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समतामूलक एवं समरस समाज के निर्माण पिछड़ा समाज की महत्वपूर्ण भूमिका

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राजकुमार यादव की रिपोर्ट 

पटना / अखिल भारतीय प्रांतीय यादव महासभा बिहार ईकाई के तत्वावधान में फुलवारी शरीफ के हिंदनी में दही- चूड़ा भोज का आयोजन किया गया। जिसका भव्य उद्घाटन सेवानिवृत्त जिला एवं सत्र न्यायधीश भरत यादव ने की समारोह की अध्यक्षता प्रांतीय कार्यकारी सह पूर्व विधायक डॉ विनोद कुमार यादवेंदु ने की । महासभा को सेनि जिला एवं सत्र न्यायधीश भरत यादव ने संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्र के सभ्यता संस्कृति, आर्थिक, सामाजिक, राजनीतिक एवं शैक्षणिक विकास व सशक्तिकरण में समाज की महत्त्वपूर्ण भूमिका रही हैं। यादव समाज देश के जीवंत और संसाधन पूर्ण हिस्सा हैं । गरीबी से बाहर आने एवं आजीविका विकास के लिए आंतरिक क्षमताओं को बाहर लाना चुनौतीपूर्ण कार्य हैं। जिससे कि वे स्वास्थ्य एवं सार्थक जीवन यापन कर सके। इसके लिए अन्य राज्यों की तरह बिहार में भी छात्रावास होनी चाहिए़।
डॉ नारायण यादव ने विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि समतामूलक एवं समरस समाज के निर्माण में यादव समाज का अहम रॉल रहा है। डॉ सच्चिदानंद यादव ने कहा कि अपनी सभ्यता संस्कृति एवं गौरवशाली इतिहास को बचाए रखने की जरूरत हैं क्योंकि यादव समाज आज संकट काल से गुजर रहा हैं इसे निजात दिलाने के लिए एकजूट होने की जरूरत है। अध्यक्षीय संबोधन में पूर्व विधायक डॉ विनोद कु यादवेंदु ने कहा कि अगर यादव समाज संगठित होकर संस्थागत तालमेल , तकनीकी का विकास, वर्तमान और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर कार्य करे तो पूरी दुनिया में रॉल मॉडल बन सकता हैं। हालांकि यादव महासभा का चूड़ा -दही भोज होने से पहले दो भाग में विभक्त हो गया यहां तक कि भोज स्थल पर एक गुट ने ज़मीन कब्जाने का आरोप लगाते हुए थाने 144 धारा लगवा दिया गया। पुलिस घटना स्थल पर पहुंचकर रोक लगा दी। फिर पुलिस एवं महासभा के बीच शांतिपूर्ण ढंग से वार्ता कर मामले को सुलझा लिया गया। इसके बाद पुलिस के देख- रेख में सह भोज का आयोजन किया गया।
उपस्थित लोगो में अभिनंदन यादव, डॉ वीरेन्द्र कु यादव,गजेन्द्र प्र यादव, के के कर्ण ई राधाकांत यादव गौतम यादव, अरुण कु, राकेश गोप, सुनील कुमार, दिलीप कुमार सिंहा, विष्णुदेव नारायण ददन सिंह यादव, गौतम कुमार, नागेन्द्र यादव एड धनंजय कुमार आर पी यादव, सुरेश यादव, सुरेन्द्र यादव एवं विजय यादव, सुनील यादव इत्यादि शामिल थे।