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स्वास्थ्य विभाग के आय व्यय पर विभागवार सामान्य वाद विवाद पर सरकार की ओर से उतर देते हुए स्वास्थ्य मंत्री मंगल पाण्डे ।।2 .बिहार विधान परिषद् में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के आय व्यय वाद विवाद के कटौती प्रस्ताव पर सरकार की ओर से उत्तर देते

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न्यूज डेक्स 

पटना / बिहार विधानसभा में स्वास्थ्य विभाग के आय व्यय पर विभागवार सामान्य वाद विवाद पर सरकार की ओर से उतर देते हुए स्वास्थ्य मंत्री मंगल पाण्डे ने कहा कि समाज के अंतिम प्रधान तक प्रत्येक व्यक्ति को सभी प्रकार की गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा सहज एवं सुलभ तरीके से उपलब्ध कराने की दिशा में राज सरकार प्रतिबद्ध है। बदलते परिवेश की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग सुविधाओं का निरंतर विस्तार, सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार तथा आधुनिक डिजिटल प्रौद्योगिकी का उपयोग किया जा रहा है ताकि पूर्ण प्रदर्शिता के साथ समाज के हर घर हर व्यक्ति तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंच सके । राज सरकार द्वारा प्रक्षेत्र में किए गए निरंतरण प्रयास एवं पहन के कारण स्वास्थ्य के विभिन्न मानकों में विगत वर्षों में आशातीत प्रगति हुई है। इसीका परिणाम है कि जहां एक और सरकारी संस्थानों में चिकित्सीय सेवा प्राप्त करने वाले नागरिकों की संख्या में वृद्धि हुई ।वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य सूचकांक भी बेहतर हो रहे हैं। राज्य का शिशु मृत्यु दर घटकर 23 हो गया है जो राष्ट्रीय औसत से बेहतर है। नवजात शिशु जन्म से 28 दिन मृत्यु दर के अनुसार घटकर 18 हो गया है जो राष्ट्रीय औसत से बेहतर है। 5 वर्ष की कम उम्र के बच्चों का मृत्यु दर घटकर 27 हो गया है ,जो राष्ट्रीय औसत से बेहतर है। राज्य का मातृ मृत्यु अनुपात घटकर वर्तमान में 104 है । जिसे चरणबद्ध तरीके से एसडी जी 2030 के तहत 70 तक लाने का लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रयास जारी है। राज में स्वास्थ्य प्रक्षेत्र में आधारभूत संरचनाओं के विकास पर लगभग खर्च किया जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा सभी जिलों में मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की स्थापना करने का निर्णय लिया गया है। इसी प्रकार जिला अनुमंडलीय अस्पताल में क्रिक्स केयर ब्लॉक की स्थापना की जा रही है ।नए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तथा हेल्थ तरीके से निर्माण कार्य विभिन्न राजकीय चिकित्सीय की स्थान में नागरिकों को दी जाने वाली स्वास्थ्य सुविधा में भी निरंतर सुधार हुआ है। सभी प्रखंड स्तरीय स्वास्थ्य संस्थानों तक सराय एक होने पर परीक्षण पैथोलॉजिकल चार्ज की सुविधा उपलब्ध है ।राज के सभी जिला अस्पतालों में डायलिसिस ,सीटी स्कैन एंड अल्ट्रासोंउड की सुविधा प्रदान की जा रही हैं।राज्य के सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में दवा एवं चिकित्सीय सामग्रियों की आपूर्ति श्रृंखला को सुधार एवं प्रभावकारी तरीके से बना रही है।