं मंत्री जी का दोष है।
भारत सरकार ने 2021 में सभी राज्यों से बोला था कि सभी राज्य PM आवास योजना का पैसा पाने के लिए एक अलग बैंक अकाउंट बना लीजिए जिसमें केंद्र सरकार पैसा भेजेगी लेकिन बिहार सरकार ने वो बैंक अकाउंट आज तक नहीं बनाया है। इस बैंक अकाउंट से मोदी सरकार इस योजना के पैसे में जो हर फेर होता है उसे रोकना चाहती थी लेकिन बिहार सरकार उस हेरफेर को नहीं रोकना चाहती है सम्भवतः।
बिहार के अलावा तेलंगना एक मात्र राज्य हैं जिसने वो बैंक अकाउंट नहीं बनाया है। सभी राज्यों द्वारा बैंक अकाउंट बनाने से केंद्र सरकार ने पिछले वित्तीय वर्ष 26 हज़ार करोड़ के घपले को रोका है और ये बात खुद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन बोल चुकी है। अब बिहार सरकार फिर से मोदी सरकार से आग्रह कर रही है कि वो तीन हज़ार करोड़ फ़िलहाल बिहार को दे दे उसके बाद बिहार सरकार ये अलग बैंक अकाउंट बना लेगी पैसा पाने के लिए।

