राज्यसभा के सभी छह उम्मीदवारों की नामांकन पर्चा वैद्य ।। 2.जल-जीवन-हरियाली: तालाब के पानी से सूखे की मार पर लगाम, मछली पालन से मिल रहा रोजगार।। 3.गन्ना प्रौद्योगिकी सेमिनार में भाग लेंगे राज्य के 800 गन्ना किसान और वैज्ञानिक।। 4. नगालैंड के राज्यपाल के नए दायित्व के लिए नंदकिशोर यादव जी को हार्दिक बधाई: मंगल पाण्डेय।। 5.मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना से मार्च तक 2,078 बसावटें जुड़ी सड़क से।। 6. मुसल्लहपुर कृषि उत्पादन बाजार प्रांगण का होगा आधुनिकरण, मिलेगी बेहतर सुविधाएं : राम कृपाल यादव
राजकुमार यादव
पटना /बिहार में राज्यसभा के पांच सीटों के लिए छह उम्मीदवारों के लिए सभी पर्चा वैध पाए गये हैं। यह जानकारी राज्यसभा चुनाव के निर्वाचन पदाधिकारी सह विस के सचिव ख्याति सिंह ने स्कूटनी के बाद दी इन छह सीटों में से चार पर एनडीए की पक्की हैं। जबकि पांचवीं सीट पर चुनाव होना तय हैं। एनडीए ने पांचवां उम्मीदवार रालोमो अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा के साथ महागठबंधन के अमेन्द्रधारी सिंह के नामांकन से चुनाव दिलचस्प हो गई हैं। राज्यसभा द्विवार्षिक चुनाव के नामांकन प्रक्रिया के बाद पर्चा की स्कुटनी की गई जिसमें सभी नामांकन पर्चा सत्य व वैद्य पाए गये। बिहार के पांच सीटों के लिए छह उम्मीदवारों ने नामांकन पर्चा दाखिल किया था। उसमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितीन नवीन, केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर, शिवेश राम, रालोमो के अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा एनडीए के उम्मीदवार हैं। वहीं महागठबंधन के राजद उम्मीदवार अमरेंद्र धारी सिंह चुनाव मैदान में हैं पांचवे सीट पर एनडीए के उपेन्द्र कुशवाहा के उ।तार देने से चुनाव रोचक हो गया हैं एनडीए के 202 मत हैं जिसमें जेडीयू के दो, भाजपा के दो उम्मीदवार जीत जायेंगे। लेकिन पांचवां सीट पर राजद के उम्मीदवार अमेन्द्रधारी सिंह के आ जाने से चुनाव रोचक हो गई हैं। एनडीए के चार सीट जीतने के बादअतिरिक्त शेष 38 मत बच जायेंगे।एक सीट जीतने के लिए 41 मत की जरूरत हैं। राजद के पास 25 , कांग्रेस के पास 06, भाकपा माले 02, माकपा 01, आई पी गुप्ता 01, बसपा 01 एवं आई आई एम एम के पास 05 विधायक हैं वैसे में सभी को मिलाकर 41 मत चाहिए़।
2.जल-जीवन-हरियाली: तालाब के पानी से सूखे की मार पर लगाम, मछली पालन से मिल रहा रोजगार
पटना/जलवायु परिवर्तन से निपटने और पारिस्थितिकीय संतुलन बनाए रखने के लिए बिहार में शुरू किया गया ‘जल-जीवन-हरियाली’ अभियान अब नए रोजगार के कई अवसर उपलब्ध करा रहा है। इस अभियान के तहत हाल के कुछ वर्षों में राज्य में तेजी से तालाब और पोखर का निर्माण हो रहा है जहां मत्स्य पालन के व्यवसाय को नई ऊंचाई मिल रही है। किसान आज इस व्यवसाय से प्रति वर्ष औसतन 20-25 लाख रुपए तक की विशुद्ध कमाई कर रहे हैं।
2 अक्तूबर 2019 से शुरू जल-जीवन- हरियाली अभियान के तहत ग्रामीण विकास विभाग कुल 11 अवयव पर कार्य कर रहा है। इसमें मुख्य रूप से पुराने जलस्रोत का संरक्षण, संवर्धन जीर्णोद्धार और नवनिर्माण शामिल है। आंकड़ों पर गौर करें तो अभियान के अवयव-6 के तहत करीब छह वर्षों में राज्य भर में चार हजार 310 नए तालाबों का निर्माण किया गया। आज इन तालाबों के सहारे ग्रामीण हिस्सों में मत्स्य पालन को तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है। इस व्यवसाय से किसान प्रति वर्ष करीब 20-25 लाख रुपए तक मुनाफा कमा रहे हैं। साथ ही दूसरे परिवारों को भी गांव में रोजगार का नया अवसर तैयार हो गया है। मत्स्य पालन के सहारे आमदनी में इजाफा होने से ग्रामीणों की न सिर्फ आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई है बल्कि उनका जीवन स्तर भी तेजी से सुधर रहा है।
