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नशा मुक्त बिहार मैराथन में 10 हजार से अधिक प्रतिभागी होंगे शामिल: आयुक्त ।। 2.पटना में महिलाओं के लिए लगेगा दो दिवसीय मेगा जॉब फेयर।। 3.मानव तस्करी से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता दिखाएं पुलिसकर्मीः डीजीपी।। 4. बिहार में दूसरे राज्यों से आने वाले लघु खनिज वाहनों का ट्रांजिट पास अनिवार्य ।। 5.एआई तकनीक से गन्ना उत्पादन में 30–40 प्रतिशत तक बढ़ोतरी संभव।।6. प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 22वीं किस्त से लाभान्वित होंगे बिहार के 73 लाख से अधिक किसान: राम कृपाल यादव।। . 7राज्य में घरेलू गैस सिलेंडरों का है पर्याप्त भंडार, न घबराएं उपभोक्ता।। 8. महिला सुरक्षा विषय पर 05 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम।। 9. बिहार को टेक्नोलॉजी और न्यू एज इकोनॉमी का प्रमुख केंद्र बनाने के उद्देश्य से आयोजित हुई शीर्ष समितियों की बैठक।। 10.द्विदिवसीय शैक्षिक महोत्सव दिनांक 10-11 मार्च, 2025 को आयोजित।। 11. बिहार में अन्य राज्यों से आने वाले लघु खनिज वाहनों के लिए ट्रांजिट पास अनिवार्य

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राजकुमार यादव की रिपोर्ट 

पटना/मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग और भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के सहयोग से पटना में 15 मार्च को मैराथन का आयोजन किया जा रहा है। इस संबंध में बुधवार को पटना प्रमंडल के आयुक्त अनिमेष कुमार पराशर ने आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि “नशा मुक्त बिहार” के संदेश के साथ आयोजित होने वाला पटना मैराथन राज्य में जागरूकता फैलाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। इस वर्ष मैराथन का आयोजन कुछ विलंब से हो रहा है, लेकिन यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि सभी स्तरों पर इसकी तैयारी पूरी तरह से सुव्यवस्थित और बेहतर तरीके से की जाए, ताकि यह आयोजन सफल और प्रभावी हो सके।
चार श्रेणियों में होगा दौड़ा का आयोजन
इस अवसर पर मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के आयुक्त अंशुल अग्रवाल ने कहा कि पटना मैराथन अब बिहार की एक पहचान बन चुकी है। इस वर्ष मैराथन में देशभर से लगभग 10 हजार प्रतिभागियों के शामिल होने का अनुमान है। मैराथन में चार श्रेणियों में दौड़ का आयोजन किया जाएगा- फुल मैराथन (42.195 किमी), हाफ मैराथन (21.097 किमी), 10 किलोमीटर रन और 5 किलोमीटर रन। इसकी शुरुआत गांधी मैदान से होगी जो गंगा पथ और अटल पथ से होकर गुजरेगी, समापन गांधी मैदान में होगा। इस दौरान प्रतिभागियों को पटना के सुंदर रिवरफ्रंट और आधुनिक सड़कों का अनुभव प्राप्त होगा। उन्होंने आगे बताया कि प्रतिभागियों को प्रेरित करने के लिए इस वर्ष पटना मैराथन में मुख्य अतिथि के तौर पर ओलंपिक पदक विजेता और विश्व प्रसिद्ध बैडमिंटन खिलाड़ी पी. वी. सिंधु को आमंत्रित किया गया है।

प्रतिभागियों के लिए डॉक्टर और पारामेडिकल स्टाफ तैनात

मैराथन के सफल आयोजन के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं। प्रतिभागियों की सुविधा के लिए प्रत्येक किलोमीटर पर कुल 20 एड स्टेशन लगाए जाएंगे। इसके अतिरिक्त मार्ग व आयोजन स्थल पर मनोरंजन की भी व्यवस्था की गई है। स्वास्थ्य एवं सुरक्षा की दृष्टि से आयोजन में 30 डॉक्टर, पारामेडिकल स्टाफ और 20 फिजियोथेरेपिस्ट तैनात रहेंगे। यातायात और भीड़ प्रबंधन के लिए पुलिस और संबंधित विभागों की टीम कार्यरत रहेगी, जबकि नगर निगम की तरफ से साफ-सफाई और स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
मैराथन को सुचारू रूप से आयोजित करने के लिए 14 मार्च की रात 11 बजे से 15 मार्च की सुबह 10 बजे तक संबंधित मार्गों पर यातायात प्रतिबंधित रहेगा। विजेताओं को कुल 30 लाख रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी, पुरस्कार वितरण समारोह प्रातः 6:45 बजे आयोजित किया जाएगा। इसके साथ ही सभी प्रतिभागियों को रिफ्रेशमेंट और मेडल प्रदान किए जाएंगे। आयोजित कॉन्फ्रेंस के दौरान मैराथन से संबंधित मेडल और टी-शर्ट को लॉन्च किया गया।
दौड़ शुरू होने का समय-
फुल मैराथन – प्रातः 3:30 बजे
हाफ मैराथन – प्रातः 5:00 बजे
10 किलोमीटर रन – प्रातः 6:00 बजे
5 किलोमीटर रन – प्रातः 7:15 बजे

