आय व्यय तृतीय अनुपूरक व्यय विवरणी सदन के पटल पर रखा गया ।। 2.विधान परिषद में बेटियों के साथ दरिंदगी के लिए विपक्षी सदस्यों को भारी हंगामा
पटना / बिहार विधान सभा के बजट सत्र में सदन के पटल पर वित मंत्री विजेंद्र यादव ने अनुपूरक बजट सदन के पटल पर रखा। उन्होंने कहा कि भारत के संविधान के अनुच्छेद 205 में अनुपूरक बजट का प्रावधान है बिहार विधान मंडल में वित्तीय वर्ष 2025 – 26 के आय व्यय विवरणी से संबंधित तृतीय अनुपूरक व्यय सदन के पटल पर विस्थापन किया गया। तृतीय अनुपूरक व्यय विवरणीय 2025 26 में प्रस्तावित राशि 12,165. 45 72 करोड रुपए की है जिसमें इसकी मोबाइल प्रस्तावित के व्यय निम्नलिखित है वार्षिक स्कीम मध्य 9, 566.39 47 करोड रुपए स्थापना एवं प्रतिबद्ध व्यय मद में 2,579.0425 करोड रुपए कुल योग 12 ,165.4372 करोड रुपए वार्षिक स्कीम के अंतर्गत 9586.39 47 करोड रुपए की राशि का प्रावधान तृतीय अनुपूरक आगणन में प्रस्तावित किया गया है। वार्षिक स्कीम मध्य में केंद्रीय स्कीम के केंद्र ब्रांच मध्य में 909.9344 करोड रुपए हम राजन समाज में 2482.6545 करोड रुपए अर्थात कुल प्रावधानित राशि 3192.98 89 करोड रुपए में स्कीम वर बुक प्रावधान किया गया है। केंद्र प्रायोजित स्कीम के तहत 633.63 करोड रुपए सक्षम आंगनबाड़ी पोषण हेतु 122.00 करोड रुपए, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना हेतु 41 पॉइंट 81 करोड रुपए समग्र शिक्षा अभियान हेतु केंद्रीय प्रायोजित स्कीम राज्यांश के तहत 1184.00 करोड रुपए राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन हेतु 1000 13.00 करोड रुपए प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण हेतु 192.00 करोड रुपए राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना हेतु राज स्कीम के तहत चालू वित्तीय वर्ष 2025 26 में वार्षिक स्कीम के राज्य स्कीम मध्य में कुल प्रधानिक राशि 6193 पॉइंट 8058 करोड रुपए में स्कीम वर मुख्य प्रावधान किया गया है 1700.00 करोड रुपए बिहार आधुनिक प्रोत्साहन नीति 2016 के अंतर्गत सब्सिडी हेतु 1100 करोड रुपए मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क उन्नयन हेतु किया गया है इसमें 86 2.50 करोड रुपए मेडिकल कॉलेज या अस्पताल के निर्माण हेतु 500 करोड रुपए पंचायत सरकार भावनाओं के निर्माण के लिए 400 करोड रुपए सड़क एवं फूलों के निर्माण हेतु 298 पॉइंट 87 करोड रुपए पंचायती राज विभाग के अंतर्गत विद्युत के भुगतान हेतु 233.35 करोड रुपए पुलिस वाहनों के निर्माण एवं वर्जन हेतु 100 करोड रुपए ग्रामीण जिला आपूर्ति योजना हेतु 100 करोड रुपए पिछड़ा एवं आरती पिछड़ा वर्ग के छात्राओं को छात्रवृत्ति वजीफा प्रोत्साहन हेतु 100 करोड रुपएस्टेडियम एमसी संरचना के निर्माण हेतु 55 करोड रुपए केंद्रीय सहकारी बैंकों के अनुदान हेतु किया गया है स्थापना प्रतिबिंब में प्रस्तावित राशि 2579 पॉइंट 0425 करोड रुपए है प्रावधानित की गई राशि में मुख्य प्रस्ताव किया गया है इसमें 550 पॉइंट 17 करोड रुपए विभिन्न विभागों के वेतन आदि हेतु 500 करोड रुपए पंचायत सरकार भवन हेतु 425 पॉइंट 99 करोड रुपए सारी आसानी निकायों को विद्युत विभाग पत्रों के भुगतान हेतु 339 पॉइंट 20 करोड रुपए मुख्यमंत्री विद्युत उपभोक्ता सहायता योजना के अंतर्गत 125 यूनिट मुक्त बिजली सहित उपभोक्ता सब्सिडी है तो 244.96 करोड रुपए दवा भंडारण हेतु 150 करोड रुपए के अंतर्गत सड़कों के अनुरक्षण पर मराठ हेतु 50 करोड रुपए जल संसाधन विभाग के अंतर्गत अनुरक्षण एवं मनमरत हेतु किया गया है।
