लड़कियों के मामले धीरे – धीरे सेफ़्टी जोन से बाहर, अब क्या होगा
न्यूज डेस्क
इन दिनों पटना लड़कियों के मामले धीरे धीरे सेफ़्टी जोन से बाहर होता जा रहा हैं। एक तरफ जहा गाँव सुदूर से लड़कियां अपने करियर को पंख लगने की उम्मीद से बड़े बड़े कोचिंगो में दाखिला लेने आती है। वही पहले से घात लगाए कुछ अनैतिक लड़के लड़किया उन्हे आई फोन, हजारों रुपये और रंगीन दुनिया का ख्वाब दिखाकर उन्हे सेक्स रैकेट और नशा खोर गिरोह में शामिल करने में लगे हुवे हैं।
पटना में गर्ल्स हॉस्टल और कोचिंग में सेक्स रैकेट के दलालों की गहरी पैठ है। यहां पर बाहर से पढ़ने आने वाली लड़कियों को पहले अपने चंगुल में फंसाती हैं, फिर वे उसे धंधे में लगाती हैं।
सूत्रों का कहना है कि 16-17 साल की लड़कियों को ये पैसा, फैशन और बदलते जमाने के ऐशो आराम का सपना दिखाकर उनको अपने चंगुल में फंसाती है।
पटना के प्रतिष्ठ कोचिंग संस्थान में पढ़ने आने वाली लड़कियों को मोटिवेट करने के लिए सीनियर लड़कियां कमान संभाली हुई हैं। संस्थान में पढ़ने वाली एक छात्रा ने नाम नहीं छापने की शर्त पर कहा कि कोचिंग संस्थना के लाइब्रेरी में मैं पढ़ रही थी। दो सीनियर दीदी आकर पहले तो मेरी तारीफ किया, फिर उन्होंने आठ-दस लड़कों का फोटो दिखाकर उसपर रेटिंग मांगी।
छात्रा ने कहा कि उसके बाद दोनों दीदी ने मुझे खुलकर कुछ समय बिताने के लिए 25 से 40 हजार रूपया देने का ऑफर दिया। इंकार करने पर वे लोग काफी परेशान भी करती है। छात्रा ने इससे परेशान होकर कोचिंग जाना छोड़ दिया।

