देश - विदेश

बिहार सरकार खजाने के लूट का श्वेत पत्र जारी करें : राजद

बिहार हलचल न्यूज ,जन जन की आवाज
Listen to this article

पटना /बिहार प्रदेश राष्ट्रीय जनता दल के मुख्य प्रवक्ता श्री शक्ति सिंह यादव ने प्रदेश प्रवक्ता एजाज अहमद, श्रीमती मधु मंजरी, श्री अरुण कुमार यादव, श्री प्रमोद कुमार सिन्हा एवं अति पिछड़ा प्रकोष्ठ के प्रदेश प्रवक्ता श्री उपेन्द्र चंद्रवंशी की उपस्थिति में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार के खजाने को लुटाने की साजिश है और राज्य के खजाने की फिजुलखर्ची की जा रही है । इस तरह की फिजुलखर्ची के कारण ही बिहार पर 3 लाख करोड़ से ऊपर का कर्जा है। जिसके कारण प्रति व्यक्ति पर 25 हजार रुपए का कर्जा है। जहां महिलाओं को दस हजार रुपए देकर चुनावी लाभ लेने का कार्य किया गया वहीं अब महिलाओं के खाते में दो लाख रुपए देने की जो वायदे किये गए थे, उस पर सरकार के स्तर से कोई बातें नहीं की जा रही है। जबकि महिलाओं को दो लाख की राशि दिए जाने पर दो लाख 70 हजार करोड़ रूपये अतिरिक्त आर्थिक बोझ सरकार को वहन करना होगा, वही वेतन मद का एक लाख 05 हजार रुपए देना पड़ेगा। दोनों मिलाकर 3:45 लाख करोड़ रुपए की आवश्यकता पड़ेगी ,जबकि बिहार का कुल बजट 3 लाख करोड रुपए का ही है।
श्री शक्ति यादव ने आगे कहा कि सरकार खजाने की खर्चे पर श्वेत पत्र जारी करे और सच्चाई से बिहार की जनता को जानकारी दें। बिहार में होने वाले फिजुलखर्ची के कारण लोगों में इस बात की चर्चा है कि आखिर बिहार निवास को तोड़कर फिर से बनाने में सरकार की मंशा क्या है।
इन्होंने आगे कहा कि जहां राज्य सरकार की ओर से बिहार निवास को तोड़कर नए तरीके से बिहार निवास के निर्माण की बात की जा रही है, जबकि इसकी आयु अभी 32 वर्ष का ही है। सरकार को स्पष्ट करना चाहिए की इतनी मजबूत इमारत को तोड़ने की आखिर आवश्यकता क्यों पड़ रही है ।
श्री शक्ति यादव ने आगे कहा कि लालू जी के नाम से जो शिला पट्ट लगा हुआ है, उसको हटाने की दृष्टि के कारण ही इस तरह के कार्य किये जा रहे हैं। लालू जी के नाम से जो बोर्ड लगा है, उसकी पीड़ा कहीं ना कहीं सत्तारूढ़ दल में दिख रही है। सरकार में बैठे हुए लोगों को यह समझना चाहिए की सरकार के खजाने पर सभी का अधिकार है । सरकार को यह बताना चाहिए सरकार के खजाने किसी का जागीर नहीं है। सरकार में बैठे हुए लोग ईर्ष्या और जलन के कारण मजबूत इमारत को धराशाई करके नया इमारत इसलिए बनाने की बात की जा रही है क्योंकि इसमें लालू जी के प्रति ईर्ष्या और जलन स्पष्ट रूप से दिख रही है। बिहार निवास का निर्माण 1994 में हुआ था जबकि बिहार भवन 90 साल पुराना है ।और बिहार सदन जो बनाया गया है वह माचिस के डिब्बी की तरह दिखती है ।
इन्होंने आगे कहा कि सरकार बिहार में एजुकेशन हब का निर्माण क्यों नहीं कर रही है। ईर्ष्या और जलन के कारण बिहार निवास का निर्माण नाम मिटाने की कार्रवाई चल रही है, जबकि भाजपा के द्वारा इस तरह के मामलों में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई जा रही है । नीतीश कुमार के लोग चाहते हैं कि उनका नाम शिला पट्ट पर उल्लिखित हो, इसलिए बिहार निवास को तोड़ने की बात की जा रही है। राज्य के खजाने को लूटने की साजिश है ।
राष्ट्रीय जनता दल आम जनता के बीच इस मुद्दे को ले जाने के प्रतिप्रतिबद्ध है,हम राज्य के खजाने को बचाने के लिए संकल्पित है।