बिहार

जब से हमलोगों की सरकार बनी, तब से राज्य में कानून का राज है और लगातार 20 वर्षों से सभी क्षेत्रों और सभी वर्गों के ।। 2..मुख्यमंत्री ने ऊर्जा विभाग के अन्तर्गत बिहार स्टेट पावर (होल्डिंग) कंपनी लिमिटेड एवं अनुषंगी कपंनियों में नवचयनित 2390 अभ्यर्थियों को प्रदान किया नियुक्ति पत्र

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पटना /जब से हमलोगों की सरकार बनी, तब से राज्य में कानून का राज है और लगातार 20 वर्षों से सभी क्षेत्रों और सभी वर्गों के विकास के लिए काम किया गया है। मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि राज्य में सुशासन के कार्यक्रमों के अन्तर्गत सात निश्चय (2015-2020) और सात निश्चय-2 (2020-2025) में न्याय के साथ विकास से जुड़े निर्धारित लक्ष्यों को हासिल करने के बाद बिहार को सर्वाधिक विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल करने हेतु अब सात निश्चय-3 कार्यक्रमों को लागू करने का निर्णय लिया गया है।

1. दोगुना रोजगार- दोगुनी आय

सात निश्चय-3 का पहला निश्चय ‘दोगुना रोजगार- दोगुनी आय’ रखा गया है। इसका उद्देश्य राज्य की प्रति व्यक्ति औसत आय को दोगुना करना है। इसके लिए कई कार्यक्रमों एवं योजनाओं को लागू किया गया है। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत हमलोग राज्य की महिलाओं को स्वरोजगार के लिए 10 हजार रूपए दे रहे हैं। इस योजना के लाभुकों को अपना रोजगार आगे बढ़ाने के लिए 02 लाख रूपए तक की सहायता दी जाएगी। हमलोगों ने वर्ष 2023 में राज्य में जाति आधारित गणना के साथ सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण भी कराया था, जिसमें चिह्नित 94 लाख गरीब परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार योजनाओं से आच्छादित किया जाएगा तथा आवश्यकतानुसार अतिरिक्त वित्तीय सहायता भी प्रदान की जाएगी। बिहार के उत्पादों की ब्रिक्री के लिए हाट-बाजारों को विकसित किया जाएगा। अगले पांच वर्षों में 1 करोड़ युवाओं के लिए नौकरी और रोजगार के अवसर पैदा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए वर्तमान में अलग से युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग का गठन किया जा चुका है।

2. समृद्ध उद्योग-सशक्त बिहार

सात निश्चय-3 का दूसरा निश्चय ‘समृद्ध उद्योग- सशक्त बिहार’ है। इसके तहत राज्य में तेजी के उद्योगों के विकास के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में तीन उच्चस्तरीय समितियों का गठन किया जा चुका है। इन समितियों के गठन का मुख्य उद्देश्य है- बिहार को पूर्वी भारत का नया प्रौद्योगिकी केंद्र (Tech Hub) बनाना, बिहार को विश्वस्तरीय कार्य स्थल (Work Place) के रूप में विकसित करना और राज्य के प्रतिष्ठित उद्यमियों तथा प्रतिभाशाली युवाओं को राज्य के अंदर उद्योग लगाने के लिए प्रोत्साहित करना है। राज्य के सभी जिलों में उद्योग लगाने के लिए औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जा रहा है। हमलोगों ने अगले 05 वर्षों में राज्य में कम से कम 50 लाख करोड़ का निजी निवेश सुनिश्चित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। वर्तमान नई सरकार बनने के बाद राज्य में उद्योग विभाग के अंतर्गत छोटे उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए नए सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग निदेशालय का गठन किया गया है तथा राज्य के स्थानीय उत्पादों के निर्यात एवं बाजार विकास के लिए एक नए बिहार विपणन प्रोत्साहन निगम की स्थापना की गई है। हमलोगों ने निर्णय लिया है कि बंद पड़ी 9 चीनी मिलों को चरणबद्ध रूप से चालू किया जाएगा तथा 25 नई चीनी मिलों की स्थापना भी की जाएगी।