केस- 01
बंजर जमीन से हो रही सालाना 20-25 लाख की कमाई
कैमूर जिले में रामगढ़ प्रखंड अंतर्गत जमुराना के रहने वाले बसंत कुमार को माता-पिता की देखरेख के लिए करीब पांच वर्ष पहले विदेश की नौकरी छोड़ अपने घर वापस लौटना पड़ा। गांव में उनके पास जो भी जमीन उपलब्ध थी, वह खेती योग्य नहीं थी। उन्होंने इस बंजर प्राय जमीन का इस्तेमाल मत्स्य पालन में करने का निर्णय लिया। विभाग से संपर्क साधने के बाद उन्हें योजनाओं की जानकारी दी गई। उन्होंने अपनी जमीन पर प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजनांतर्गत नया तालाब और बायोफ्लॉक टैंक का निर्माण करवाया। आज वह इस तालाब से प्रति वर्ष करीब 35 टन पंगास एवं इंडियन मेजर कार्प (आईएमसी) मछली का उत्पादन कर रहे हैं। इससे गांव में ही करीब एक दर्जन से अधिक लोगों को रोजगार भी उपलब्ध हो गया है। बसंत खुद 20-25 लाख रुपए तक की सालाना कमाई कर ले रहे हैं।
केस- 02
मत्स्य पालन बन रहा कई परिवारों के लिए जीविका का साधन
कैमूर जिले के ही रामपुर प्रखंड अंतर्गत बेलांव के रहने वाले किशोर कुमार ने ग्रेजुएशन की पढ़ाई के बाद गांव में खेती शुरू की। उनके इस पारंपरिक खेती से मुनाफा कम होता था। साथ ही कई बार फसल प्राकृतिक आपदा की भेंट चढ़ जाती थी। हर तरफ से परेशान किशोर ने अपने निजी जमीन में तालाब और फिश किऑस्क का निर्माण कराया। किशोर बताते हैं कि शुरू में उनके पास व्यवसाय जहां शून्य था, आज मत्स्य पालन के रूप में उनके पास एक बड़ा कारोबार खड़ा हो चुका है। इससे गांव में 8-10 परिवार को स्थाई रोजगार मिल चुका है। साथ ही इस मत्स्य पालन के व्यवसाय से वह खुद प्रति वर्ष 16-20 लाख रुपए का मुनाफा आसानी से कमा ले रहे हैं।
3.गन्ना प्रौद्योगिकी सेमिनार में भाग लेंगे राज्य के 800 गन्ना किसान और वैज्ञानिक
पटना/गन्ना उद्योग विभाग के तत्वावधान में 9 और 10 मार्च को ज्ञान भवन में गन्ना प्रौद्योगिकी सेमिनार का आयोजन किया जाएगा। इस सेमिनार में राज्य के करीब 700 से अधिक गन्ना किसान और देश के करीब 100 वैज्ञानिक शामिल होंगे। मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार इस सेमिनार का उद्घाटन करेंगे। इसको लेकर विभाग ने तैयारी शुरू कर दिया है।
विदित हो कि सात निश्चय- 3 के तहत राज्य में नई चीनी मिलों की स्थापना के साथ ही बंद पड़ी चीनी मिलों को चालू कराने के लिए राज्य सरकार ने निर्णय लिया है। इसको देखते हुए गन्ना उद्योग विभाग ने राज्य में गन्ना की खेती को बढ़ावा देने और इसका विस्तार करने के लिए कई योजनाएं शुरू किया है, ताकि राज्य में लगने वाले चीनी मिलों को पर्याप्त मात्रा में गन्ना मिल सकें। गन्ना की उन्नति खेती के प्रति किसानों को जागरूक करने के उद्देश्य से लगातार कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। बताया जाता है कि गन्ना किसानों को नई तकनीक और बेहतर खेती करने के बारे में जानकारी देने के लिए गन्ना उद्योग विभाग द्वारा पटना के ज्ञान भवन में दो दिवसीय ‘गन्ना प्रौद्योगिकी सेमिनार-2026’ का आयोजन किया जा रहा है। इसमें राज्य के गन्ना किसान शामिल होंगे। इस सेमिनार को लेकर विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है।
विभाग के मुताबिक इस सेमिनार में मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, विकास आयुक्त, देश के विभिन्न राज्यों के जाने-माने वैज्ञानिक, चीनी मिलों के प्रतिनिधि, नए निवेशक, कृषि विश्वविद्यालय और कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक सहित अन्य महत्वपूर्ण लोग उपस्थित रहेंगे। इस सेमिनार के माध्यम से किसानों को कम लागत में गन्ना की अच्छी पैदावार, गन्ना के विकास और विस्तार करने के बारे में जानकारी दी जाएगी।
4. नगालैंड के राज्यपाल के नए दायित्व के लिए नंदकिशोर यादव जी को हार्दिक बधाई: मंगल पाण्डेय
