वित्तीय वर्ष 2026 – 27 के लिए राज्य का वार्षिक आय व्यय बजट अनुमान सदन के समक्ष वित्त मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव ने पेश की
पटना /वित्तीय वर्ष 2026 – 27 के लिए राज्य का वार्षिक आय व्यय बजट अनुमान सदन के समक्ष वित्त मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव ने पेश किया। वित्तीय वर्ष 2026 27 में बिहार राज्य का बजट आकर 347 589.67 करोड रुपए हैं जो वित्तीय वर्ष 2025 26 के बजट जाकर तीन एक 6895.02 करोड रुपए से 3694 पॉइंट 74 करोड रुपए अधिक है वित्तीय वर्ष 26 27 में वार्षिक स्कीम का बजट अनुमान 122155.42 करोड रुपए है जो वित्तीय वर्ष 2025 26 के बजट अनुमान 116750 करोड रुपए से 5405 पॉइंट 42 करोड रुपए अधिक है वित्तीय वर्ष 26 27 में स्थापना एवं प्रतिबद्ध ब्याज का बजट अनुमान₹225434.34 खोलो रे रुपए हैं जो वित्तीय वर्ष 2025 26 के बजट अनुमान₹2135 पॉइंट 42 करोड रुपए से 25 298.92 करोड रुपए अधिक है ।
वर्ष 2627 में कुल ब्याज में स्कीम दिया है 35 पॉइंट 14% तथा स्थापना एवं प्रतिबद्ध ब्याज 64.86 प्रतिशत है वित्तीय वर्ष 26 27 में कुल पूंजीगत व्यय 63455 584 करोड रुपए अनुमानित किया गया है जो कुल व्यय का 18 पॉइंट 26% है जिसमें पूंजीगत व्यय वर्ष 2026-27 में 39377.06 करोड रुपए का पूंजीगत प्रक्रिया है अनुमानित किया गया है जिसमें समान सेवाओं में 6117.30 फ्लोर रुपए सामाजिक सेवाओं में 7434 पॉइंट 80 करोड रुपए और आर्थिक सेवा में 25824.96 करोड रुपए की राशि प्रस्तावित आएगी वर्ष से 2026-27 में 2264.83 करोड रुपए की राशि ऋण के रूप में वापस की जानी है ।जिसमें 170145 करोड रुपए की राशि केंद्र सरकार के ऋण की है एवं 20963 पॉइंट 38 करोड रुपए की राशि पूर्व में लिए गए आंतरिक ऋणों में संबंधित हैं वित्तीय वर्ष 2026-27 में कुल राजस्व व्यय 284133 पॉइंट 92 करोड रुपए अनुमानित किया गया है जो कुल व्यय का 81 पॉइंट 74% एवं वित्तीय वर्ष 2025 26 के बजट अनुमान 252000 पॉइंट 26 करोड रुपए से₹32133.66 करोड रुपए अधिक है।उन्होंने पेश करते हुए कहा कि भारत विश्व के अर्थव्यवस्था में सबसे तेज गति से आगे बढ़ रहा है ।
वहीं दूसरी तरफ बिहार के आर्थिक विकास दर भी तेज गति से बढ़ाने वाले राज्यों में शामिल है वर्ष 2025 26 के लिए अनुमान है कि बिहार की अर्थव्यवस्था 14.9% की दर से आगे बढ़ेगी न्याय के साथ विकास के सिद्धांत पर चलते हुए बिहार सरकार से साथ निश्चय ३ और साथ में सेतु के माध्यम से रोजगार शिक्षा स्वास्थ्य कृषि और आधारित संरचनाओं में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की।25 से 30 के संकल्प के साथ बिहार को देश के अग्रणी विकसित राज्यों की श्रेणी में लाने का लक्ष्य रखा गया है। इस संकल्प के अंतर्गत राज्य के प्रति व्यक्ति आय को दुगना करना एक करोड़ रोजगार अवसर सृजित करना और महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं एक करोड़ 56 लाख से अधिक महिलाओं सदस्यों को 10000 रुपए की सहायता दी जा चुकी है साथ ही उनके व्यवसाय को और आगे बढ़ाने में मदद करने के लिए ₹2 लाख तक की अधिक सहायता राशि प्राप्त कराई जाएगी जाति आधारित जनगणना में चिन्हित 94 लाख गरीब परिवारों को लघु उत्तरीय योजना के माध्यम से सशक्त बनाने का संकल्प है साथ ही है ।