3. कृषि में प्रगति-प्रदेश की समृद्धि

सात निश्चय-3 का तीसरा निश्चय ‘कृषि में प्रगति- प्रदेश की समृद्धि’ है। इसके तहत किसानों की आय बढ़ाने के लिए वर्ष 2024 से 2029 के लिए गठित चौथे कृषि रोड मैप के काम में और तेजी लाई जाएगी। साथ ही मखाना रोड मैप बनाकर मखाना के उत्पादन एवं प्रसंस्करण को बढ़ावा दिया जाएगा। डेयरी एवं मत्स्य पालन पर विशेष जोर दिया जाएगा तथा राज्य के सभी गावों में दुग्ध उत्पादन समितियों का गठन एवं प्रत्येक पंचायत में ‘‘सुधा‘‘ बिक्री केंद्र की स्थापना की जाएगी। साथ ही हर खेत तक सिंचाई का पानी पहुंचाने के काम को और आगे बढ़ाया जाएगा।

4. उन्नत शिक्षा-उज्ज्वल भविष्य

सात निश्चय-3 का चौथा निश्चय ‘उन्नत शिक्षा-उज्ज्वल भविष्य’ है। इसके तहत राज्य में अलग उच्च शिक्षा विभाग का गठन कर दिया गया है। अब राज्य के पुराने प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जाएगा तथा राज्य में नई एजुकेशन सिटी का निर्माण भी किया जाएगा।

5. सुलभ स्वास्थ्य-सुरक्षित जीवन

सात निश्चय-3 का पांचवां निश्चय ‘सुलभ स्वास्थ्य- सुरक्षित जीवन’ है। इसके तहत प्रखंड सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को विशिष्ट चिकित्सा केंद्र (Speciality Hospital) के रूप में तथा जिला अस्पतालों को अति विशिष्ट चिकित्सा केंद्र (Super Speciality Hospital) के रूप में विकसित किया जाएगा। राज्य के नए मेडिकल कॉलेजों एवं अस्पतालों में बेहतर पढ़ाई एवं इलाज के लिए लोक-निजी भागीदारी को प्रोत्साहित किया जाएगा। दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करने के लिए चिकित्सकों को अलग से प्रोत्साहन की व्यवस्था एवं सरकारी चिकित्सकों की निजी प्रैक्टिस पर रोक लगाने की नीति लाई जाएगी।

  • 6. मजबूत आधार-आधुनिक विस्तार

सात निश्चय-3 का छठा निश्चय ‘मजबूत आधार-आधुनिक विस्तार’ है। इसके तहत राज्य में शहरी क्षेत्रों का विस्तार एवं नागरिक सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण किया जाएगा। साथ ही, नए आधुनिक नियोजित शहरों का विकास किया जाएगा तथा शहरी गरीबों के लिए सस्ते आवास की व्यवस्था की जाएगी। शहरों में सुलभ संपर्कता के लिए 5 नई एक्सप्रेस-वे सड़कों का निर्माण और ग्रामीण सड़कों का चरणबद्ध तरीके से 2 लेन चौड़ीकरण कराया जाएगा। इसके अतिरिक्त विद्युत से जुड़ी आधारभूत संरचनाओं का सुदृढ़ीकरण एवं सभी इच्छुक लोगों के घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाकर सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही राज्य के पर्यटन स्थलों को विकसित कर राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर के पर्यटन स्थलों के रूप में स्थापित किया जाएगा। पर्यटन स्थलों को जोड़ने वाले सर्किट में सभी प्रकार की पर्यटकीय सुविधाओं का विकास किया जाएगा। इसके अतिरिक्त राज्य में महत्वपूर्ण स्थलों पर हिंदी और क्षेत्रीय भाषाओं में फिल्मों की शूटिंग के लिए फिल्म सिटी का निर्माण तथा फिल्म व्यवसाय को प्रोत्साहित किया जाएगा। पटना में विश्वस्तरीय स्पोर्ट्स सिटी के निर्माण के साथ ही राज्य के सभी जिलों में खेलों के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की जाएगी। राज्य में राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन भी कराया जाएगा। साथ ही प्रगति यात्रा से संबंधित 430 स्वीकृत योजनाओं तथा सात निश्चय-2 के बचे कार्यों को तेजी से पूरा किया जाएगा।