पटना /बिहार भाजपा के वरिष्ठ नेता श्री नंद किशोर यादव जी को नागालैंड के राज्यपाल का नया दायित्व मिलने पर स्वास्थ्य व विधि मंत्री श्री मंगल पाण्डेय ने उन्हें हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं दी है। इसी के साथ उन्होंने बिहार के नए राज्यपाल सैयद अता हसनैन का भी आत्मिक स्वागत किया है।
श्री पाण्डेय ने श्री नंद किशोर यादव को मिले इस महत्वपूर्ण दायित्व के लिए केंद्र सरकार और भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के प्रति आभार जताया है। उन्होंने कहा कि नंद किशोर जी जैसे वरिष्ठ व अनुभवी नेता का सम्मान करना भाजपा की परम्परा रही है। शांत-सौम्य व्यक्तित्व वाले नंद किशोर जी अपनी इस नई भूमिका में भी सफल होंगे।
श्री पाण्डेय ने सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन को बिहार का नया राज्यपाल नियुक्त किए जाने का स्वागत करते हुए कहा कि उनके सुदीर्घ प्रशासनिक अनुभवों का लाभ बिहार को मिलेगा। श्री हसनैन भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारी रहे हैं। जम्मू-कश्मीर की शिक्षा व शांति-स्थापना में श्री हसनैन की भूमिका काफी महत्वपूर्ण रही है। उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में उनकी रणनीति और नेतृत्व की काफी सराहना हुई है। सेना में भी उनका नेतृत्व रणनीतिक कौशल के लिए ख्यात रहा है। बिहार जैसे राजनीतिक तौर पर जागरूक प्रदेश में उनका गर्मजोशी से स्वागत है।
5.मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना से मार्च तक 2,078 बसावटें जुड़ी सड़क से
बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने और हर छोटे-बड़े टोलों को सुगम यातायात की सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में ग्रामीण कार्य विभाग लगातार कार्यरत है। मार्च तक राज्य की छुटी हुई 2 हजार 78 बसावटें सड़क मार्ग से जुड़ गई हैं। इसके लिए मुख्यमंत्री ग्राम सम्पर्क योजना (अवशेष) के तहत 100 या उससे अधिक आबादी वाले छूटे हुए ग्रामीण टोलों और बसावटों को पक्की सड़कों से जोड़ने के लक्ष्य के साथ राज्यभर में ग्रामीण सडकों का तेजी से निर्माण किया जा रहा है। इस योजना से वर्षों से पक्की सड़क की राह देख रहे लाखों ग्रामीणों के जीवन में एक सकारात्मक बदलाव देखा जा रहा है।
ग्रामीण कार्य विभाग के स्तर से राज्य के सभी जिलों में छूटी हुई बसावटों की पहचान करने के लिए एक विशेष मोबाइल ऐप के माध्यम से सर्वेक्षण कराया गया है। इस सर्वेक्षण के आधार पर राज्यभर में कुल 11 हजार 20 ऐसी बिना संपर्क वाले बसावटों को चिन्हित किया गया है, जिन्हें मुख्य मार्गों से जोड़ा जाना है। इन सभी चिन्हित टोलों को बारहमासी सड़क संपर्कता प्रदान करने के लिए विभाग ने कुल 14,002 किलोमीटर ग्रामीण सड़कों के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित है।
इस लक्ष्य को धरातल पर उतारने को लेकर बेहद तेज गति से कार्य किया जा रहा है। इस दिशा में अब तक कुल 6,076 बसावटों को पक्की सड़क से जोड़ने की प्रशासनिक स्वीकृति मिल चुकी है। इसके तहत कुल 8,033.23 किलोमीटर लंबी ग्रामीण सड़कों का निर्माण किया जाना है। उल्लेखनीय है कि अबतक कुल 2,078 बसावटों तक पक्की सड़क का निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है। जिसके तहत 2,210 किलोमीटर पक्की ग्रामीण सड़कों का निर्माण सुनिश्चित किया जा चुका है।
– पूर्वी चंपारण में सर्वाधिक 239 बसावटों को पक्की सडक से जोड़ा गया योजना के जिलावार प्रदर्शन के मामले में पूर्वी चंपारण जिले में सबसे तेजी से कार्य किया गया है, जहां सर्वाधिक 239 बसावटों को 300 किलोमीटर पक्की सड़क से जोड़ा जा चुका है। वहीं कैमूर में 195, औरंगाबाद में 161 और दक्षिण बिहार के गया में 149 बसावटों तक निर्बाध संपर्कता सुनिश्चित की जा चुकी है। इन पक्की ग्रामीण सड़कों के निर्माण से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को एक नई रफ्तार मिल रही है। ग्रामीण कार्य विभाग शेष बची हुई बसावटों के लिए भी तय समय-सीमा के अन्दर पक्की सड़कों का निर्माण कार्य पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।
