बिहार

चैंपियन एसएमई, बायोफार्मा शक्ति, पर्यटन प्रोत्साहन और अवसंरचना विस्तार से भारत के अगले विकास दशक की दिशा तय

बिहार हलचल न्यूज ,जन जन की आवाज
Listen to this article

पटना / भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) बिहार राज्य परिषद ने केंद्रीय बजट वित्त वर्ष 2026–27 का स्वागत करते हुए इसे विकासोन्मुखी एवं दूरदर्शी बजट बताया है, जो भारत की प्रमुख विकास प्राथमिकताओं को मजबूती प्रदान करता है। बजट की प्रमुख राष्ट्रीय घोषणाओं में चैंपियन एसएमई तैयार करने के लिए सरकार की तीन-स्तरीय रणनीति शामिल है, जिसे ₹10,000 करोड़ के एमएसएमई ग्रोथ फंड तथा आत्मनिर्भर भारत फंड के विस्तार से समर्थन मिला है, जिससे उद्यमों को जोखिम पूंजी तक बेहतर पहुंच मिलेगी।

IMG 20260201 122835 चैंपियन एसएमई, बायोफार्मा शक्ति, पर्यटन प्रोत्साहन और अवसंरचना विस्तार से भारत के अगले विकास दशक की दिशा तयबजट में एमएसएमई लेन-देन के लिए टीआरईडीएस को अनिवार्य किया गया है, क्रेडिट गारंटी तंत्र को मजबूत किया गया है, तेजी से वित्तपोषण हेतु जीईएम को जोड़ा गया है तथा रिसीवेबल्स को एसेट-बैक्ड सिक्योरिटीज के रूप में सक्षम बनाकर तरलता बढ़ाने के निर्णायक कदम उठाए गए हैं। स्वास्थ्य क्षेत्र में ₹10,000 करोड़ के परिव्यय के साथ अगले पांच वर्षों के लिए “बायोफार्मा शक्ति” पहल की घोषणा की गई है, जिसका उद्देश्य भारत को वैश्विक बायोफार्मास्यूटिकल विनिर्माण और नवाचार का केंद्र बनाना है। इसके तहत नए एनआईपीईआर, उन्नत ड्रग टेस्टिंग लैब्स तथा 1,000 मान्यता प्राप्त क्लिनिकल ट्रायल साइट्स का नेटवर्क विकसित किया जाएगा। बजट में अवसंरचना पूंजीगत व्यय को बढ़ाकर ₹12.2 लाख करोड़ किया गया है तथा नए जलमार्गों, फ्रेट कॉरिडोर, हाई-स्पीड रेल मार्गों और इंफ्रास्ट्रक्चर रिस्क गारंटी फंड की भी घोषणा की गई है। पर्यटन को रोजगार आधारित विकास का प्रमुख इंजन मानते हुए ₹2,541 करोड़ का आवंटन, 50 प्रमुख पर्यटन स्थलों का विकास, ई-वीजा सुधार और होमस्टे के लिए मुद्रा ऋण सहायता भी प्रस्तावित की गई है।
बिहार के संदर्भ में, सीआईआई का मानना है कि यह बजट एआई आधारित औद्योगिकीकरण, युवा कौशल विकास और टियर-2 एवं टियर-3 शहरों में तेज़ विकास के लिए एक बड़ा अवसर है। एमएसएमई की मजबूती और कॉर्पोरेट मित्रों के माध्यम से सस्ती अनुपालन सहायता हेतु मॉड्यूलर प्रशिक्षण कार्यक्रम बिहार के लघु उद्यमों को सशक्त बनाएंगे। इसके साथ ही, आयुष केंद्रों सहित मेडिकल टूरिज्म हब, क्षेत्रीय मेडिकल हब और पर्यटन अवसंरचना में वृद्धि बिहार की आध्यात्मिक, बौद्ध एवं वेलनेस पर्यटन क्षमता के अनुरूप है। वस्त्र क्षेत्र, क्लस्टर आधुनिकीकरण, केमिकल पार्क, कंटेनर निर्माण और नेशनल फाइबर स्कीम जैसे श्रम-प्रधान क्षेत्रों पर बल राज्य के उभरते जिलों में रोजगार और औद्योगिक विकास को नई गति देगा।
इस बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए, श्री गौरव साह, अध्यक्ष, सीआईआई बिहार राज्य परिषद ने कहा:
“केंद्रीय बजट 2026–27 भविष्य के लिए तैयार और समावेशी अर्थव्यवस्था निर्माण की मजबूत प्रतिबद्धता दर्शाता है। ₹10,000 करोड़ का एमएसएमई ग्रोथ फंड और टीआरईडीएस के माध्यम से तरलता सुधार उद्यमों को टिकाऊ रूप से विस्तार करने में सक्षम बनाएंगे। बिहार के लिए, मेट्रो शहरों से आगे औद्योगिक विस्तार, युवा आधारित कौशल विकास, एआई सक्षम विकास, पर्यटन प्रोत्साहन और स्वास्थ्य अवसंरचना पर फोकस एक परिवर्तनकारी रोडमैप प्रस्तुत करता है। सीआईआई बिहार सरकार और उद्योग जगत के साथ मिलकर इन घोषणाओं को निवेश, रोजगार सृजन और सतत विकास में बदलने हेतु प्रतिबद्ध है।”
सीआईआई बिहार राज्य परिषद एमएसएमई को समर्थन देने, औद्योगिक प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने तथा बिहार को निवेश, नवाचार और पर्यटन आधारित विकास का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेगी।