अगर कुशवाहा की पार्टी टूटती है तो क्या वे इसके लिए भाजपा को जिम्मेदार मानेंगे
सुरेंद्र सिंह की रिपोर्ट
पटना/अगर उपेन्द्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा में टूट-फूट होती है तो क्या एनडीए में उनका कद पहले की तरह रह पाएगा।अगर कुशवाहा की पार्टी टूटती है तो क्या वे इसके लिए भाजपा को जिम्मेदार मानेंगे।बड़ी मुश्किल के बाद तो उनका भाजपा से पैचअप हुआ है। अगर उनकी तकरार फिर भाजपा से होती है तो बहुत कुछ दांव पर लग जाएगा। उनके मंत्री पुत्र दीपक प्रकाश को भाजपा कोटे से ही विधान परिषद में जाना है। अगर भाजपा ने नहीं भेजा तो कहीं उन्हें भी बीपी मंडल की तरह मंत्री छोड़ना न पड़ जाए।
वैसे तो दवा मर्ज का इलाज है लेकिन कभी कभी दवा ही दर्द का कारण बन जाती है। उपेन्द्र कुशवाहा ने अपने पुत्र दीपक प्रकाश को मंत्री बनने पर एक सफाई दी थी। उन्होंने कहा था, मैं बड़ी मेहनत से पार्टी खड़ा करता हूं। विधायक, सांसद जीतते हैं। लेकिन बीच में पार्टी छोड़ कर अलग हो जाते हैं। इसलिए पार्टी बचाने के लिए मैंने अपने पुत्र को मंत्री बनाया। लेकिन हुआ उल्टा। दवा ही दर्द का कारण बन गयी। इस औषधि (पुत्र को मंत्री बनाना) से पार्टी की सेहत ठीक होने की बजाय और बिगड़ गयी।