सरकार द्वारा सभी जिलों में जीपीएस से लैस 180 मुक्त अवधि वाहनों का संचालन किया जा रहा है। राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ और सुलभ बनाने की वजह से राज सरकार द्वारा सात निश्चया के साथ प्रखंड स्तरीय स्वास्थ्य केंद्रों को विशेष चिकित्सा जिला अस्पताल को अति विशिष्ट शिक्षा केंद्र के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। इन सभी तरह के सभी आवश्यकता कार्रवाई की जा रही है। सीईओ एवं गर्भवती महिलाओं के नियमित टीकाकरण के कारण प्रति वर्ष लगभग 120000 टीकाकरण का आयोजन किया गया हैं। प्रतिवर्ष लगभग 37 लाख गर्भवती महिलाओं को टिटनेस एवं गलघोटू से सुरक्षा प्रदान करने हेतु टीडी का टीकाकरण किया जाता है । राज्य के कुल 1,62,132 किशोर किशोरी गर्भवती महिला अभ्यर्थियों का एनीमिया जांच स्वास्थ्य संस्थान एवं विद्यालय में कुल 12 लाख 80 हजार 425 किया गया हैं। महिला एवं बालिकाओं के मानसिक धर्म स्वच्छता पर परामर्श 33,997 किशोरियों का एचपीवी वैक्सीनेशन 2,98,217 की श्रेणियां को नेत्र जांच एवं दृष्टि दोष पाए गए 4274 के नेत्र जॉच कर निशुल्क चश्मा वितरण किया गया । बाल हृदय योजना के अंतर्गत प्रकाशित अंबेडकर सर्विसेज एंड रिसर्च फाउंडेशन अहमदाबाद सहित राज के तीन प्रमुख स्वास्थ्य संस्थानों इंदिरा गांधी हृदय रोग संस्थान, इंदिरा गांधी और विज्ञान संस्थान पटना एवं जयप्रभा मेदांता सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल पटना में बच्चों के हृदय रोग की जांच क्षेत्र में शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। जिससे सभी जिलों में आए 5093 बच्चों की स्वास्थ्य की गई है। 5 वर्ष के बच्चों के क्वालिटी क्लियर इंप्लाइज सर्जरी हेतु संचालित बढ़कर सरवन योजना के अंतर्गत मुख्य बच्चों का कॉल क्लियर इंप्लायड सर्जरी की जा रही है। सरकारी अस्पतालों को विभिन्न प्रकार के आधुनिक उपक्रमों से सुधीर करने हेतु वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025- 26 में राज सरकार द्वारा 88.96 करोड़ राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा 24.99 करोड़ कल 113. 95 करोड रुपए के उपकरणों की आपूर्ति की गई है। मुख्यमंत्री डिजिटल हेल्थ योजना के अंतर्गत भव्य एवं आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन कंप्लेंट सॉफ्टवेयर के माध्यम से सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में ऑनलाइन पंजीयन से लेकर इलाज की पूरी प्रक्रिया जांच इत्यादि सहित दवा वितरण तक की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है ।स्वास्थ्य विभाग राज्य के सभी नागरिकों को उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की उद्देश्य से लगातार प्रयासरत है। साथ में से तीन के तहत तय किए गए सभी कार्य को एक समय बाद तरीके से पूर्ण कार्य बिहार में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए कृत संकल्पित है । वित्तीय वर्ष 2026- 27 के लिए अनुदान मांग संख्या 20 के अनुसार स्थापना एवं प्रतिबद्ध योजना मद में 11, 237.64 करोड रुपए एवं योजना मध्य में 132.77 अर्थात कुल 21,270. 41 करोड रुपए की अनुशंसा मांग की स्वीकृति स्वास्थ्य विभाग हेतु सदन के समक्ष प्रस्तुत कर रहा हूं।

