बिहार

राज्य में घरेलू गैस सिलेंडर की कोई कमी नहीं, अफवाहों से बचें : मंत्री ।। 2.डोभी को ग्रीन कॉरिडोर बनाने की कार्ययोजना बनाने का मंत्री ने  निर्देश।। 3.परमिट पर 19 मार्च तक ही खरीदे जाएंगे गन्ना यंत्र

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राजकुमार यादव 

राज्य में घरेलू गैस सिलेंडरों की पर्याप्त उपलब्धता है। इसकी कोई कमी कहीं नहीं है। यें बातें खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री लेशी सिंह ने मंगलवार को राज्यस्तरीय कंट्रोल रूम के निरीक्षण के बाद कहीं।

इस दौरान उन्होंने आमजनों से अपील करते हुए कहा कि भ्रामक एवं अपुष्ट खबरों पर ध्यान न दें और किसी भी समस्या की स्थिति में सीधे विभाग द्वारा स्थापित नियंत्रण कक्ष एवं जिलों में स्थापित नियंत्रण कक्ष के टेलीफोन नंबर पर संपर्क करें।
गौरतलब है कि राज्य में रसोई गैस आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं का तेजी से समाधान करने के लिए खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग राज्यस्तरीय कंट्रोल रूम का संचालन कर रहा है।
विभाग की मंत्री ने बताया है कि उपभोक्ताओं की सुविधा एवं शिकायतों के शीघ्र निवारण के लिए राज्यस्तरीय कंट्रोल रूम का टेलीफोन नंबर 0612-2233050 है। यह नियंत्रण कक्ष प्रतिदिन सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक कार्य करता है। उन्होंने जानकारी दी कि आज से इस नंबर पर पांच हंटिंग लाइन की सुविधा भी प्रारंभ कर दी गई है, जिससे अधिक संख्या में उपभोक्ताओं की कॉल का त्वरित समाधान संभव हो सकेगा।

जिलों में भी बनाया गया है कंट्रोल रूम
मंत्री लेशी सिंह ने बताया कि राज्य के सभी जिलों में भी जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं, जहां उपभोक्ता अपनी समस्याएं दर्ज करा सकते हैं। इन नियंत्रण कक्षों के टेलीफोन नंबरों का व्यापक प्रचार-प्रसार विभिन्न प्रचार माध्यमों से कराया जा रहा है, ताकि आम लोग इन नियंत्रण कक्ष में कॉल कर एलपीजी से संबंधित अपनी समस्याओं का समाधान प्राप्त कर सकें।
इस मौके पर विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह ने बताया कि राज्य में घरेलू गैस सिलेंडरों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है तथा आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह सुचारू है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा स्थिति की सतत निगरानी की जा रही है तथा कालाबाजारी पर सख्ती से रोक लगाने के लिए सभी जिला पदाधिकारियों एवं पुलिस अधीक्षकों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य के सभी अस्पतालों एवं शिक्षण संस्थानों को प्राथमिकता के आधार पर गैस सिलेंडर की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। साथ ही, पेट्रोल एवं डीजल का भी पर्याप्त भंडार राज्य में उपलब्ध है, जिससे आमजनों को किसी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।
वर्तमान व्यवस्था के अनुसार शहरी क्षेत्रों के उपभोक्ता अंतिम डिलीवरी के 25 दिनों के बाद तथा ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ता 45 दिनों के बाद नए गैस सिलेंडर की बुकिंग कर सकते हैं। विभाग ने आमजनों से अपील किया है कि उपभोक्ता संयम बनाए रखें तथा किसी भी समस्या के समाधान के लिए नियंत्रण कक्ष का उपयोग करें।