बाजार के विकास से आसानी उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा उद्योग में 50 लाख करोड रुपए का नीति निवेश आकर्षित करने चौथ कृषि रोड मैप में किसानों की आय बढ़ाने मखाना उत्पादन डेरी उद्योग और मदद एवं पशुपालन को प्रोत्साहित करने प्रत्येक प्रखंड में आदर्श विद्यालय और डिग्री कॉलेज स्थापित करने जिला अस्पतालों के सुपर स्पेशलिस्ट आज तक तक ले जाने पांच ने एक्सप्रेसवे और सौर ऊर्जा विस्तार करें शहरी गरीबों के यह सस्ते आवास उपलब्ध कराने तथा पर्यटक और खेलों को विश्वसनीय बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाने को लेकर सरकार संकल्पित है सबका सम्मान जीवनसाथन के अंतर्गत बिहार सरकार है जो जनों के लिए स्वास्थ्य सुविधा उनके परिवार घर पर उपलब्ध कराई गई और संपत्ति पंजीकरण की सुविधा भी घर पर ही प्रदान करेगी जिससे सभी नागरिकों को जीवन सरल सामंजनक और सुरक्षित बनेगा बिहार के अपने विकास के आधार को सशक्त किया है कृषि क्षेत्र में हमारा राज्य देश में अग्रणी है भारत की कुल मखाना उत्पादन का 85% और लीची का 23% बिहार में उत्पादन होता है साथ ही सब्जी और मक्का उत्पादन में स्थान में अग्रणी है हमारा भारत को मखाना उत्पादन का 85% और लीची का 23% बिहार के उत्पादन होता है साथ ही सब्जी एवं मकान उत्पादन में भी राज्य सिर्फ उत्पादकों में शामिल है इसका अतिरिक्त सिंचाई क्षमता का विस्तार करते हुए प्रमुख एवं मध्यम सिंचाई परियोजनाओं के अंतर्गत 70% तथा लघु सिंचाई परियोजनाओं के अंतर्गत 75.2% भूमि को अच्छा दिखित किया गया है और आधारभूत सहाना चुनाव में बड़ा परिवर्तन हुआ है ग्रामीण सड़कों की लंबाई वर्ष 2015-16 के 64205 किलोमीटर से बढ़कर वर्ष 25 26 में 1.19 लाख किलोमीटर हो गई है जिससे बिहार देश में सर्वाधिक सड़क घनत्व वाले राज्यों में शामिल हो गया है ऊर्जा क्षेत्र में बिहार अभाव की स्थिति से निकाल कर उपलब्धता की ओर बढ़ा है और प्रति व्यक्ति विद्युत विद्युत उपभोग वार्षिक 2015 में 203 के ह से बढ़कर 25 में 374 के हो गया है स्वास्थ्य और शिक्षा पर कल्याणकारी व्यय तीन गुना बड़ा है जिसके परिणाम स्वरुप है संस्थागत प्रश्नों में 76.2% की वृद्धि और मातृ मृत्यु अनुपात में 61 अंकों की कमी आई है। जबकि प्राथमिक नामांकन 70% से ऊपर बना हुआ है तथा विश्वविद्यालय और तकनीकी संस्थानों के शुद्धिकरण से उच्च शिक्षा की क्षमता का विस्तार हुआ है महिला सशक्तिकरण की दिशा में जीविका के साथ 11 लाख 45 हजार स्वयं सहायता समूह के माध्यम से एक करोड़ 40 लाख परिवार हुए हैं और 91 लाख सदस्यों को बीमा कवरेज मिला है यह सभी उपलब्धियां बिहार की सतह प्रगति को दर्शाती हैं और इस बजट के अंतर्गत समावेशित एम टिकाऊ विकास के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करती है बिहार का बजट जाकर पिछले कुछ वर्षों में लिखने रूप से बड़ा है जो इस वर्ष 2004-5 गेम 23885 करोड रुपए से बढ़कर 202627 में 347 589.76 करोड रुपए पहुंच गया है या पृथ्वीराज की विकास और संरचना और सामाजिक क्षेत्र में निवेश करने की बढ़ी हुई है क्षमता को दर्शाती है इस दिशा में आगे बढ़ते हुए बिहार को केंद्र सरकार से सतत साशा आयोग की अपेक्षा है जिसे पर्याप्त कार्य बटवारा केंद्र प्राइस करने बटवारा स्कीमों की हेतु अधिक वित्तीय आवंटन बड़े और संरचना एवं कनेक्टिविटी परियोजना के लिए विशेष सहायता के साथ-साथ राज्य की बाढ़ और सुखद जैसी संरचनात्मक चुनौतियों के समाधान हेतु नदियों के परस्पर जो जैसी राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाओं में केंद्रीय सहयोग सुरक्षित ऐसा सहयोग बिहार की विकास यात्रा को नई दिल्ली देगा और जल प्रबंधन कृषि उत्पादन तथा आपदा जोखिम न्यूनीकरण में दीर्घकालीन लाभ सुनिश्चित करेगा एवं राज्य समावेशी विकास की ओर तेजी से आगे बढ़ सकेगा तथा विकसित भारत के संकल्प के साथ समृद्ध और आत्मनिर्भर बिहार के लक्ष्य की और निर्णायक कदम रख सके ।

