जाति जनगणना संभावनाओं के साथ बहुत बड़ी चुनौतियां : डॉ. लक्ष्मण यादव
पटना / डॉ. लक्ष्मण यादव द्वारा रचित जाति जनगणना – जात से जमात की ओर, नामक पुस्तक पर परिचर्चा जगजीवन राम सामाजिक एवं अध्ययन संस्थान पटना में आयोजित की गयी। पुस्तक परिचर्चा को संबोधित करते लेखक डॉ लक्ष्मण यादव ने कहा कि जाति जनगणना संभावनाओं के साथ बहुत बड़ी चुनौतियां भी हैं।
जाति जनगणना सामाजिक न्याय एवं समतामूलक समाज बनने की अधूरे सपने को भविष्य की दिशा व दशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। आज हमारे जननेता जिनके स्वप्न, संघर्ष और राजनीतिक हस्तक्षेपो ने इस देश में सामाजिक न्याय एवं समतामूलक समाज बनाने की ऐसी अनगिनत रचनात्मक संभावनाओं का जन्म दिया हैं। जिसकी मिट्टी में सामाजिक न्याय समाजवादी चेतना और बहुजन राजनीति के अनेक अध्याय लिखे गए हैं। वह भविष्य की दशा व दिशा तय करेगी।जाति जनगणना पर लिखी गई किताब सिर्फ आंकड़ों, बहसों एवं नीतिगत विमर्शों का संकलन नहीं हैं। यह एक ऐतिहासिक सवाल का दस्तावेज हैं।
भारत जैसे समाज में जाति आधारित गैर बराबरी प्रतिनिधित्व की असमानता, संसाधनों की बटवारे में पक्षपात और सामाजिक अपमान के विरुद्ध न्याय का रास्ता निर्मित होगा। उन्होंने कहा कि जननायक कर्पूरी ठाकुर, बाबू जगदेव प्रसाद, बी पी मंडल, स्व शरद यादव, स्व मुलायम सिंह यादव, स्व रामबिलास पासवान और नीतीश कुमार का राजनीतिक दौर बहुत हद तक उसी ऐतिहासिक दिशा में आगे बढ़ा हैं । सामाजिक न्याय का संघर्ष अभी समाप्त नहीं हुआ हैं।
सामाजिक न्याय, समता मूलक और समाजवाद की राह अभी अधूरी हैं। उसकी लड़ाई लड़ी जाएगी।जाति जनगणना को लेकर प्रतिनिधित्व, शिक्षा, रोजगार, भूमि सत्ता में साझेदारी और गरिमा की लड़ाई लम्बी हैं, कठिन हैं ,लेकिन जरूरी हैं। जबतक समाज अपने से वंचित, बहिष्कृत, दबे कुचले लोगों की बराबरी का घर नहीं बन जाता तबतक संघर्ष जारी रहेगा।
उपस्थित लोगों में वरिष्ठ पत्रकार शीतल पी सिंह,सुभाष चन्द्र कुशवाहा, सामाजिक चिन्तक व लेखक रिंकू यादव, साहित्यकार रिंकू यादव, वरिष्ठ पत्रकार व लेखक, ईशादुल हक, प्राध्यापक डॉ मनोज गुप्ता, डॉ अरुण कु तरुण, अंबुज पटेल, ई अंकेश चन्द्र सौरभ, लेखक डॉ धर्मेन्द्र कुमार गगन, शशि प्रभा, आईएएस प्रेरणाकोचिंग के लालटुन प्रसाद, डॉ विनोद पाल,साहित्यकार अरुण नारायण, वीरेन्द्र यादव , संपादक रामदुलार यादव, राजकुमार यादव, एडवोकेट प्रमोद कुमार यादव इत्यादि भारी संख्या में लोग उपस्थित थें।

