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ब‍िहार की राजनीत‍ि में मार्च के महीने ने फ‍िर से उथल-पुथल मचा दिया

बिहार हलचल न्यूज ,जन जन की आवाज
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पटना/ ब‍िहार की राजनीत‍ि में मार्च के महीने ने फ‍िर से उथल-पुथल मचा दी है। आज से 26 साल पहले मार्च का ही महीना था जब नीतीश कुमार पहली बार ब‍िहार के मुख्‍यमंत्री बने थे।एक बार फिर मार्च का महीना बिहार के इतिहास में खास साबित हुआ। 3 मार्च 2000 का दिन। यही वो दिन था जब बिहार को पहली बार नीतीश कुमार नाम के मुख्यमंत्री मिले थे। अब 5 मार्च 2026 को नीतीश कुमार ने दिल्ली जाने का ऐलान कर दिया है। मतलब बिहार की सियासत और मुख्यमंत्री की कुर्सी को अलविदा।

नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया पोस्ट कर राज्यसभा जाने की इच्छा जता दी है। इस ऐलान के साथ ही बिहार में एक युग का अंत हो गया है। जेपी आंदोलन से निकले नीतीश कुमार का सफर और संघर्ष बहुत ही लंबा रहा है। उन्हें थाली में परोस कर कुर्सी नहीं मिली, बल्कि कड़ी मेहनत और जनता के बीच मैनेजमेंट के बूते वह बिहार के सबसे लंबे समय तक पद पर रहने वाले मुख्यमंत्री रहे।