2.डोभी को ग्रीन कॉरिडोर बनाने की कार्ययोजना बनाने का मंत्री ने  निर्देश

बिहार में पर्यावरण संरक्षण सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल शुरू होने जा रही है। पटना–गया–डोभी राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) को ‘ग्रीन कॉरीडोर’ के रूप में विकसित करने की योजना को मूर्तरूप देने के लिए इसकी समुचित कार्ययोजना तैयार की जाएगी। इस अमलीजामा पहनाने को लेकर पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री प्रमोद कुमार ने खासतौर से निर्देश दिए। वह विभागीय पदाधिकारियों के साथ इस मुद्दे पर समीक्षा बैठक कर रहे थे। विभाग के इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के तहत सड़क के दोनों किनारों पर बड़े पैमाने पर फलदार पौधे लगाए जाएंगे। वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2028-29 तक गयाजी वन प्रमंडल के अंतर्गत 65 किमी के क्षेत्र में लगभग 21 हजार 500 पौधे लगाने की योजना है।
इस योजना की खास बात यह है कि इसे स्थानीय जनप्रतिनिधियों, मुखिया, पंचायत सदस्यों, जिला पार्षद, विधायक, जिला अधिकारी के सहयोग से लागू किया जाएगा। किसानों के साथ समन्वय स्थापित कर उनकी आमदनी बढ़ाने को लेकर उनकी रैयती जमीन पर भी वृक्षारोपण कराया जाएगा, जिससे ‘कम्यूनिटी फार्मिंग’ को बढ़ावा मिलेगा। इससे न सिर्फ हरित आवरण बढ़ेगा, बल्कि किसानों की आय में भी वृद्धि होगी।
मंत्री ने ग्रीन कॉरिडोर के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विस्तृत मार्ग दर्शिका तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही बीज और पौधों को सही तरीके से लगाने पर विशेष ध्यान देने तथा किसानों को इसे लेकर प्रशिक्षण देने की बात कही। प्रशिक्षण के माध्यम से किसानों को पौधारोपण के अलावा इनके देखभाल और उससे होने वाले आर्थिक लाभ की जानकारी दी जाएगी। इसके लिए किसानों को प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जाएगी। उन्होंने सभी पदाधिकारियों को क्षेत्रीय अधिकारियों के साथ स्थल निरीक्षण करने के भी निर्देश दिए। इस कार्य के लिए हरियाली मिशन के निदेशक को नोडल पदाधिकारी के तौर पर नामित किया गया है।
इस मामले को लेकर 19 मार्च को हरियाली के क्षेत्र में कार्य करने वाले तमाम स्वयंसेवी संस्थानों के साथ बैठक की जाएगी। उनसे इस कॉरिडोर को तैयार करने को लेकर सुझाव लिए जाएंगे। योजना के तहत हर 5 किलोमीटर के दायरे में एक ही किस्म के फलदार पेड़ लगाए जाएंगे, जिससे समरूपता के साथ हरित पट्टी विकसित हो सके। इसमें आम, अमरूद, जामुन, लीची, कटहल, आंवला, बेल, नींबू, सहजन, नीम, बरगद, पीपल और पाकड़ जैसे पौधों को शामिल किया गया है। इससे न केवल सड़क किनारे का वातावरण मनमोहक बनेगा, बल्कि फलों के उत्पादन से स्थानीय बाजार को भी बढ़ावा मिलेगा।
एनएच पर मौजूद पेट्रोल पंपों के आसपास मौजूद खाली जमीन पर भी पौधारोपण करने के निर्देश दिए गए हैं। इस पहल से मधुमक्खी पालन जैसे सहायक रोजगार को भी प्रोत्साहन मिलेगा, विशेषकर सहजन के पेड़ों से प्राप्त उच्च गुणवत्ता का शहद किसानों के लिए अतिरिक्त आय का स्रोत बन सकता है।
इस बैठक में विभाग के अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर, पीसीसीएफ हॉफ पी के गुप्ता, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (विकास) अरविंदर सिंह, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (कैंपा) सह नोडल ऑफिसर वन संरक्षण पटना सुरेंद्र कुमार, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक सह मुख्य वन्यप्राणी प्रतिपालक अभय कुमार, सीसीएफ सह निदेशक हरियाली मिशन एस चंद्रशेखर, सीसीएफ सह विशेष सचिव आलोक कुमार, सीएफ ईको टूरिज्म सत्यजीत कुमार उपस्थित रहे।

3.परमिट पर 19 मार्च तक ही खरीदे जाएंगे गन्ना यंत्र

पटना/गन्ना यंत्रिकरण योजना के तहत स्वीकृत परमिट के आधार पर गन्ना उद्योग विभाग ने 19 मार्च तक यंत्रों की खरीद करने का आदेश दिया है। इसके बाद वह परमिट स्वतः ही रद्द हो जाएगी।
विदित हो कि गन्ना उद्योग विभाग ने किसानों को अनुदानित दर पर यंत्र उपलब्ध कराने के लिए गन्ना यंत्रिकरण योजना शुरू की है। इस योजना के तहत किसानों को गन्ना की बुआई से लेकर कटाई तक में उपयोग होने वाले यंत्रों की खरीद करने के लिए 50 से 60 फीसदी अनुदान दिया जाता है। विभाग के अनुसार पांचवे रेंडमाईजेशन में राज्य के 466 किसानों का चयन किया गया था। इसके पहले भी चयनित गन्ना किसानों को परमिट दिए गए थे। इन किसानों को यंत्र खरीदने के लिए परमिट जारी किए गए हैं। विभाग ने परमिट पर यंत्र खरीदने के लिए अंतिम तिथि 19 मार्च निर्धारित किया है। उक्त तिथि तक यंत्रों की खरीद नहीं होने पर विभाग से जारी परमिट स्वतः निरस्त हो जाएगा। विभाग ने सभी गन्ना किसानों से परमिट पर शीघ्र यंत्रों की खरीद करने की अपील की है। ताकि गन्ना किसानों को योजना का लाभ मिल सकें।