7. सबका सम्मान-जीवन आसान

सात निश्चय-3 का सातवां तथा अंतिम निश्चय ‘सबका सम्मान-जीवन आसान’ (Ease of Living) है। इसके तहत राज्य में आधुनिक तकनीक, नवाचार एवं संवेदनशील सुशासन के माध्यम से राज्य के सभी नागरिकों के जीवन को आसान बनाने हेतु कार्य किया जाएगा।

मुझे पूरा भरोसा है कि सात निश्चय-3 के कार्यक्रमों के क्रियान्वयन से विकसित बिहार के संकल्प को पूरा करने में मदद मिलेगी तथा बिहार सर्वाधिक विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल हो जाएगा।

 

2.मुख्यमंत्री ने ऊर्जा विभाग के अन्तर्गत बिहार स्टेट पावर (होल्डिंग) कंपनी लिमिटेड एवं अनुषंगी कपंनियों में नवचयनित 2390 अभ्यर्थियों को प्रदान किया नियुक्ति पत्र

पटना/ मुख्यमंत्री  नीतीश कुमार ने विद्युत भवन में आयोजित कार्यक्रम में ऊर्जा विभाग के अन्तर्गत बिहार स्टेट पावर (होल्डिंग) कंपनी लिमिटेड एवं अनुषंगी कपंनियों में नवचयनित 2390 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया। इसमें 1810 तकनीशियन, 512 पत्राचार लिपिक तथा 68 भंडार सहायक कर्मी शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने सांकेतिक रूप से 03 अभ्यर्थियों- श्री सन्नी साकेत, श्री आशुतोष कुमार एवं श्री मोहित कुमार भट्ट को नियुक्ति पत्र प्रदान किया।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि आज नियुक्ति पत्र पानेवाले सभी अभ्यर्थियों को मैं बधाई एवं शुभकामनाएं देता हूँ। आप सभी से उम्मीद करता हूँ कि पूरी मेहनत और लगन से काम करेंगे तथा बिहार को और आगे बढ़ायेंगे। उन्होंने कहा कि हमलोगों के द्वारा शुरू से ही युवाओं को सरकारी नौकरी एवं रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। वर्ष 2005 से वर्ष 2020 के बीच 8 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी गयी। वर्ष 2020 में सात निश्चय-2 के तहत 10 लाख नौकरी एवं 10 लाख रोजगार देना तय किया गया था जिसके तहत हमलोगों ने 10 लाख नौकरी एवं 40 लाख रोजगार यानी कुल 50 लाख नौकरी एवं रोजगार उपलब्ध कराया। अब हमने तय किया है कि अगले पांच वर्ष में इसका दोगुना यानी एक करोड़ नौकरी एवं रोजगार उपलब्ध करायेंगे। सरकार इस पर तेजी से काम कर रही है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री के समक्ष राज्य में पम्प्ड स्टोरज प्रोजेक्ट के अधिष्ठापन हेतु एकरारनामे पर हस्ताक्षर किया गया। राज्य में ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ करने और नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बिहार सरकार द्वारा पम्प स्टोरेज पॉलिसी-2025 लागू की गई है। इस नीति के आधार पर बिहार स्टेट पॉवर जेनेरेशन कंपनी लिमिटेड द्वारा दो एजेंसियों मेसर्स ग्रीनको एवं मेसर्स सन पेट्रो का चयन किया गया है। ये दोनों परियोजनाएँ नवादा जिले के पहाड़ी क्षेत्रों में प्रस्तावित हैं, जहाँ प्राकृतिक ऊँचाई का अंतर पम्प स्टोरेज व्यवस्था के लिए अनुकूल है। ग्रीनको द्वारा प्रस्तावित परियोजना की ऊर्जा भंडारण क्षमता 7 हजार 308 मेगावाट तथा सनपेट्रो परियोजना की क्षमता 6 हजार 973 मेगावाट है। इस प्रकार दोनों परियोजनाओं की क्षमता 14 हजार 281 मेगावाट है।