6. मुसल्लहपुर कृषि उत्पादन बाजार प्रांगण का होगा आधुनिकरण, मिलेगी बेहतर सुविधाएं : राम कृपाल यादव
पटना/जल्द ही मुसल्लहपुर कृषि उत्पादन बाजार प्रांगण के आधुनिकरण का कार्य पूरा कर लिया जाएगा, इसके बाद यहां किसानों और व्यापारियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। राज्य सरकार इसके लिए तेजी से कार्य कर रही है। ये बातें शुक्रवार को कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने कही।
वे मुसल्लहपुर कृषि उत्पादन बाजार प्रांगण के आधुनिकीकरण एवं जीर्णोद्धार कार्य की प्रगति का स्थल निरीक्षण कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की स्थिति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कार्य में तेजी लाने तथा निर्धारित समय सीमा में कार्य पूर्ण करने का निर्देश दिया।
कृषि मंत्री ने बताया कि मुसल्लहपुर कृषि उत्पादन बाजार प्रांगण के आधुनिकीकरण एवं जीर्णोद्धार के लिए कृषि विभाग द्वारा 68.41 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2006 में एपीएमसी एक्ट के निरसन के बाद राज्य सरकार द्वारा तैयार कृषि रोडमैप के अंतर्गत सभी बाजार प्रांगणों को आधुनिक एवं सुदृढ़ बनाया जा रहा है, ताकि किसानों को बेहतर विपणन व्यवस्था उपलब्ध हो सके।
उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि किसानों को आधुनिक, पारदर्शी और सुविधाजनक बाजार व्यवस्था मिले। इसी उद्देश्य से मुसल्लहपुर बाजार प्रांगण को ई-नाम (e-NAM) प्लेटफॉर्म के माध्यम से राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय मंडियों से जोड़ा जाएगा, जिससे किसानों को अपने उत्पादों के लिए व्यापक बाजार और बेहतर मूल्य प्राप्त हो सकेगा।
इस बाजार प्रांगण में पेयजल, शौचालय, प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था, ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म, गोदाम सहित सभी आवश्यक आधारभूत संरचनाओं का विकास किया जा रहा है, जिससे किसानों और व्यापारियों को एक सुव्यवस्थित एवं आधुनिक बाजार परिसर उपलब्ध होगा।
निरीक्षण के दौरान पटना फल-सब्जी विक्रेता संघ के अध्यक्ष शशिकांत प्रसाद ने कृषि मंत्री से मुलाकात कर बाजार प्रांगण के समुचित विकास के लिए कुछ महत्वपूर्ण सुझाव एवं मांगें रखीं। उन्होंने बाजार प्रांगण में कोल्ड स्टोरेज के निर्माण, संतरा भंडारण के लिए दो विशेष चैंबर, तथा एक प्रदर्शनी हॉल की व्यवस्था कराने का अनुरोध किया। साथ ही उन्होंने यह भी आग्रह किया कि गेट नंबर-2 से आने वाले किसानों के वाहनों को नो-एंट्री से मुक्त किया जाए, ताकि किसानों को बाजार तक आने में किसी प्रकार की कठिनाई न हो।
कृषि मंत्री ने इन मांगों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है । उन्होंने कहा कि किसानों और व्यापारियों की सुविधाओं का ध्यान रखते हुए बाजार प्रांगण को सुव्यवस्थित, आधुनिक और किसान हितैषी बनाया जाएगा। इस मौके पर निर्माण एजेंसी द्वारा बताया गया कि मुसल्लहपुर बाजार प्रांगण के आधुनिकीकरण एवं जीर्णोद्धार का कार्य वर्ष 2026 के अंत तक पूर्ण कर लिया जाएगा।
कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को बेहतर बाजार, आधुनिक कृषि अवसंरचना और पारदर्शी व्यापार व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि जब बाजार मजबूत होगा, तो किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य मिलेगा और इससे राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती मिलेगी।