 

2.पटना में महिलाओं के लिए लगेगा दो दिवसीय मेगा जॉब फेयर

राज्य में नौकरी तलाश रहीं महिलाओं के लिए बिहार सरकार बड़ा अवसर मुहैया कराने जा रही है। कौशल विकास प्रशिक्षण योजना के तहत पटना के ज्ञान भवन परीसर में 16 और 17 मार्च को महिला मेगा जॉब फेयर 2026 का आयोजन होने जा रहा है। इस दो दिवसीय जॉब फेयर में 50 से अधिक राष्ट्रीय एवं बहुराष्ट्रीय कंपनियां हिस्सा लेगी। इनमें करीब 2000 से अधिक महिलाओं को नौकरी मिलने की संभावना है।
कार्यक्रम का आयोजन समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत महिला एवं बाल विकास निगम की तरफ से किया जा रहा है। इसमें निगम के अंतर्गत संचालित कौशल विकास प्रशिक्षण और बिहार कौशल विकास मिशन से प्रशिक्षित महिलाओं को भी राष्ट्रीय और बहुराष्ट्रीय कंपनियों से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
ऑन-स्पॉट इंटरव्यू और नौकरी का मौका
इस रोजगार मेले की सबसे बड़ी खासियत हिस्सा लेने वाली महिलाओं को सीधे कंपनियों के प्रतिनिधियों से मिलने और मौके पर ही इनका चयन कर लिया जाएगा। इस दौरान कंपनियां उम्मीदवारों के कौशल, अनुभव और योग्यता के आधार पर विभिन्न क्षेत्रों में नौकरी देंगी। जॉब फेयर में आईटी, रिटेल, हेल्थकेयर, बैंकिंग, कस्टमर सर्विस, विनिर्माण और सर्विस सेक्टर समेत कई क्षेत्रों की कंपनियां शामिल होंगी। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, जॉब फेयर में भाग लेने के लिए सीटें सीमित हैं। इच्छुक महिला उम्मीदवार जल्द से जल्द महिला एवं बाल विकास निगम की आधिरिक वेबसाइट wcdc.bihar.gov.in पर निशुल्क पंजीकरण कर सकतीं हैं।
महिला उम्मीदवार की पात्रता
यह जॉब मेला सभी वर्गों की महिलाओं के लिए खुला है। शैक्षणिक योग्यता न्यूनतम 10वीं से शुरू होकर 12वीं, स्नातक, तकनीकी डिग्री या आईटीआई तक रखी गई है। इसके लिए उम्र सीमा 18 से 35 वर्ष निर्धारित है। इंटरव्यू के दौरान जरूरी दस्तावेज के तौर पर आधार कार्ड, बायोडाटा, शैक्षणिक प्रमाणपत्रों की कॉपी और पासपोर्ट साइज फोटो साथ लाना अनिवार्य होगा।

3.मानव तस्करी से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता दिखाएं पुलिसकर्मीः डीजीपी