इन दोनों परियोजनाओं से राज्य में 13 हजार करोड़ रूपये का निवेश होगा। परियोजना के निर्माण चरण में लगभग 8 हजार लोगों को रोजगार प्राप्त होगा। इन परियोजनाओं के माध्यम से बिहार को नवीन ऊर्जा के एकीकरण, उच्चतम मांग प्रबंधन एवं ग्रिड स्थिरता बनाए रखने की अभूतपूर्व क्षमता प्राप्त होगी। इससे बिजली उपभोक्ताओं को सस्ती दर पर बिजली प्राप्त होगी। राज्य सरकार की पम्प स्टोरेज नीति से शुरू हुई यह पहल भविष्य में बिहार को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर एवं तकनीकी रूप से सक्षम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री ने नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम के पूर्व विद्युत भवन स्थित स्टेट लोड डिस्पैच सेन्टर (SLDC-State Load Dispatch Center) का निरीक्षण किया और वहां की व्यवस्थाओं की जानकारी ली।

ज्ञातव्य है कि बिहार राज्य में सभी श्रेणी के बिजली उपभोक्ताओं को निरंतर एवं गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्वित करने हेतु राज्य एवं राज्य के बाहर कार्यरत विद्युत उत्पादन केन्द्रों, संचरण कंपनियों एवं वितरण कंपनियों के बीच समन्वय स्थापित करने के लिए स्टेट लोड डिस्पैच सेन्टर (SLDC-State Load Dispatch Center) की स्थापना की गई है। विद्युत भवन, पटना के चौथी मंजिल पर स्थित यह केन्द्र राज्य में विद्युत व्यवस्था को सुचारू बनाये रखने के लिए दिन-रात संचालित रहता है। इसमें प्रतिदिन तीन पालियों में संचरण एवं वितरण के विद्युत अभियंताओं के द्वारा राज्य के सभी बिजली उपकेन्द्रों के साथ समन्वय स्थापित कर बिजली की वास्तविक उपलब्धता एवं आवश्यकता के आधार पर पावर सिस्टम का संचालन सुनिश्चित किया जाता है।

पूर्वी क्षेत्र में बिहार इस प्रकार की व्यवस्था लागू करने वाला प्रथम राज्य है। इससे राज्य के अंतर्गत ऊर्जा अंकेक्षण (Energy Accounting) में पारदर्शिता आयी और सटीक मीटर रिपोर्टिंग दर्ज की गई जिससे राज्य के ट्रांसमिशन लॉस तथा बिलिंग में सुधार हुआ।

राज्य में विद्युत उत्पादकों से क्रय की जानेवाली बिजली का समुचित उपयोग हो तथा राज्य के लोगों को लोड शेडिंग के कारण बिजली कटौती का कम से कम सामना करना पड़े, इसके लिए इस केन्द्र में एक नयी तकनीक ऑटोमेटेड सिस्टम बैलेंसिंग मेकेनिज्म (ASBM-Automated System Balancing Mechanism) को अधिष्ठापित किया गया है। इस प्रकार बिहार में विद्युत आपूर्ति की रियल टाईम मॉनिटरिंग की जा रही है। यह प्रणाली पूरे देश में प्रथम एवं एक नया प्रयोग है।

इस केन्द्र ने साईबर सुरक्षा में भी पूरे देश में अग्रणी भूमिका निभाई है। साईबर सुरक्षा के मानदण्डों का अनुपालन करते हुए साईबर सिक्यूरिटी ऑपरेशन सेन्टर की स्थापना विद्युत भवन प्रांगण में की गई है। यह देश का पहला केन्द्र है,

जो Artificial Intelligence (AI) और Machine Learning (ML) के साथ लैस होकर 24X7 साईबर सुरक्षा हेतु कार्यरत है। गत वर्ष इसे देश के उत्कृष्ट केन्द्र के सम्मान से पुरस्कृत किया गया है।

कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी, उप मुख्यमंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा, जल संसाधन सह संसदीय कार्यमंत्री श्री विजय कुमार चौधरी, ऊर्जा मंत्री श्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार, बिहार विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष श्री आमिर सुबहानी, मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के सचिव श्री कुमार रवि, ऊर्जा विभाग के सचिव श्री मनोज कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ० चन्द्रशेखर सिंह, नॉर्थ बिहार पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कम्पनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक श्री राहुल कुमार, साउथ बिहार पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कम्पनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक श्री महेन्द्र कुमार, जिलाधिकारी डॉ० त्यागराजन एस०एम० सहित अन्य वरीय अधिकारी एवं नियुक्ति पत्र प्राप्त करनेवाले नवचयनित अभ्यर्थी उपस्थित थे।