48वीं वाहिनी, सशस्त्र सीमा बल द्वारा मकर संक्रांति पर संदीक्षा मेले का आयोजन
मधुबनी /मकर संक्रांति के शुभ अवसर पर 48वीं वाहिनी, सशस्त्र सीमा बल, जयनगर द्वारा वाहिनी मुख्यालय परिसर में संदीक्षा मेले का सफल आयोजन किया गया। इस अवसर पर वाहिनी के सभी संभावित समवायों द्वारा स्टॉल लगाए गए तथा संदीक्षा का एक पृथक स्टॉल भी स्थापित किया गया, जिससे कार्यक्रम में उत्सवपूर्ण वातावरण बना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। मेले में संदीक्षा सदस्याएं, महिला कार्मिक, सभी जवान, अधिकारी एवं अधीनस्थ अधिकारी, साथ ही मिथिला चित्रकला कार्यशाला की प्रतिभागी सीमावर्ती महिलाएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहीं।
संदीक्षा मेले के दौरान संदीक्षा सदस्याओं द्वारा रंगोली निर्माण किया गया, जिसमें उनकी रचनात्मकता, सांस्कृतिक अभिव्यक्ति एवं पारंपरिक कला का सुंदर प्रदर्शन देखने को मिला। रंगोली के माध्यम से मकर संक्रांति एवं भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों को प्रभावी रूप से दर्शाया गया।
इसके अतिरिक्त, मिथिला चित्रकला संस्था द्वारा दिनांक 04 अक्टूबर 2025 से 18 अक्टूबर 2025 तक आयोजित 12 दिवसीय चित्रकला कार्यशाला में भाग लेने वाली 30 सीमावर्ती महिलाओं को इस अवसर पर प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। यह सम्मान उनके परिश्रम, कौशल विकास एवं आत्मनिर्भरता की दिशा में किए गए प्रयासों का प्रतीक रहा।
इस अवसर पर गोविंद सिंह भंडारी, कमांडेंट, 48वीं वाहिनी, सशस्त्र सीमा बल, जयनगर ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि संदीक्षा जैसे कार्यक्रम महिलाओं की रचनात्मक प्रतिभा को मंच प्रदान करने के साथ-साथ बल परिवारों के बीच आपसी समन्वय और सांस्कृतिक जुड़ाव को मजबूत करते हैं।
कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। मकर संक्रांति के अवसर पर आयोजित यह संदीक्षा मेला महिला सशक्तिकरण, सांस्कृतिक संरक्षण एवं सामुदायिक सहभागिता की दिशा में एक सफल एवं प्रेरणादायी पहल सिद्ध हुआ।