पटना/मानव तस्करी, अनैतिक देह व्यापार और बाल श्रम से जुड़े मामलों के निपटारे में पुलिसकर्मियों को संवेदनशीलता दिखाने की जरूरत है। अगर कोई बच्चा गायब हो जाता है और तीन महीने तक बरामद नहीं होता है, तो इस तरह के मामले समय बीतने के साथ ही बेहद जटिल हो जाते हैं। ये बातें डीजीपी विनय कुमार ने पुलिस मुख्यालय सरदार पटेल भवन के सभागार में आयोजित कार्यशाला में कही। पुलिस महकमा के कमजोर वर्ग प्रभाग की मानव व्यापार निरोध इकाई के स्तर से पुलिसकर्मियों को इस मामले की गंभीरता को बताने के उद्देश्य से यह कार्यशाला का आयोजन किया गया था।
कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए डीजीपी ने पुलिसकर्मियों से बच्चा गुमशुदगी के मामलों को गंभीरता से लेते हुए इसमें पूरी संवेदनशीलता दिखाने की बात कही। कहा कि इस मामले ऐसे समझें कि आपका बच्चा गुम हो जाए, तो कैसे लगेगा। उसी संवेदनशीलता के साथ खोए बच्चों की तलाश कम से कम समय में करें। वर्ष 2025 में मानव तस्करी, अनैतिक देह व्यापार और बाल श्रम से संबंधित 506 कांड दर्ज किए गए, जिसमें 1487 पीड़ितों को शोषण से मुक्त कराते हुए 437 मानव तस्करों को गिरफ्तार किया गया है।
उन्होंने कहा कि पदाधिकारियों को संवेदनशील होना बेहद आवश्यक है। प्रत्येक जिला में इसके लिए अलग से जिलास्तरीय मानव व्यापार निरोध इकाई (डीएल-एएचटीयू) गठित हैं। इसमें मानव बल की भी कमी नहीं है। राज्य में पुलिस और रेलवे जिला समेत सभी 44 जिलों के अलावा तीन हवाई अड्डों पटना, गया और दरभंगा में भी एएचटीयू गठित हैं। पूर्णिया हवाई अड्डों पर इसके गठन की प्रक्रिया चल रही है। मानव तस्करी से जुड़े मामलों में जिला पुलिस के मार्गदर्शन के लिए दो मानक कार्य प्रणाली (एसओपी) निर्धारित कर दी गई है। इसके साथ ही मानव व्यापार निरोध इकाई के प्रभारी पुलिस निरीक्षक के कर्तव्य और दायित्वों का निर्धारण तथा लापता एवं गुमशुदा बालकों के मामलों में कांड का उद्भेदन के लिए भी मार्गदर्शिका भी कमजोर वर्ग के स्तर से जारी है। इनका पालन करते हुए इस तरह के मामलों का निपटारा जल्द से जल्द करने की कोशिश करने की आवश्यकता है।
डीजीपी ने कहा कि गुमशुदगी के मामलों में समय ही सबसे बड़ी पूंजी होती है। इन मामलों में जितनी तत्परता दिखाई जाएगी, उसके उद्भेदन की संभावना काफी बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि सभी जिले गुमशुदगी से जुड़े जटिल कांड़ों को ट्रेस कराएं। उन्होंने मानव तस्करी और अनैतिक देह व्यापार के उन्मूलन के लिए अलग-अलग एजेंसियों को एक साथ मिलकर काम करने पर खासतौर से जोर दिया। इस मौके पर इस वर्ष 1 से 20 अप्रैल तक ऑपरेशन नया सवेरा 2.0 चलाने की घोषणा की गई।
कार्यशाला के दौरान मुख्य वक्ता के तौर पर एनडीआरएफ के सेवानिवृत पुलिस महानिदेशक डॉ. पीएम नायर ने मानव तस्करी और बंधुआ मंजदूरी के विभिन्न पहलूओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस मौके पर एडीजी (कमजोर वर्ग) डॉ. अमित कुमार जैन समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे।

4.बिहार में दूसरे राज्यों से आने वाले लघु खनिज वाहनों का ट्रांजिट पास अनिवार्य

पटना /राज्यों से बालू, पत्थर, स्टोन चिप्स, मोरम, स्टोन डस्ट सहित सभी खनिजों को लेकर बिहार की सीमा में प्रवेश करने वाले वाहनों को ट्रांजिट पास (टीपी) लेना अनिवार्य कर दिया है। उप मुख्यमंत्री सह खान एवं भूतत्व मंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा ने राज्य में लघु खनिजों के परिवहन को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए यह निर्णय लिया है, ताकि राज्य में खनिज परिवहन व्यवस्था अधिक पारदर्शी, वैधानिक और राजस्व उन्मुख बन सके।

विभाग के अनुसार यह व्यवस्था बिहार खनिज (समानुदान, अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण निवारण) नियमावली, 2019 (यथा संशोधित) के नियम 41 के अंतर्गत लागू की गई है। इसके तहत अन्य राज्यों से लघु खनिज लेकर आने वाले सभी वाहनों को राज्य की सीमा में प्रवेश करते समय ट्रांजिट पास प्राप्त करना होगा।
विभाग द्वारा निर्धारित विनियामक शुल्क के अनुसार, जिन राज्यों से प्राप्त खनिज के परिवहन चालान में खनिज का वजन अंकित होगा, उनके लिए 60 रुपये प्रति मीट्रिक टन की दर से ट्रांजिट पास लेना होगा। वहीं जिन चालानों में खनिज का आयतन अंकित होगा, उनके लिए 85 रुपये प्रति घनमीटर की दर से ट्रांजिट पास अनिवार्य होगा। राज्य में अवसंरचना विकास की तेज गति के कारण पड़ोसी और अन्य राज्यों से बड़ी मात्रा में बालू, पत्थर सहित विभिन्न लघु खनिजों का आयात किया जा रहा है। अब तक इन खनिजों की मात्रा, प्रकार और परिवहन के अनुश्रवण के लिए कोई समग्र प्रणाली लागू नहीं थी। नई व्यवस्था के तहत सिस्टम इंटीग्रेटर के माध्यम से राज्य की सीमा में प्रवेश करने वाले खनिज लदे वाहनों का डिजिटल अनुश्रवण किया जाएगा।

इस निर्णय से राजस्व में होगी वृद्धि
इस निर्णय से राज्य के राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है। साथ ही अन्य राज्यों से होने वाले अवैध खनन और अवैध परिवहन पर भी प्रभावी रोक लगेगी। एक ही चालान के आधार पर कई बार खनिज ढुलाई करने जैसी अनियमितताओं पर भी अंकुश लगेगा।

