मुख्यमंत्री जी किसकी समृद्धि देखने समृद्धि यात्रा पर जा रहे हैं
पटना / राजद के प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए राजद प्रवक्ता चित्तरंजन गगन ने मुख्यमंत्री जी के समृद्धि यात्रा पर सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर मुख्यमंत्री जी किस बिहार की समृद्धि को देखने के लिए यात्रा पर निकले हैं ? चूंकि समृद्धि का मतलब तो हर क्षेत्र में पूर्णता और सम्पन्नता के साथ खुशहाली से होता है।
श्री गगन ने कहा कि मुख्यमंत्री जी उस बिहार में समृद्धि यात्रा निकले हैं जहां अभी भी 34 प्रतिशत परिवार गरीबी रेखा से नीचे जीवन बसर कर रहा है। नीती आयोग के समग्र विकास संकेतकों में बिहार सबसे निचले पायदान पर है। जो देश का तीसरा सबसे गरीब राज्य है, स्वास्थ्य के क्षेत्र में 19 राज्यों में 18 वें स्थान पर है, साक्षरता दर मात्र 61.3 प्रतिशत है, देश की जीडीपी में बिहार की हिस्सेदारी सबसे कम यानी मात्र 4.3 प्रतिशत है, उधोग के मामले में बिहार की हिस्सेदारी मात्र 1.39 प्रतिशत है, मातृ मृत्यु दर, नवजात मृत्यु दर, स्कूल ड्रॉप आउट में बिहार राष्ट्रीय औसत से काफी पीछे है।
राजद प्रवक्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री जी उस बिहार में समृद्धि यात्रा पर निकले हैं जहां अस्पतालों में 60 प्रतिशत डॉक्टरों और 40 प्रतिशत नर्सिंग स्टाफों के पद खाली हैं, विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में आधे से ज्यादा शिक्षकों के पद रिक्त हैं, प्राथमिक से लेकर उच्च माध्यमिक विद्यालयों में तीन लाख से ज्यादा शिक्षकों के पद खाली हैं, हजारों विद्यालय आज भी भवनहीन है। हत्या और गैंगरेप के मामले में टॉप टू सेकेंड हैं , तीन करोड़ से ज्यादा लोग रोजी-रोटी के लिए दूसरे राज्यों में पलायन कर चुके हैं।
राजद प्रवक्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री जी यात्रा पर निकले हैं, अच्छी बात है, हम उसका स्वागत करते हैं।पर अपनी यात्रा का नामकरण ‘समृद्धि यात्रा’ कर ‘समृद्धि’ शब्द का मजाक न बनाएं और बिहार को भी अपमानित न करें।
राजद प्रवक्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री जी को अपनी पिछली यात्राओं का ईमानदारी से समीक्षा भी करनी चाहिए। 2024 के दिसम्बर और 2025 के जनवरी महीने में वे ‘प्रगति यात्रा’ पर गये थे। उस यात्रा के दौरान उनके द्वारा 50,000 करोड़ की कुल 430 योजनाओं की घोषणा की गई थी, उसमें अधिकांश योजनाएं केवल विज्ञापन और प्रोपगंडा बन कर रह गया। 2015 की महागठबंधन सरकार के समय शुरू की गई सात निश्चय कार्यक्रम के तहत नल-जल और गली सम्पर्क जैसी योजनाएं महागठबंधन सरकार के जाने के साथ हीं भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई। पिछले पांच वर्षों में 50 लाख नौकरी और रोजगार के दावे भी पूरे तौर से झूठे हैं। सत्रह महिने के महागठबंधन सरकार के समय हुए लगभग पांच लाख नौकरियों को छोड़ दिया जाए तो एक लाख का आंकड़ा पहुंचना भी मुश्किल है। यदि सही है तो मुख्यमंत्री जी अपनी यात्रा के दौरान विभागवार हुई बहाली एवं दिए गए रोजगार का आंकड़ा जारी कर दें।
राजद प्रवक्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री जी अबतक न्याय यात्रा ,अधिकार यात्रा,संकल्प यात्रा ,विकास यात्रा ,विश्वास यात्रा, प्रवास यात्रा ,निश्चय यात्रा ,सामाजिक सुधार यात्रा और प्रगति यात्रा जैसे नाम पर पन्द्रह यात्राएं कर चुके हैं। समृद्धि यात्रा उनकी 16 वीं यात्रा है। पिछले बीस वर्षों से बिहार के मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने अबतक जितनी भी यात्राएं की है वे घोषणाओं के अनुरूप वास्तविक रूप से सरजमीं पर यदि कार्यान्वित हुआ रहता तो निश्चित रूप से आज समृद्धि यात्रा की सार्थकता समझ में आता। पर स्थिति तो ठीक इसके विपरित हीं नहीं बल्कि उससे भी ज्यादा भयावह है। उनके यात्राओं के बारे में या तो उन्हें गलत जानकारी दी जा रही है या वे खुद गलतफहमी के शिकार हैं अथवा लोगों को हीं गुमराह किया जाता रहा है। यात्रा के दौरान न तो वे आमलोगों से मिल पाते हैं और न अपने अनुसार रेंडम किसी योजना का हीं निरीक्षण करते हैं। उन्हें उन्हीं लोगों से मिलाया जाता है और उन्हीं योजनाओं को दिखाया जाता है जिन्हें पदाधिकारी पहले से चिन्हित किए हुए रहते हैं। जिसे देखकर भले हीं वे आत्ममुग्ध हो जाएं पर जनता तो ठगी हीं जाती है। चुंकि वह सब दिखावटी और बनावटी रहता है जिसका मियाद मात्र कुछ घंटों का हीं होता है। मुख्यमंत्री जी के जाने के बाद फिर वही जैसा का तैसा वाली स्थिति हो जाती है।
प्रेस वार्ता में श्री गगन के साथ हीं पार्टी के प्रदेश महासचिव भाई अरुण, डॉ प्रेम गुप्ता, संजय यादव, प्रमोद राम , अभिषेक कुमार एवं पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष विजय यादव उपस्थित थे।

