सीमावर्ती युवाओं को राष्ट्र सेवा हेतु तैयार करने की दिशा में सशक्त पहल :SSB
शंकर प्रसाद कि रिपोर्ट
मधुबनी/जयनगर सीमावर्ती क्षेत्र के युवाओं को सशस्त्र बलों में भर्ती हेतु सक्षम एवं आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के अंतर्गत 48वीं वाहिनी, सशस्त्र सीमा बल, जयनगर द्वारा समवाय दूलीपट्टी के माध्यम से डीबी कॉलेज, जयनगर में छह दिवसीय Pre-Recruitment Training (For Selection in Forces) का विधिवत उद्घाटन आज दिनांक 13 जनवरी 2026 को किया गया।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन 48वीं वाहिनी, सशस्त्र सीमा बल, जयनगर के कमांडेंट श्री गोविंद सिंह भंडारी द्वारा किया गया। उद्घाटन अवसर पर अपने संबोधन में कमांडेंट महोदय ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्र के युवाओं में अपार क्षमता, अनुशासन एवं देशभक्ति की भावना निहित है, जिसे सही मार्गदर्शन एवं प्रशिक्षण के माध्यम से राष्ट्र सेवा में परिवर्तित किया जा सकता है।
कमांडेंट श्री गोविंद सिंह भंडारी ने अपने ओजस्वी, अनुशासनप्रिय एवं प्रेरणादायक व्यक्तित्व से उपस्थित युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि सशस्त्र बलों में चयन केवल शारीरिक क्षमता का परिणाम नहीं होता, बल्कि यह मानसिक दृढ़ता, ईमानदारी, अनुशासन एवं राष्ट्र के प्रति अटूट समर्पण की कसौटी है। उन्होंने प्रशिक्षण में भाग ले रहे सभी युवाओं से इस अवसर का पूर्ण लाभ उठाने तथा कठिन परिश्रम एवं सकारात्मक सोच के साथ अपने लक्ष्य की ओर अग्रसर होने का आह्वान किया।
इस छह दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में सीमावर्ती क्षेत्र के 125 योग्य, ऊर्जावान एवं अनुशासित युवा प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को शारीरिक दक्षता, लिखित परीक्षा एवं चिकित्सा परीक्षण से संबंधित सभी मापदंडों की वैज्ञानिक एवं सुव्यवस्थित तैयारी कराई जाएगी।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम रमा फाउंडेशन के सहयोग से संचालित किया जा रहा है, जिसके अनुभवी प्रशिक्षकों द्वारा युवाओं को परीक्षा-उन्मुख एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में आत्मविश्वास, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता एवं राष्ट्र सेवा की भावना को सुदृढ़ करना है।
कार्यक्रम में डीबी कॉलेज, जयनगर के आदरणीय प्राचार्य डॉ. संजय कुमार पासवान, माननीय जिला पार्षद श्रीमती अंजली कुमारी, रमा फाउंडेशन के डायरेक्टर श्री दिवेश कुमार पांडे, 48वीं वाहिनी के अधिकारी, जवान तथा बड़ी संख्या में युवा प्रतिभागी उपस्थित रहे। सभी अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति से कार्यक्रम को विशेष प्रेरणा एवं गरिमा प्राप्त हुई।
अपने संबोधन के अंत में कमांडेंट महोदय ने सभी 125 प्रतिभागियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम आने वाले समय में अनेक युवाओं को सशस्त्र बलों में चयन हेतु एक सशक्त आधार प्रदान करेगा।
48वीं वाहिनी, सशस्त्र सीमा बल, जयनगर सीमावर्ती क्षेत्र के युवाओं को राष्ट्र सेवा के लिए तैयार करने के अपने दायित्व पर सदैव प्रतिबद्ध है तथा भविष्य में भी इस प्रकार के जनकल्याणकारी एवं राष्ट्र निर्माण से जुड़े कार्यक्रम आयोजित करती रहेगी।