बिहार के सीमाओं पर निगरानी के लिए लगेंगे सीसीटीवी कैमरे

नई व्यवस्था के तहत सीमावर्ती जिलों के प्रशासन की जिम्मेदारी भी बढ़ाई गई है। खनिज लदे वाहनों की निगरानी के लिए राज्य की सीमाओं पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे ताकि वाहनों की आवाजाही का सतत निरीक्षण किया जा सके। किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस पहल से खनिजों के वैध स्रोत की प्रामाणिकता सुनिश्चित होगी तथा खनन एवं परिवहन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और तकनीक आधारित बनेगी। इससे पर्यावरणीय संतुलन और सतत विकास के लक्ष्यों को भी मजबूती मिलेगी।

5.एआई तकनीक से गन्ना उत्पादन में 30–40 प्रतिशत तक बढ़ोतरी संभव

पटना/बिहार में गन्ना उत्पादन बढ़ाने के लिए एआई आधारित तकनीक के उपयोग की दिशा में पहल शुरू हो गई है। बुधवार को अपर मुख्य सचिव श्री के. सेंथिल कुमार ने एसीएस कार्यालय में समीक्षा बैठक कर महाराष्ट्र के बसंतदादा पाटिल शुगर इंस्टीट्यूट के प्रतिनिधियों और संबंधित विशेषज्ञों के साथ इस विषय पर विस्तृत चर्चा की। बैठक में विशेषज्ञों ने बताया कि एआई आधारित नवाचारों के इस्तेमाल से गन्ना की उपज में 30 से 40 प्रतिशत तक बढ़ोतरी संभव है।

यह बैठक विभाग द्वारा आयोजित गन्ना प्रौद्योगिकी सेमिनार के बाद आगे की रणनीति तय करने के उद्देश्य से आयोजित की गई। बैठक में सिंचाई प्रबंधन, बीज उपचार, फसल की निगरानी और पैदावार बढ़ाने में एआई तकनीक की भूमिका पर विशेष रूप से विचार किया गया। विशेषज्ञों ने कहा कि आधुनिक तकनीक के उपयोग से गन्ना खेती को अधिक वैज्ञानिक, सटीक और लाभकारी बनाया जा सकता है।

बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि एआई का उपयोग केवल उपज बढ़ाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे संसाधनों का बेहतर उपयोग, लागत में कमी और किसानों को समय पर तकनीकी सलाह उपलब्ध कराने में भी मदद मिलेगी। खेत की नमी, मिट्टी और फसल की स्थिति से जुड़ी जानकारियों के विश्लेषण के आधार पर किसानों को अधिक सटीक मार्गदर्शन दिया जा सकेगा।

इसी क्रम में बसंत दादा पाटिल शुगर इंस्टीट्यूट के अनुभवों के आधार पर बिहार में एक पायलट पहल शुरू करने की संभावना पर भी विचार किया गया। बैठक बैठक के दौरान एसीएस ने कहा कि संबंधित विशेषज्ञों और संस्थानों के साथ समन्वय स्थापित कर योजना की रूपरेखा को अंतिम रूप दिया जाएगा, ताकि आधुनिक तकनीक के माध्यम से बिहार में गन्ना उत्पादन को अधिक सुदृढ़ और लाभकारी बनाया जा सके।

6. प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 22वीं किस्त से लाभान्वित होंगे बिहार के 73 लाख से अधिक किसान: राम कृपाल यादव

पटना/प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत 22वीं किस्त का वितरण 13 मार्च 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा असम के गुवाहाटी से किया जाएगा। इसके माध्यम से देशभर के करोड़ों किसानों के बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के जरिए सहायता राशि भेजी जाएगी।

इस अवसर पर बिहार के 73.34 लाख से अधिक पात्र किसानों के बैंक खातों में लगभग 1,467 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे ट्रांसफर की जाएगी। ये बातें बुधवार को राज्य के कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने कही।

उन्होंने कहा है कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को सशक्त बनाने की दिशा में केंद्र सरकार की एक ऐतिहासिक पहल है। इस योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को प्रतिवर्ष 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता तीन समान किस्तों में सीधे उनके बैंक खातों में उपलब्ध कराई जाती है।

उन्होंने कहा कि बिहार सरकार भी किसानों को इस योजना का अधिकतम लाभ दिलाने के लिए लगातार प्रयासरत है। बिहार सरकार राज्य के किसानों का व्यापक स्तर पर पंजीकरण, आधार सत्यापन तथा बैंक खातों की एनपीसीआई से लिंकिंग सुनिश्चित करवा रही है। बिहार सरकार कोशिश कर रही है कि किसानों को समय पर योजना का लाभ मिल सके।

कृषि मंत्री ने राज्य के सभी किसानों से अपील की है कि जो किसान अभी तक प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से नहीं जुड़े हैं, वे शीघ्र अपना पंजीकरण कराएं और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करें, ताकि उन्हें भी इस महत्वपूर्ण योजना का लाभ प्राप्त हो सके।