 

2 .बिहार विधान परिषद् में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के आय व्यय वाद विवाद के कटौती प्रस्ताव पर सरकार की ओर से उत्तर देते

पटना /बिहार विधान परिषद् में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के आय व्यय वाद विवाद के कटौती प्रस्ताव पर सरकार की ओर से उत्तर देते हुए मंत्री सह उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिंहा ने कहा कि भूमि प्रबंधन की पारदर्शिता व्यवस्था भू अभिलेख के निर्माण अभिलेखों का डिजिलाइजेशन संधारण तथा सामाजिक एवं आर्थिक रूप से सभी उपेक्षित वर्गों के ग़रीब महिला युवा सदस्यों को आवश्यकता अनुसार आवास जीविकोपार्जन हेतु सबके विश्वास के साथ सरकार द्वारा भूमि उपलब्ध कराने की सफल क्रियान्वयन के उद्देश्य से जनता की आकांक्षाओं एवं अपेक्षाओं के अनुरूप राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट में 21,90, 151,000 का प्रावधान किया है।
उन्होंने कहा कि राजस्व प्रशासन के द्वारा समयबद्ध कार्यक्रम बनाकर निर्धारित समय सीमा के अंदर उपलब्धियां को प्राप्त करने की कार्रवाई की जा रही है। इस प्रयास में लक्ष्य का अनुरूप ही नहीं बल्कि सबसे अधिक सफलता प्राप्त करेंगे। सबसे सर्वांगीण विकास एकरूप न्याय और कुशल प्रशासन के माध्यम से हमारी सरकार समाज के सभी वर्गों के साथ महादलित वर्ग एवं कमजोर वर्ग के लोगों के समान पूर्वक जीवन यापन हेतु संसाधन प्राप्त करने के कार्य को प्राथमिकता दी है ।आम जनों के प्रति मन में सेवा की भावना अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्तियों के केवल जीवन में परिवर्तन की चाह हो तो भ्रष्टाचार की गुंजाइश नहीं बनती है जो हमारे सरकार का उद्देश्य पर आधारशिला सबका साथ सबका विकास ही हमारी सरकार का मूल मंत्र है। राज्य के सभी 537 अंशुलों में ऑनलाइन दाखिल खारिज गांव का निष्पादन किया जा रहा है साथ ही जमाबंदी को डिजिटाइजेशन कर आम लोगों के अवलोकन हेतु विधि विभाग के वेबसाइट पर अपलोड किया गया है ऑनलाइन माध्यम से दाखिल खारिज हेतु 147 20 235 दायर की गई है। जिसमें 144 76 884 मामले का निष्पादन कर दिया गया है जो कल निष्पादन का 98.35 प्रतिशत है से सूचकांक के निष्पादन की कार्रवाई की जा रही है विभाग द्वारा अभिनव विशेष प्रयास किया गया है जिसके पास ऑनलाइन प्रकाशित लाइसेंस जमाबंदी पंजों में कटी पर अशुद्धियां तथा जमाबंदी में रातों के नाम खाता खेसरा रखवा लगन आदि के वीडियो में सुधार की गति में तीव्रता लाने का प्रयास किया जा रहा है। डिजिलेड जमाबंदी पंजी में सुधार के लिए कुल 24000 24 लाख 32628 शिकायत में से 2083118 सिखाया तो का निपटारा किया जा चुका है तथा डिजिटल टाइल्स जमाबंदी में छोटे हुए जमाबंदी के लिए कुल प्राप्त 11 लाख 7893 शिकायत में से 944 496 शिकतों का कुरा कर दिया गया है। हम दोनों माध्यम से प्राप्त अवशेष शिकायत निष्पादन की प्रक्रिया में है ऑनलाइन भू स्वामित्व प्रमाण पत्र हेतु आपका कल 20 लाख 665003 आवेदन प्राप्त हुए हैं जिसमें से 20 लाख 59383 आवेदनों का निपटारा किया जा चुका है से सावधानों पर कार्रवाई की जा रही है वह केंद्रीय यमराज की है पर यह नाम हेतु विभिन्न विभागों संस्थाओं को 770. 56 एकड़ सरकारी भूमि विभिन्न जिलों में हस्तांतरित की गई है। चकबंदी योजना का प्रारंभ 1958 में राज्य के 9 अंचलों में किया गया था ।वर्ष 92 से 2004 तक चकबंदी कर्ज सहित रहा उच्च न्यायालय के विभिन्न आदेशों के आलोक में चकबंदी का प्रचलन पुणे 2004 में प्रारंभ किया गया वर्तमान में आपका कल 5439 राज्य में चकबंदी अधिनियम के धारा के अंतर्गत सूचित किया जा चुका है। जनहित वाद का संख्या 7675 में उच्च न्यायालय द्वारा पूरे राज्य में चकबंदी योजना का क्रियावन करने का निर्देश प्राप्त है ।बिहार अमीन के कुल 2502 वर्तमान में कार्यरत बाल 1199 तथा रिक्त पदों का रोस्टर क्लीयरेंस कर नियमित नियुक्ति हेतु वर्ष 2025 में कुल 765 पदों की अध्यक्षण सामान प्रशासन विभाग को प्रेषित की गई है। बिहार राजस्व सेवा नियमावली में राज्य के राजस्व प्रशासन के संचालन हेतु राजस्व अधिकारी एवं समकक्ष पदपर अंचलाधिकारी एवं समकक्ष ग्रेड पद पर भूमि उपसहार्ता एवं समकक्ष के पद जिला विभाजन पदाधिकारी एवं समकक्ष ग्रेड पद तथा अपर समाहर्ता वह जमाबंदी एवं समकक्ष ग्रेड पे पद का सृजन का प्रदान किया गया।