मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अपने गृह जिले से आई यह भयावह तस्वीर
राजीव रंजन सिंह
पटना/मुख्यमंत्री के अपने गृह जिले से आई यह भयावह तस्वीर राज्य में कानून-व्यवस्था के इकबाल को खत्म होते दिखा रही है। जिस प्रदेश में महिला सशक्तिकरण का नारा हर दीवार पर लिखा हो और एक महिला को भीड़ के बीच बेबस कर देना सुशासन के मुंह पर करारा तमाचा लगता है।
सरकार और गृह मंत्री से सवाल
जब आपके अपने क्षेत्र में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता की सुरक्षा की गारंटी कौन लेगा।हैरानी तो इस बात की है कि भीड़ में मौजूद लोगों की मानवीय संवेदनाएं मर चुकी हैं। एक महिला की अस्मत से खिलवाड़ होते देख वहां मौजूद लोग मूकदर्शक बने रहे। यह केवल प्रशासनिक फेलियर नहीं, बल्कि सामाजिक पतन की पराकाष्ठा है।