7. राज्य में घरेलू गैस सिलेंडरों का है पर्याप्त भंडार, न घबराएं उपभोक्ता

पटना/पेट्रोलियम एजेंसियों ने स्पष्ट किया है कि राज्य में घरेलू उपयोग के लिए रसोई गैस सिलेंडर का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। ऐसे में आम उपभोक्ताओं को घबराने या गैस एजेंसियों के पास अनावश्यक रूप से भीड़ लगाने की आवश्यकता नहीं है।

उपभोक्ताओं की सुविधा तथा गैस वितरण व्यवस्था को सुव्यवस्थित बनाए रखने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा वर्तमान में यह व्यवस्था लागू की गई है कि किसी भी घरेलू उपभोक्ता को अंतिम गैस सिलेंडर की डिलीवरी के 25 दिन बाद ही नये गैस सिलेंडर की बुकिंग (नंबर लगाने की) करने की अनुमति है। बुकिंग दर्ज होने के पश्चात 2 से 3 दिनों के भीतर घरेलू गैस सिलेंडर की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।

खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा घरेलू गैस आपूर्ति एवं वितरण व्यवस्था की लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि सभी उपभोक्ताओं को समय पर गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जा सके।

विभाग द्वारा आम जनता के हित में घरेलू गैस वितरण प्रणाली को सुचारु और पारदर्शी बनाए रखने के लिए निरंतर आवश्यक कदम उठाये जा रहे हैं। विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील करते हुए कहा है कि वे धैर्य बनाए रखें तथा अनावश्यक रूप से गैस वितरकों के यहां भीड न लगाएं साथ ही भ्रामक खबरों पर ध्यान न दें।

8 .महिला सुरक्षा विषय पर 05 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम

पटना /अभियोजन निदेशा.लय, बिहार पटना के सभा कक्ष में अभियोजन पदाधिकारियों का महिला सुरक्षा विषय पर 05 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन अभियोजन निदेशालय में सम्पन्न हुआ। उक्त कार्यक्रम में अभियोजन निदेशालय, गृह विभाग, बिहार, पटना द्वारा राज्य के विभिन्न जिलों से नामित कुल 25 (पच्चीस) अभियोजन पदाधिकारियों भाग लिया। उक्त समापन समारोह के मुख्य अतिथि डा० अजय कुमार, शैक्षणिक संकाय, CNLU थे।

श्री धर्मेश कुमार, प्रभारी निदेशक, अभियोजन निदेशालय, बिहार, पटना, डा० अजय कुमार तथा डा० रविकान्त देव, उपनिदेशक-सह-सत्र समन्वयक, अभियोजन निदेशालय, बिहार द्वारा प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र, सामूहिक तस्वीर एवं मोमेन्टो प्रदान किया गया।

इस कार्यक्रम में श्री अरविन्द कुमार, सहायक निदेशक, श्री राजेश कुमार, सहायक अभियोजक, श्रीमति सीमा शर्मा, अभियोजन पदाधिकारी, सुश्री रागिनी कुमारी, अभियोजन पदाधिकारी, नेयाज अहमद, अभियोजन पदाधिकारी, श्री रंजय कुमार, प्रशाखा पदाधिकारी, श्री आलोक कुमार, सहायक प्रशाखा पदाधिकारी तथा श्री ईशाद आलम, प्रोग्रामर, एवं अभियोजन निदेशालय के कर्मी उपस्थित थे।

9. बिहार को टेक्नोलॉजी और न्यू एज इकोनॉमी का प्रमुख केंद्र बनाने के उद्देश्य से आयोजित हुई शीर्ष समितियों की बैठक

बिहार सरकार द्वारा राज्य को नवाचार, प्रौद्योगिकी सेवाओं तथा नई अर्थव्यवस्था (न्यू एज इकोनॉमी) के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के उद्देश्य से गठित तीन शीर्ष समितियों की दूसरी बैठक 11 मार्च 2026 को नई दिल्ली स्थित बिहार भवन में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता बिहार सरकार के मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत ने की। बैठक में राज्य के लिए प्रौद्योगिकी आधारित विकास की दीर्घकालिक रणनीति और निवेश आकर्षित करने के उपायों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

बैठक में बिहार को पूर्वी भारत के टेक हब के रूप में विकसित करने के लिए प्रस्तावित रोडमैप पर चर्चा की गई। इसके अंतर्गत सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग, वैश्विक क्षमता केंद्र, मेगा टेक सिटी तथा फिन-टेक सिटी जैसे प्रमुख प्रोजेक्ट्स की संभावनाओं पर विचार किया गया।

इसके अतिरिक्त न्यू एज इकोनॉमी के तहत स्टार्टअप, नवाचार और युवाओं के लिए रोजगारोन्मुख अवसरों को बढ़ावा देने की रणनीतियों पर भी चर्चा हुई। बैठक में राज्य की मौजूदा नीतियों की समीक्षा करते हुए यह भी विचार किया गया कि स्टार्टअप और नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए किन नए सुधारों और पहलों की आवश्यकता है।

