बिहार

सरकारी डॉक्टर के प्रैक्टिस पर रोक लगाने की घोषणा करने वाली सरकार बिहार में बेहतर स्वास्थ्य और चिकित्सा व्यवस्था और सुविधा के प्रति क्या दृष्टिकोण है इसे बताये : एजाज अहमद

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न्यूज डेस्क 

बिहार प्रदेश राष्ट्रीय जनता दल के प्रवक्ता एजाज अहमद ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के द्वारा सरकारी डॉक्टर के प्राइवेट प्रैक्टिस पर रोक लगाई जाने की घोषणा पर कहा कि पहले स्वास्थ्य व्यवस्था को ठीक करें और स्वास्थ्य विभाग जिस तरह से लुंज पुंज हो गया है और स्वास्थ्य विभाग में स्वास्थ्य विभाग को चरमरा दिया है यह स्पष्ट रूप से दिख रहा है। बिहार में पीएमसीएच,एनएमसीएच, डीएमसीएच, श्री कृष्णा मेडिकल कॉलेज मुजफ्फरपुर और भागलपुर मेडिकल कॉलेज की जो व्यवस्था है यह स्पष्ट रूप से दिखाता है कि बिहार में किस तरह से स्वास्थ्य विभाग का कार्य हो रहा है।
एजाज ने आगे कहा कि नीतीश कुमार जी ने आज सरकारी डॉक्टर के प्राइवेट प्रैक्टिस पर रोक लगाने की घोषणा की है इससे पहले भी नीतीश सरकार ने इस तरह की घोषणा की थी लेकिन हुआ क्या फिर से वही स्थिति पैदा कर दी गई इस तरह की स्थिति को लाने में किसकी भूमिका रही है यह स्पष्ट करना चाहिए एनडीए सरकार को क्योंकि एक ही सरकार के द्वारा बार-बार प्राइवेट प्रैक्टिस पर रोक की घोषणा की जाती है लेकिन कुछ दिन बाद किन कर्म से फिर से चालू हो जाता है और इस तरह की स्थिति फिर से कैसे बन जाती है इसमें कहीं ना कहीं कोई बड़े मामले हैं इस पर सरकार को स्पष्ट रूप से अपना दृष्टिकोण स्पष्ट करना चाहिए। साथ ही साथ सरकारी अस्पतालों में बेहतर ढंग से मरीजों को दवा इलाज के लिए उपलब्ध हो। सरकारी अस्पतालों में जांच की सुविधा और हर तरह के तकनीकी सुविधा उपलब्ध करानी चाहिए, जिससे कि गरीब वर्गों को सरकारी अस्पतालों में इलाज में फायदा मिल सके। लेकिन अफसोस की बात है कि जब बड़े अस्पतालों में इस तरह की स्थिति है तो छोटे शहरों में किस तरह की स्थिति होगी । इससे ही समझा जा सकता है सिर्फ खानापुरी के लिए प्राइवेट प्रैक्टिस की घोषणा नहीं की जाए,बल्कि इसके लिए डॉक्टर को भी हर तरह की सुविधा प्रदान की जाए। मरीज के इलाज के लिए उनके पास जो तकनीकी सुविधा होनी चाहिए वह सरकार के स्तर से मुहैया नहीं कराई जाती है जिससे डॉक्टर को कम करने में भी कठिनाई होती है।