2. विधान परिषद में बेटियों के साथ दरिंदगी के लिए विपक्षी सदस्यों को भारी हंगामा
पटना / बिहार विधान परिषद की कार्यवाही शुरू होते ही दरभंगा में छः साल की बच्ची के साथ दरिंदगी के बाद हत्या की मामले को विपक्षी सदस्यों ने उठाया। जिसको ले सदन में भारी नोक झोंक एवं हंगामा हो गया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एवं प्रतिपक्ष के नेता राबड़ी देवी के बीच काफी तू तू मैं एवं नोक झोंक हुआ। विपक्षी सदस्यों ने सदन के वेल में पहुंचकर भारी शोर शराबे एवं हंगामा करते हुए मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग की। जिससे सदन की कार्यवाही भोजनावकाश 2.30 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया। सदन की कार्यवाही ज्योंहि शुरु हुआ कि विपक्ष के मुख्य सचेतक अब्दुलबारी सिद्दीकी ने अपने आसन पर खड़े होकर दरभंगा में छः साल की बच्ची के साथ दरिंदगी कर हत्या कर देने की मामले को उठाया। उन्होंने ने कहा कि दरभंगा विवि थाना क्षेत्र के कदिरावाद पटवा पोखर के पास रात में दुष्कर्म के बाद 6 साल की मासूम बच्ची की गला दबाकर हत्या कर दी गईं। इसपर सदन में चर्चा होनी चाहिए़। सभी विपक्षी सदस्यों ने अपने अपने आसन पर खड़ा होकर कार्रवाई करने की मांग की। इस पर उपसभापति रामविचार राय ने शांति से सदन चलने देने की अपील की। उधर प्रतिपक्ष के नेता राबड़ी देवी ने कहा कि इस तरह के प्रत्येक दिन हर जिले में जांघन अपराध की घटनाएं घट रही हैं। राज्य में विधि व्यवस्था बिगड़ गई हैं। लेकिन कोई सुनने वाला नहीं हैं। इसपर राबड़ी देवी ने बेटियों की सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एवं गृह मंत्री से इस्तीफे की मांग की। इस मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एवं राबड़ी देवी में काफी तू तू मैं एवं नोक झोंक हुआ। इसी बीच सुनील कुमार सिंह ने कहा कि महामहिम राष्ट्रपति जी ने कहा हैं कि किसी राज्य में बालिकाओं पर जघन्य अपराध एवं हत्या होती हैं उसके 24 घंटे में कोई कार्रवाई नहीं होती तो वहां के मुख्यमंत्री को अपने ऊपर जिम्मेदारी लेते हुए तुरंत इस्तीफा कर देना चाहिए। लेकिन उपसभापति रामविचार राय ने प्रतिपक्ष की मांगो ठुकराकर सदन की कार्यवाही चलाते रहे। इससे नाखुश विपक्षी सदस्यों ने देखते ही देखते सदन के वेल में पहुंचकर सरकार विरोधी नारे लगाते हुए मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग की। इसपर तमतमाए मुख्यमंत्री ने अपने आसन पर खड़े होकर कहा कि बिहार में कितना काम हुआ हैं ये दोनों व्यक्ति 15 वर्षों तक की शासन में कुछ नहीं किया। काफी देर तक एक दूसरे पर आरोप एवं प्रत्यारोप लगाते रहे। फिर उपसभापति रामविचार राय ने सदन की कार्यवाही 2.30 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।