बैठक में अगले पाँच वर्षों में बिहार को ग्लोबल बैकएंड हब और ग्लोबल वर्कप्लेस के रूप में स्थापित करने की कार्ययोजना पर भी विचार किया गया। इसके अंतर्गत कार्यान्वयन की रणनीति, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय तथा उद्योग जगत के साथ साझेदारी को मजबूत करने के उपायों पर चर्चा की गई।
अपने संबोधन में मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत ने कहा कि बिहार सरकार का प्रमुख लक्ष्य राज्य में निवेश के अनुकूल वातावरण तैयार करना है, ताकि देश और विदेश के निवेशक बिहार में उद्योग स्थापित करने के लिए आगे आएँ। उन्होंने कहा कि बिहार में बड़ी संख्या में प्रतिभाशाली युवा, तेजी से विकसित होती आधारभूत संरचना और सरकार की निवेश समर्थक नीतियाँ राज्य को निवेश के लिए एक आकर्षक गंतव्य बना रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आगामी औद्योगिक सम्मेलनों के माध्यम से राज्य में बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित करने की दिशा में ठोस पहल की जा रही है और इस मंच के माध्यम से वैश्विक निवेशकों तथा उद्योग जगत को बिहार में उपलब्ध अवसरों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
उद्योग विभाग के सचिव सह प्रबंध निदेशक, बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (BIADA) श्री कुंदन कुमार ने बिहार में स्टार्टअप और न्यू एज इकोनॉमी से जुड़े निवेश को बढ़ावा देने की रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य बिहार को टेक्नोलॉजी कंपनियों, स्टार्टअप्स और सेवा क्षेत्र से जुड़े उद्योगों के लिए एक सशक्त केंद्र के रूप में विकसित करना है। उन्होंने यह भी बताया कि आगामी औद्योगिक सम्मेलनों के माध्यम से निवेशकों, उद्योगपतियों और वैश्विक उद्यमियों को बिहार में उपलब्ध औद्योगिक अवसरों से जोड़ने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव श्री अभय कुमार सिंह ने राज्य सरकार के एआई मिशन से जुड़ी पहलों पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि एआई और उभरती डिजिटल तकनीकों के क्षेत्र में बिहार के पास व्यापक संभावनाएँ हैं। यदि इन क्षेत्रों में निवेश को प्रोत्साहित किया जाए तो इससे न केवल नए उद्योग स्थापित होंगे बल्कि युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।

बैठक में यह निर्णय लिया गया कि प्रत्येक शीर्ष समिति के लिए स्पष्ट और समयबद्ध एक्शन प्लान तैयार किया जाएगा, ताकि प्रस्तावित पहलों को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा सके। इसके तहत प्रमुख प्राथमिकताओं, आवश्यक नीतिगत हस्तक्षेपों तथा रणनीतिक पहलों की पहचान की जाएगी।
साथ ही यह भी सुझाव दिया गया कि राज्य सरकार, उद्योग जगत, शिक्षण संस्थानों और स्टार्टअप इकोसिस्टम के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर प्रौद्योगिकी आधारित विकास को गति दी जाए।

बैठक में बड़े निवेश (लार्ज टिकट साइज इन्वेस्टमेंट) को आकर्षित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। इसके लिए तकनीक आधारित और नवाचार-आधारित क्षेत्रों में कार्यरत वैश्विक निवेशकों से संपर्क बढ़ाने तथा बिहार को एक उच्च संभावनाओं वाले निवेश गंतव्य के रूप में प्रस्तुत करने पर बल दिया गया।

इसके अतिरिक्त, उच्च संभावनाओं वाले स्टार्टअप्स को तेजी से विकसित कर यूनिकॉर्न बनने की दिशा में मार्गदर्शन देने, उन्हें बाजार, वित्तपोषण, इनक्यूबेशन और वैश्विक साझेदारियों तक बेहतर पहुंच उपलब्ध कराने पर भी चर्चा हुई। विशेष रूप से एआई, डीप टेक, फिनटेक, एग्रीटेक और हेल्थटेक जैसे क्षेत्रों में उद्यमों के विस्तार को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता बताई गई।

बैठक में अपर मुख्य सचिव, वित्त विभाग श्री आनंद किशोर, प्रधान सचिव, कृषि विभाग श्री नर्मदेश्वर लाल, वित्त विभाग की सचिव (व्यय) श्रीमती रचना पाटिल,
उद्योग (एमएसएमई) निदेशक श्री अमन समीर, उद्योग निदेशक श्री मुकुल कुमार गुप्ता तथा कृषि विभाग के निदेशक श्री सौरव सुमन यादव उपस्थित थे। बैठक में श्री रुहैल रंजन (विधायक, इस्लामपुर), श्री अभिषेक आनंद (विधायक, चेरिया-बरियारपुर) एवं विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में प्रौद्योगिकी और स्टार्टअप क्षेत्र से जुड़े अंतरराष्ट्रीय उद्यमी श्री सुशांत पटनायक ने भी अपने विचार साझा किए।

