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फंक्शनल लेवल लीड इंटेलिजेंस एजेंसी की एक महत्वपूर्ण समन्वय बैठक

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सुरेश गुप्ता की रिपोर्ट 

मधुबनी/48वीं वाहिनी, सशस्त्र सीमा बल, जयनगर के प्रांगण में फंक्शनल लेवल लीड इंटेलिजेंस एजेंसी की एक महत्वपूर्ण समन्वय बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता सरोज कुमार ठाकुर, उप महानिरीक्षक, क्षेत्रक मुख्यालय, सशस्त्र सीमा बल, मुजफ्फरपुर द्वारा की गई। बैठक में विभिन्न सहयोगी खुफिया एवं सुरक्षा एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

बैठक का मुख्य उद्देश्य भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर हो रही अवैध गतिविधियों की रोकथाम हेतु प्रभावी एवं सामूहिक रणनीति तैयार करना तथा एजेंसियों के बीच समन्वय को और अधिक सुदृढ़ बनाना था।

बैठक के दौरान निम्नलिखित प्रमुख विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई—
• सीमा क्षेत्र में विशेष सतर्कता एवं गश्त बढ़ाने के निर्देश।
• शराब तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण हेतु ठोस एवं समन्वित कार्रवाई।
• सीमा पार आवागमन करने वाले व्यक्तियों की सघन निगरानी।
• नेपाल पुलिस के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर संयुक्त कार्यवाही को प्रोत्साहन।
• भारत-नेपाल सीमा के राजनीतिक एवं सुरक्षा परिदृश्य की समीक्षा।
• हथियार, गोला-बारूद, जाली मुद्रा, प्रतिबंधित वस्तुओं एवं मानव तस्करी की रोकथाम पर व्यापक विचार-विमर्श।
• धार्मिक कट्टरवाद, वामपंथी उग्रवाद/माओवादी गतिविधियों तथा संभावित आतंकी गतिविधियों की रोकथाम।
• अंतरराष्ट्रीय सीमा (INB) पर अतिक्रमण रोकने हेतु प्रभावी उपाय।

IMG 20260221 WA0016 फंक्शनल लेवल लीड इंटेलिजेंस एजेंसी की एक महत्वपूर्ण समन्वय बैठकबैठक में योगिन्द्र कुमार, पुलिस अधीक्षक मधुबनी; गोविंद सिंह भण्डारी, कमांडेंट 48वीं वाहिनी; 71वीं, 20वीं एवं 51वीं वाहिनी के कमान अधिकारीगण; दीपक कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी जयनगर; राघव दयाल, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी जयनगर; तथा अमित कुमार, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बेनीपट्टी सहित अन्य सहयोगी एजेंसियों के अधिकारी उपस्थित रहे।

अपने संबोधन में सरोज कुमार ठाकुर ने कहा कि भारत एवं नेपाल के बीच ऐतिहासिक एवं सौहार्दपूर्ण संबंध रहे हैं। इन संबंधों को और अधिक सुदृढ़ बनाए रखने तथा सीमा क्षेत्र में शांति एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु इस प्रकार की समन्वय बैठकों का आयोजन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने यह भी बताया कि सशस्त्र सीमा बल द्वारा क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी रखी जा रही है तथा इस दिशा में सहयोगी एजेंसियों की भूमिका अत्यंत सराहनीय है।