बिहार

उप मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में SEIAA एवं BSPCB के साथ राज्य स्तरीय समन्वय बैठक ।। 2.अवैध खनन, परिवहन एवं राजस्व समाहरण पर सख्ती, S-ड्राइव की समीक्षा

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न्यूज डेक्स 

पटना/राज्य में बालू घाटों के संचालन, पर्यावरणीय स्वीकृति (EC),लंबित प्रकरणों की समीक्षा के उद्देश्य से आज दिनांक 22.01.2026 को माननीय उप मुख्यमंत्री सह खान एवं भूतत्व मंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में State Environment Impact Assessment Authority (SEIAA), बिहार एवं Bihar State Pollution Control Board (BSPCB), Patna के साथ एक उच्चस्तरीय समन्वय बैठक आयोजित की गई।
बैठक में श्री आलोक कुमार, सदस्य सचिव, SEIAA, श्री मनोरंजन कुमार एवं श्री ए.के. गुप्ता, क्षेत्रीय पदाधिकारी, बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद, श्री चंदन कुमार, तकनीकी पदाधिकारी, SEIAA, श्री मनेश कुमार मीणा, निदेशक, खान एवं भूतत्व विभाग सहित विभाग के अन्य वरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में राज्य में बालू घाटों के वर्तमान संचालन की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई। अवगत कराया गया कि राज्य में कुल 1004 बालू घाट सृजित हैं, जिनमें से वर्तमान में 191 बालू घाट संचालित हैं एवं राज्यान्तर्गत 189 बालूघाट विभिन्न स्तरों पर वैधानिक अनापत्ति प्राप्त नही होने के कारण असंचालित है। वैधानिक स्वीकृतियों के अभाव में बड़ी संख्या में बालू घाटों के असंचालित रहने के कारण राज्य सरकार को निर्धारित राजस्व लक्ष्य हासिल करने में मुश्किल आ रही है।
माननीय उप मुख्यमंत्री ने कहा कि बालू घाटों की बंदोबस्ती एवं संचालन प्रक्रिया में जानबूझकर बाधा उत्पन्न करने वाले संगठित तत्वों की पहचान की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे सभी तत्व प्रशासन की सतत निगरानी में हैं तथा तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर उनके विरुद्ध विधिसम्मत एवं कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। राज्य सरकार किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब या व्यवधान को कतई स्वीकार नहीं करेगी।
विगत तीन वित्तीय वर्षों में बालू से प्राप्त राजस्व की भी समीक्षा की गई। वित्तीय वर्ष 2024-25 में लक्ष्य की तुलना में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है, जबकि वित्तीय वर्ष 2025-26 में 21 जनवरी 2026 तक बालू से प्राप्त राजस्व लक्ष्य का 60 प्रतिशत से अधिक समाहरण किया जा चुका है।
माननीय उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि पर्यावरणीय स्वीकृति, जनसुनवाई, सभी प्रक्रियाओं में विभागीय समन्वय को और अधिक प्रभावी बनाते हुए समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पर्यावरण संरक्षण के मानकों का पूर्ण अनुपालन करते हुए वैध खनन गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जाएगा।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन हेतु SEIAA, BSPCB एवं खान एवं भूतत्व विभाग के बीच नियमित समन्वय बैठकें आयोजित की जाएँगी, ताकि बालू घाटों का संचालन शीघ्र प्रारंभ हो सके और राज्य के राजस्व हितों की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

2.अवैध खनन, परिवहन एवं राजस्व समाहरण पर सख्ती, S-ड्राइव की समीक्षा

पटना /उप मुख्यमंत्री सह खान एवं भूतत्व मंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा के निर्देशानुसार, अवैध खनन, अवैध परिवहन एवं कार्य विभागों से राजस्व समाहरण को लेकर संचालित स्पेशल ड्राइव की राज्य-स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता निदेशक, खान एवं भूतत्व विभाग श्री मनेश कुमार मीणा ने की।
बैठक में जिलों से प्राप्त स्पेशल-ड्राइव प्रतिवेदनों की विस्तृत समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि कुछ जिलों से रिपोर्ट अप्राप्त है अथवा निर्धारित समयसीमा में रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई गई है। ऐसे सभी जिलों से स्पष्टीकरण का निर्देश दिया गया है।
बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि कार्य विभागों से संबंधित खनिज उपयोग के मामलों में राजस्व वसूली को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी तथा इस दिशा में सभी जिलों को लक्ष्य-आधारित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बालू घाटों की बंदोबस्ती एवं उनके संचालन से जुड़ी सभी व्यावहारिक एवं प्रशासनिक समस्याओं के त्वरित समाधान पर विशेष बल दिया गया। निदेशक ने निर्देश दिया कि जिन घाटों में संचालन संबंधी अड़चनें हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित कर शीघ्र निराकरण किया जाए, ताकि राजस्व क्षति रोकी जा सके। बैठक में यह भी निर्देशित किया गया कि नीलाम किए गए बालू घाटों से संबंधित सभी पर्यावरणीय स्वीकृतियों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए तथा लंबित किस्तों की शीघ्र वसूली के लिए प्रभावी कार्रवाई की जाए।

निदेशक महोदय ने निर्देश दिया कि अवैध खनन, अवैध परिवहन एवं भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने के लिए जिला टास्क फोर्स की बैठक प्रत्येक सप्ताह अनिवार्य रूप से आयोजित की जाए तथा बैठकों में लिए गए निर्णयों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए।
इसके साथ ही यह भी निर्देशित किया गया कि समन्वय समिति की बैठकों में सभी लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर रखा जाए, विशेष रूप से वे प्रकरण जिनमें एकरारनामा अब तक लंबित है, ताकि प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब समाप्त किया जा सके।
बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि राज्य सरकार राजस्व हितों की सुरक्षा, अवैध खनन पर शून्य सहनशीलता की नीति तथा प्रशासनिक पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। इस दिशा में किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में यह दोहराया गया कि राज्य सरकार राजस्व संरक्षण, पर्यावरणीय मानकों के अनुपालन तथा अवैध खनन पर शून्य सहनशीलता की नीति के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है और इस दिशा में किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।