बैठक में स्टार्ट-अप और उद्यमिता से जुड़े प्रमुख उद्योग विशेषज्ञों और उद्यमियों ने भी अपने विचार साझा किए। DeHaat के सह-संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री शशांक कुमार, YourStory की मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्रीमती श्रद्धा शर्मा तथा UClean के संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री अरुणाभ सिन्हा शारीरिक रूप से उपस्थित रहे। वहीं Yubi / Vivriti Capital / Vivriti Asset Management के संस्थापक श्री गौरव कुमार तथा Inshorts के सह-संस्थापक एवं चेयरमैन श्री अजहर इक़बाल ने भी बैठक में भाग लेकर अपने विचार प्रस्तुत किए।

बैठक के दौरान सभी प्रतिभागियों ने बिहार को प्रौद्योगिकी, नवाचार और निवेश के एक प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए मिलकर कार्य करने की आवश्यकता पर बल दिया।

10.द्विदिवसीय शैक्षिक महोत्सव दिनांक 10-11 मार्च, 2025 को आयोजित

पटना/राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT), पटना के तत्त्वावधान में दो दिवसीय ‘शिक्षक अधिगम मेला (Teacher Learning Mela) का भव्य एवं उत्साहपूर्ण आयोजन SCERT परिसर, पटना में किया गया। यह द्विदिवसीय शैक्षिक महोत्सव दिनांक 10-11 मार्च, 2025 को आयोजित हुआ, जिसका उद्देश्य राज्य के प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों में नवाचारी शिक्षण विधियों को प्रोत्साहित करना तथा परस्पर अधिगम एवं सहयोग की संस्कृति को सुदृढ़ करना है।
मेले का उद्घाटन दिनांक 10 मार्च, 2025 को प्रारंभिक शिक्षा निदेशक, बिहार महोदय के कर-कमलों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन एवं विधिवत् उद्घाटन समारोह के साथ किया गया। अपने उद्घाटन उद्बोधन में उन्होंने शिक्षकों की सेवा-निष्ठा एवं उनके व्यावसायिक विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। उन्होंने बल देते हुए कहा कि एक सशक्त शिक्षक ही राष्ट्र के भविष्य का निर्माता होता है तथा ‘शिक्षक अधिगम मेला’ इसी दिशा में एक महत्त्वपूर्ण पहल है।
प्रथम दिवस के कार्यक्रम में राज्य के विभिन्न जिलों से पधारे प्रशिक्षित एवं अनुभवी शिक्षकों ने अपनी नवाचारी शिक्षण-प्रविधियों, कक्षा-प्रबंधन के सर्वोत्तम अनुभवों तथा बाल-केंद्रित शिक्षण सामग्री का प्रदर्शन किया। SCERT के विभिन्न विषय-विशेषज्ञों एवं अकादमिक पदाधिकारियों ने कार्यशालाओं एवं परिचर्चा सत्रों का संचालन किया। शिक्षकों ने गणित, भाषा, विज्ञान एवं पर्यावरण अध्ययन विषयों में अभिनव शिक्षण-अनुभव साझा किए, जिससे अन्य शिक्षक भी लाभान्वित हुए।
समापन समारोह — द्वितीय दिवस (11 मार्च, 2025) :
दो दिवसीय ‘शिक्षक अधिगम मेला’ का समापन दिनांक 11 मार्च, 2025 को अत्यंत उत्साहजनक, गरिमामय एवं सकारात्मक वातावरण में संपन्न हुआ। समापन सत्र में SCERT के वरिष्ठ अधिकारियों, विषय-विशेषज्ञों एवं प्रतिभागी शिक्षकों की उपस्थिति उल्लेखनीय रही। समापन समारोह में प्रतिभागी शिक्षकों द्वारा अपने नवाचारी शिक्षण-अनुभवों की प्रस्तुति दी गई, जिसे उपस्थित सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों ने अत्यंत सराहा। मेले की समाप्ति पर विभिन्न विषयों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों को पुरस्कृत कर उनके योगदान को सम्मानित किया गया।
विजेता शिक्षकों की सूची

1. विषय : उर्दू भाषा
विजेता शिक्षक : श्री मो० नेहाल खान (Md. Nehal Khan) — उन्होंने उर्दू भाषा-शिक्षण में अभिनव एवं रुचिपूर्ण कक्षा-पद्धतियों का प्रदर्शन किया, जिसने सभी निर्णायकों को विशेष रूप से प्रभावित किया।
2. विषय : हिन्दी भाषा
विजेता शिक्षक : सुश्री जूही कुमारी (Juhi Kumari) — हिन्दी भाषा-शिक्षण में बाल-साहित्य एवं सृजनात्मक लेखन की विधाओं के माध्यम से विद्यार्थियों में भाषिक दक्षता विकसित करने की उनकी शिक्षण-विधि को सर्वश्रेष्ठ पाया गया।
3. विषय : अंग्रेज़ी भाषा (English)
विजेता शिक्षक : सुश्री रश्मि राज (Rashmi Raj) — अंग्रेज़ी भाषा की कक्षाओं में संवादात्मक एवं गतिविधि-आधारित शिक्षण-पद्धति के प्रयोग हेतु उन्हें विजेता घोषित किया गया, जिससे विद्यार्थियों में अंग्रेज़ी बोलने का आत्मविश्वास उल्लेखनीय रूप से बढ़ा।
4. विषय : गणित (Mathematics)
विजेता शिक्षक : श्री बलविंदर सिंह (Balwinder Singh) — गणित जैसे चुनौतीपूर्ण विषय को खेल-आधारित एवं दैनिक जीवन से जोड़कर सरल एवं रोचक बनाने की उनकी अभिनव शिक्षण-कला को निर्णायक मंडल ने सर्वोच्च अंक प्रदान किए।
5. विषय : पर्यावरण अध्ययन (Environmental Science)
विजेता शिक्षक : सुश्री वर्षा कुमारी (Varsha Kumari) — पर्यावरण अध्ययन को प्रकृति-भ्रमण, स्थानीय परिवेश एवं प्रयोगात्मक गतिविधियों से जोड़कर पढ़ाने की उनकी नवाचारी पद्धति को सर्वश्रेष्ठ घोषित किया गया।
समापन समारोह में बोलते हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि यह आयोजन राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप शिक्षकों के सतत् व्यावसायिक विकास की दिशा में बिहार सरकार एवं SCERT की एक दूरदर्शी पहल है। सभी विजेता शिक्षकों को प्रशस्ति-पत्र एवं पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। विभाग द्वारा यह प्रयास भविष्य में और अधिक व्यापक स्तर पर आयोजित किए जाने की घोषणा की गई।

11.बिहार में अन्य राज्यों से आने वाले लघु खनिज वाहनों के लिए ट्रांजिट पास अनिवार्य

-सीमा पर लगेगा CCTV
-सीमावर्ती जिलों की जवाबदेही बढ़ी
-लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई
-बढ़ेगा राज्य का राजस्व

बिहार सरकार ने राज्य में लघु खनिजों के परिवहन को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब अन्य राज्यों से बिहार की सीमा में प्रवेश करने वाले बालू, पत्थर, स्टोन चिप्स, मोरम, स्टोन डस्ट सहित सभी लघु खनिजों से लदे वाहनों के लिए ट्रांजिट पास (टीपी) लेना अनिवार्य होगा।
माननीय उप मुख्यमंत्री सह खान एवं भूतत्व मंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा के कुशल प्रबंधन एवं नियमित अनुश्रवण के फलस्वरूप यह निर्णय लिया गया है। इससे राज्य में खनिज परिवहन व्यवस्था अधिक पारदर्शी, वैधानिक और राजस्व उन्मुख बन सकेगी।
यह व्यवस्था बिहार खनिज (समानुदान, अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण निवारण) नियमावली, 2019 (यथा संशोधित) के नियम 41 के अंतर्गत लागू की गई है। इसके तहत अन्य राज्यों से लघु खनिज लेकर आने वाले सभी वाहनों को राज्य की सीमा में प्रवेश करते समय ट्रांजिट पास प्राप्त करना होगा।
विभाग द्वारा निर्धारित विनियामक शुल्क के अनुसार, जिन राज्यों से प्राप्त खनिज के परिवहन चालान में खनिज का वजन अंकित होगा, उनके लिए ₹60 प्रति मीट्रिक टन की दर से ट्रांजिट पास लेना होगा। वहीं जिन चालानों में खनिज का आयतन अंकित होगा, उनके लिए ₹85 प्रति घनमीटर की दर से ट्रांजिट पास अनिवार्य होगा।
राज्य में अवसंरचना विकास की तेज गति के कारण पड़ोसी और अन्य राज्यों से बड़ी मात्रा में बालू, पत्थर सहित विभिन्न लघु खनिजों का आयात किया जा रहा है। अब तक इन खनिजों की मात्रा, प्रकार और परिवहन के अनुश्रवण के लिए कोई समग्र प्रणाली लागू नहीं थी। नई व्यवस्था के तहत सिस्टम इंटीग्रेटर के माध्यम से राज्य की सीमा में प्रवेश करने वाले खनिज लदे वाहनों का डिजिटल अनुश्रवण किया जाएगा।
इस निर्णय से राज्य के राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है। साथ ही अन्य राज्यों से होने वाले अवैध खनन और अवैध परिवहन पर भी प्रभावी रोक लगेगी। एक ही चालान के आधार पर कई बार खनिज ढुलाई करने जैसी अनियमितताओं पर भी अंकुश लगेगा।
नई व्यवस्था के तहत सीमावर्ती जिलों के प्रशासन की जिम्मेदारी भी बढ़ाई गई है। खनिज लदे वाहनों की निगरानी के लिए राज्य की सीमाओं पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे ताकि वाहनों की आवाजाही का सतत निरीक्षण किया जा सके। किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस पहल से खनिजों के वैध स्रोत की प्रामाणिकता सुनिश्चित होगी तथा खनन एवं परिवहन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और तकनीक आधारित बनेगी। इससे पर्यावरणीय संतुलन और सतत विकास के लक्ष्यों को भी मजबूती मिलेगी।